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पेट पार्क: यहां पालतू जानवरों को छोड़कर शहर से बाहर भी जा सकते हैं आप, होगी पूरी देखभाल
Wed, 20 Jul 2022 11:15 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 20 Jul 2022 11:15 AM IST
सार
जंगपुरा में पालतू कुत्तों और बिल्लियों के लिए बनाया जा रहा है खास पार्क। इस पेट पार्क में कुत्तों और बिल्लियों के लिए बिना जंजीर बांधे खेलने की सुविधा होगी। अपने पालतू जानवर को यहां छोड़कर शहर से बाहर भी जा सकते हैं आप।
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पालतू कुत्ता
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दिल्ली नगर निगम पालतू कुत्तों और बिल्लियों के लिए एक विशेष ‘पेट पार्क’ विकसित कर रहा है। लंबे इंतजार के बाद जंगपुरा में करीब एक एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया है, एमसीडी के ही एक पुराने पार्क में इसे बनाया जा रहा है। इस पार्क में कुत्तों और बिल्लियों के लिए बिना जंजीर या पट्टा बांधे खुला छोड़ने, पशु चिकित्सा केंद्र, खेलने की सुविधाएं, खाना और सामान की बिक्री के लिए स्टॉल उपलब्ध होंगे। यहां एक आश्रय स्थल भी होगा, जहां पालतू जानवर आराम से रह सकेंगे।
पेट पार्क में लोग अपने पालतू जानवर को छोड़कर काम पर जा सकेंगे। कई दिन के लिए शहर से बाहर जाने पर अपने पालतू को यहां छोड़कर जा सकेंगे, यहां उसकी घर से भी बेहतर देखभाल होगी। यहां एक पशु चिकित्सा केंद्र भी बनाया जाएगा, जहां पर जानवरों की सर्जरी भी की जाएगी। एसडीएमसी के बागवानी निदेशक आलोक सिंह के मुताबिक, इस तरह की सुविधा विकसित करने की अवधारणा बंगलूरू और ग्रेटर हैदराबाद में डॉग पार्क से ली गई है। करीब 50 लाख रुपये की लागत से इसे बनाया जा रहा है।
यहां पालतू जानवरों को खेलने की ज्यादा सुविधा
पार्क में डॉग ट्रेल, दौड़ने की जगह, तैराकी, खुदाई और कुत्तों के लिए ट्रिक्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पालतू के शौच के लिए एक निश्चित स्थान होगा और पालतू जानवरों के मल को एक बैग में इकट्ठा करने के लिए अपशिष्ट बैग डिस्पेंसर होगा। कचरे को इकट्ठा करने के लिए ढके हुए कूड़ेदान लगाए जाएंगे।
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आगंतुकों के लिए बनाया जाएगा कैफेटेरिया
पार्क में आगंतुकों के आराम करने के लिए एक कैफेटेरिया बनाया जाएगा। इन तमाम सुविधाओं के लिए आगंतुकों को शुल्क देना होगा, जो अभी तय किया जाना है। आलोक सिंह ने कहा कि पार्क विकसित करने का काम शुरू हो गया है। जल्द ही बाकी चीजें भी तय की जाएंगी।
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पेट पार्क में लोग अपने पालतू जानवर को छोड़कर काम पर जा सकेंगे। कई दिन के लिए शहर से बाहर जाने पर अपने पालतू को यहां छोड़कर जा सकेंगे, यहां उसकी घर से भी बेहतर देखभाल होगी। यहां एक पशु चिकित्सा केंद्र भी बनाया जाएगा, जहां पर जानवरों की सर्जरी भी की जाएगी। एसडीएमसी के बागवानी निदेशक आलोक सिंह के मुताबिक, इस तरह की सुविधा विकसित करने की अवधारणा बंगलूरू और ग्रेटर हैदराबाद में डॉग पार्क से ली गई है। करीब 50 लाख रुपये की लागत से इसे बनाया जा रहा है।
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यहां पालतू जानवरों को खेलने की ज्यादा सुविधा
पार्क में डॉग ट्रेल, दौड़ने की जगह, तैराकी, खुदाई और कुत्तों के लिए ट्रिक्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पालतू के शौच के लिए एक निश्चित स्थान होगा और पालतू जानवरों के मल को एक बैग में इकट्ठा करने के लिए अपशिष्ट बैग डिस्पेंसर होगा। कचरे को इकट्ठा करने के लिए ढके हुए कूड़ेदान लगाए जाएंगे।
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आगंतुकों के लिए बनाया जाएगा कैफेटेरिया
पार्क में आगंतुकों के आराम करने के लिए एक कैफेटेरिया बनाया जाएगा। इन तमाम सुविधाओं के लिए आगंतुकों को शुल्क देना होगा, जो अभी तय किया जाना है। आलोक सिंह ने कहा कि पार्क विकसित करने का काम शुरू हो गया है। जल्द ही बाकी चीजें भी तय की जाएंगी।
मार्च में इसे बनाने की तय थी समय सीमा
पिछले साल तत्कालीन दक्षिणी निगम ने इस पार्क को मंजूरी दी थी। इसकी समय सीमा मार्च 2022 रखी गई थी। पहले धन की कमी के कारण और बाद में तीनों नगर निगमों के एकीकरण के कारण इस परियोजना की प्रगति धीमी पड़ गई।
दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण है ऐसा पार्क
पिछले साल अक्टूबर में ओल्ड राजेंद्र नगर में दिल्ली का पहला डॉग पार्क खोला गया था। राजधानी दिल्ली में इस तरह के पार्क लोगों के लिए खासा महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्हें कुत्ते और बिल्लियां पालना पसंद है। लेकिन पालतू जानवरों के लिए कोई खास जगह नहीं होने के कारण मजबूरन लोग इन्हें सार्वजनिक जगहों पर टहलाने के लिए लेकर जाते हैं।
पिछले साल तत्कालीन दक्षिणी निगम ने इस पार्क को मंजूरी दी थी। इसकी समय सीमा मार्च 2022 रखी गई थी। पहले धन की कमी के कारण और बाद में तीनों नगर निगमों के एकीकरण के कारण इस परियोजना की प्रगति धीमी पड़ गई।
दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण है ऐसा पार्क
पिछले साल अक्टूबर में ओल्ड राजेंद्र नगर में दिल्ली का पहला डॉग पार्क खोला गया था। राजधानी दिल्ली में इस तरह के पार्क लोगों के लिए खासा महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्हें कुत्ते और बिल्लियां पालना पसंद है। लेकिन पालतू जानवरों के लिए कोई खास जगह नहीं होने के कारण मजबूरन लोग इन्हें सार्वजनिक जगहों पर टहलाने के लिए लेकर जाते हैं।