फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   officers think about removing the barriers on the borders of delhi said high court

किसान आंदोलन: दिल्ली की सीमाओं पर लगे बैरियर हटाने पर विचार करें अधिकारी: हाईकोर्ट

Tue, 16 Mar 2021 01:52 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 16 Mar 2021 01:52 AM IST
सार

- अदालत ने एक याचिका पर सरकार को दिया विचार करने का निर्देश
- किसानों ने मनाया कॉरपोरेट-निजीकरण विरोधी दिवस 

विज्ञापन
officers think about removing the barriers on the borders of delhi said high court
गाजीपुर बॉर्डर पर लगे बैरियर्स - फोटो : amar ujala

विस्तार

हाईकोर्ट ने दिल्ली सीमाओं पर लगे बैरियर को हटाने की मांग वाली याचिका पर प्रतिवेदन के रूप में विचार करने का निर्देश संबंधित सरकारी अधिकारियों को दिया है। याचिका दायर कर किसान आंदोलन के कारण लगाए गए बैरियर हटाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। 

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने याचिका का निपटारा करते हुए केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वे इस पर प्रतिवेदन के रूप में विचार करें और केस के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए इस पर नियमानुसार निर्णय लें। 
विज्ञापन


पेश याचिका दायर कर अधिवक्ता हिमांशु कौशिक ने किसान आंदोलन के कारण राजधानी की सीमाओं व सड़कों पर लगे गैर जरूरी बैरिकेड और बाधाओं को हटाने का निर्देश देने का आग्रह किया था। याचिका में भारी वाहनों के लिए अलग लेन और रूट निर्धारित करने तथा ट्रैफिक को सुचारु रूप से चलने देने का निर्देश अधिकारियों को देने का आग्रह किया गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका में कहा गया था कि राजधानी के वैकल्पिक रास्तों पर पीक आवर्स में वाहनों का भारी दबाव और जाम रहता है। इसलिए वहां पर पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की तैनाती का भी निर्देश दिया जाए। ये भी कहा दिल्ली की सीमाओं पर किसान 26 नवंबर 2020 से धरना दे रहे हैं जिससे दिल्ली और पड़ोसी शहरों में पर्यावरण खराब हुआ है। 
 

किसानों ने मनाया कॉरपोरेट-निजीकरण विरोधी दिवस 

किसानों ने देश के अलग अलग शहरों में सोमवार को कॉरपोरेट व निजीकरण विरोधी दिवस के तौर पर मनाया। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी के खिलाफ ट्रेड यूनियन और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने रेलवे स्टेशनों पर हड़ताल की और प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। 

विडियो मैसेज के जरिये संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार परिषद के 46 वें सत्र के संबोधन में संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि किसान तीन केंद्रीय कानूनों का विरोध कर रहे हैं जो संयुक्त राष्ट्र के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के कामगारों के अधिकारों की घोषणा का उल्लंघन है। भारत इस अंतर्राष्ट्रीय घोषणा पत्र का एक हस्ताक्षरकर्ता है।

मेवात में महापंचायत
मेवात के सुनेहड़ा-जुरेहड़ा बॉर्डर पर शहीद हसन खान मेवाती के शहादत दिवस पर किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। शुरुआत से ही आंदोलन में सहयोग कर रहे मेवात के किसानों ने आगे भी सहयोग जारी रखने की बात कही। मेवात के राजा हसन खान मेवाती बाबर की सेना से लड़ते हुए 15 मार्च 1527 के दिन शहीद हुए थे। यह लड़ाई इस क्षेत्र की कुर्बानी बयान करती है। राजा के साथ मेवात के हजारों लोग भी इस लड़ाई में शहीद हुए थे। 

19 को पंजाब में मानकों के निर्धारण के बदलाव का विरोध करेंगे किसान
19 मार्च को पंजाब में बटाईदार किसानों के एतिहासिक संघर्ष की याद में मुजारा लहर शहादत दिवस पर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान, फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से की ओर से खरीद व गुणवत्ता मानकों के निर्धारण में किए बदलाव के खिलाफ किसान विरोध जताएंगे। यह बदलाव खरीफ विपणन सीजन 2021 के लिए एफसीआई की ओर से तय किए जा रहे हैं। मोर्चा ने इसे खरीद तंत्र को खत्म करने और पंजाब के किसानों को दंडित करने के लिए भारत सरकार की सुनियोजनित रणनीति का नाम दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed