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अनियंत्रित शुगर से पोस्ट कोविड समस्याएं हो रहीं गंभीर
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नई दिल्ली। पोस्ट कोविड समस्याएं विकराल रूप ले रही हैं। कई मरीजों को संक्रमण से ठीक होने के तीन से चार महीने बाद तक सांस लेने में तकलीफ, थकावट, सिर दर्द समेत कई अन्य परेशानियां बनी हुई हैं। अस्पतालों में आने वाले जिन रोगियों को यह परेशानियां हैं उनमें से अधिकतर के शरीर में शुगर का स्तर नियंत्रण में नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि अनियंत्रित शुगर स्तर से पोस्ट कोविड समस्याएं गंभीर बन रही हैं। ऐसे में मरीजों को अपने खान-पान और जीवनशैली को ठीक रखने की जरूरत है।
राजीव गांधी अस्पताल के पोस्ट कोविड क्लीनिक मेें तैनात डॉक्टर विकास कुमार बताते हैं कि कोरोना वायरस सीधे तौर पर पैंक्रियाज में इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर असर डालते हैं। प्रत्येक सप्ताह क्लीनिक में चार से पांच पोस्ट कोविड मरीज शुगर के बढ़े हुए स्तर की समस्या के साथ आ रहे हैं। इन सभी रोगियों को लंबे समय से पोस्ट कोविड रोगों की परेशानी है। जिन रोगियों को कोविड के इलाज के दौरान स्टेरॉयड दिए गए थे उनको यह परेशानी सबसे ज्यादा हो रही है।
एम्स के डॉक्टर युद्धवीर सिंह बताते हैं कि बढ़ा हुआ शुगर स्तर शरीर के सभी अंगों को प्रभावित करता है। यही कारण है कि पोस्ट कोविड मरीजों को स्वस्थ होने में काफी समय लग रहा है। शुगर स्तर को नियंत्रित रखने के लिए मरीजों को दवाएं दी जा रही हैं। हालांकि कुछ रोगियों में यह समस्या लगातार बनी हुई है। कोरोना के इलाज के दौरान स्टेरॉयड के सेवन से भी मरीजों में शुगर की मात्रा बढ़ी है।
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जिन लोगों में डायबिटीज के लक्षण कभी नहीं थे, उनमें भी संक्रमण के बाद तेजी से शुगर के स्तर में इजाफा हुआ है। ऐसे में जो मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं सबसे पहले उनको शुगर नियंत्रित रखने की दवाएं दी जा रही हैं। अगर बीमारी को पूरी तरह ठीक करना है तो बढ़े हुए शुगर स्तर को लगातार सामान्य रखने की जरूरत है।
कोविड के चलते बढ़ा शुगर स्तर
एम्स में इलाज के लिए पहुंचे नितिन पराशर (बदला हुआ नाम) ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में काम करते हैं और उन्हें कोविड के बाद डायबिटीज हुआ है। उन्होंने बताया कि उन्हें हल्का संक्रमण हुआ था, इलाज के दौरान मुझे स्टेरॉयड नहीं दिया गया था, लेकिन जब वह कोविड से ठीक हुए तो डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर में शुगर का स्तर बढ़ गया है। तीन सप्ताह बाद भी शुगर स्तर काफी ज्यादा था। अब वह डायबिटीज की दवाएं ले रहे हैं।
जांच बेहद जरूरी
फोर्टिस अस्पताल की मेडिसिन विभाग की डॉक्टर विनीता तनेजा ने बताया कि कोरोना से संक्रमित हुए प्रत्येक मरीज को डायबिटीज की जांच करानी चाहिए। खासकर जिन लोगों को लंबे समय से पोस्ट कोविड समस्याएं बनी हुई हैं, उन्हें अपने शुगर स्तर की नियमित तौर पर जांच करनी चाहिए।
कोरोना से ठीक होने के 180 दिनों के भीतर शुगर लेवल को नियंत्रित करना बेहद आवश्यक है। शुगर स्तर 70 और 180 तक होना चाहिए। मरीजों को अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
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राजीव गांधी अस्पताल के पोस्ट कोविड क्लीनिक मेें तैनात डॉक्टर विकास कुमार बताते हैं कि कोरोना वायरस सीधे तौर पर पैंक्रियाज में इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर असर डालते हैं। प्रत्येक सप्ताह क्लीनिक में चार से पांच पोस्ट कोविड मरीज शुगर के बढ़े हुए स्तर की समस्या के साथ आ रहे हैं। इन सभी रोगियों को लंबे समय से पोस्ट कोविड रोगों की परेशानी है। जिन रोगियों को कोविड के इलाज के दौरान स्टेरॉयड दिए गए थे उनको यह परेशानी सबसे ज्यादा हो रही है।
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एम्स के डॉक्टर युद्धवीर सिंह बताते हैं कि बढ़ा हुआ शुगर स्तर शरीर के सभी अंगों को प्रभावित करता है। यही कारण है कि पोस्ट कोविड मरीजों को स्वस्थ होने में काफी समय लग रहा है। शुगर स्तर को नियंत्रित रखने के लिए मरीजों को दवाएं दी जा रही हैं। हालांकि कुछ रोगियों में यह समस्या लगातार बनी हुई है। कोरोना के इलाज के दौरान स्टेरॉयड के सेवन से भी मरीजों में शुगर की मात्रा बढ़ी है।
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जिन लोगों में डायबिटीज के लक्षण कभी नहीं थे, उनमें भी संक्रमण के बाद तेजी से शुगर के स्तर में इजाफा हुआ है। ऐसे में जो मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं सबसे पहले उनको शुगर नियंत्रित रखने की दवाएं दी जा रही हैं। अगर बीमारी को पूरी तरह ठीक करना है तो बढ़े हुए शुगर स्तर को लगातार सामान्य रखने की जरूरत है।
कोविड के चलते बढ़ा शुगर स्तर
एम्स में इलाज के लिए पहुंचे नितिन पराशर (बदला हुआ नाम) ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में काम करते हैं और उन्हें कोविड के बाद डायबिटीज हुआ है। उन्होंने बताया कि उन्हें हल्का संक्रमण हुआ था, इलाज के दौरान मुझे स्टेरॉयड नहीं दिया गया था, लेकिन जब वह कोविड से ठीक हुए तो डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर में शुगर का स्तर बढ़ गया है। तीन सप्ताह बाद भी शुगर स्तर काफी ज्यादा था। अब वह डायबिटीज की दवाएं ले रहे हैं।
जांच बेहद जरूरी
फोर्टिस अस्पताल की मेडिसिन विभाग की डॉक्टर विनीता तनेजा ने बताया कि कोरोना से संक्रमित हुए प्रत्येक मरीज को डायबिटीज की जांच करानी चाहिए। खासकर जिन लोगों को लंबे समय से पोस्ट कोविड समस्याएं बनी हुई हैं, उन्हें अपने शुगर स्तर की नियमित तौर पर जांच करनी चाहिए।
कोरोना से ठीक होने के 180 दिनों के भीतर शुगर लेवल को नियंत्रित करना बेहद आवश्यक है। शुगर स्तर 70 और 180 तक होना चाहिए। मरीजों को अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।