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200 लोगों को ठगने वाला गिरफ्तार
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नई दिल्ली। कोऑपरेटिव सोसाइटी की विभिन्न स्कीमों में निवेश पर अधिक लाभ और लकी ड्रॉ के जरिये फ्लैट देने का झांसा देकर 200 लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले भगोड़ा घोषित मंडावली निवासी प्रवीण कुमार सिंह को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गाजियाबाद के कौशांबी मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है। शिकायत दर्ज होने के बाद से ही वह फरार था।
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि वर्ष 2018 में मंडावली निवासी पुष्पा देवी और अन्य लोगों ने शाखा में ठगी की शिकायत की। इसमें बताया गया कि प्रवीण कुमार सिंह मंडावली में जय मां लक्ष्मी को-ऑपरेटिव थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड चलाता था। उसकी महिला मित्र बीनू सिंह अर्पित क्लॉथ स्टोर नाम से दुकान चलाती थी। क्लॉथ स्टोर में ज्यादातर महिलाएं जाती थीं।
बीनू उन्हें सोसाइटी में निवेश के लिए प्रेरित करती थी। वह विभिन्न स्कीमों में निवेश करने पर ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देती थी। दोनों ब्याज अर्जन योजना, ऋण योजना, फ्लैट बुकिंग योजना और लकी ड्रॉ योजना में निवेश करने पर ज्यादा मुनाफा और फ्लैट देने का झांसा देते थे। करीब 200 लोगों ने सोसाइटी में निवेश किया। पैसे लेने के बाद सभी आरोपी सोसाइटी और दुकान बंद कर फरार हो गए।
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जांच में पता चला कि सोसाइटी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से पंजीकृत नहीं थी। इसलिए किसी भी योजना में वे सीधे जनता से धन एकत्र करने के लिए अधिकृत नहीं थे। पुलिस ने प्रवीण कुमार सिंह और बीनू सिंह के ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वे हाथ नहीं आए। 6 फरवरी 2020 को कड़कड़डूमा कोर्ट से उन्हें भगोड़ा कराया गया। इस बीच, रविवार को प्रवीण के गाजियाबाद में कौशांबी मेट्रो स्टेशन के पास मौजूद होने की जानकारी मिली। उप निरीक्षक चेतन मांडिया के नेतृत्व में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि वर्ष 2018 में मंडावली निवासी पुष्पा देवी और अन्य लोगों ने शाखा में ठगी की शिकायत की। इसमें बताया गया कि प्रवीण कुमार सिंह मंडावली में जय मां लक्ष्मी को-ऑपरेटिव थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड चलाता था। उसकी महिला मित्र बीनू सिंह अर्पित क्लॉथ स्टोर नाम से दुकान चलाती थी। क्लॉथ स्टोर में ज्यादातर महिलाएं जाती थीं।
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बीनू उन्हें सोसाइटी में निवेश के लिए प्रेरित करती थी। वह विभिन्न स्कीमों में निवेश करने पर ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देती थी। दोनों ब्याज अर्जन योजना, ऋण योजना, फ्लैट बुकिंग योजना और लकी ड्रॉ योजना में निवेश करने पर ज्यादा मुनाफा और फ्लैट देने का झांसा देते थे। करीब 200 लोगों ने सोसाइटी में निवेश किया। पैसे लेने के बाद सभी आरोपी सोसाइटी और दुकान बंद कर फरार हो गए।
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जांच में पता चला कि सोसाइटी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से पंजीकृत नहीं थी। इसलिए किसी भी योजना में वे सीधे जनता से धन एकत्र करने के लिए अधिकृत नहीं थे। पुलिस ने प्रवीण कुमार सिंह और बीनू सिंह के ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वे हाथ नहीं आए। 6 फरवरी 2020 को कड़कड़डूमा कोर्ट से उन्हें भगोड़ा कराया गया। इस बीच, रविवार को प्रवीण के गाजियाबाद में कौशांबी मेट्रो स्टेशन के पास मौजूद होने की जानकारी मिली। उप निरीक्षक चेतन मांडिया के नेतृत्व में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।