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Hindi News ›   Delhi ›   Now happiness class will be held in DU Laxmibai College, starting from July 30

Happiness  Class : अब डीयू के लक्ष्मीबाई कॉलेज में लगेगी हैपिनेस क्लास, शुरुआत 30 जुलाई से

Mon, 18 Jul 2022 04:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा रश्मि शर्मा, नई दि्ल्ली
रश्मि शर्मा, नई दि्ल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 18 Jul 2022 04:18 AM IST
सार

हैपी लाइफ स्ट्रेस मैनेजमेंट कोर्स शुरू करने जा रहा कॉलेज। वेदमूर्ति सेंटर फॉर इनोवेशन रिसर्च ऑन वैदिक साइंस संस्था का लिया जाएगा सहारा। 

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Now happiness class will be held in DU Laxmibai College, starting from July 30
दिल्ली विश्वविद्यालय

विस्तार

दिल्ली के सरकारी स्कूलों की तर्ज पर अब दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध लक्ष्मीबाई कॉलेज में हैपिनेस (खुशी) की क्लास लगेगी। जीवन को आनंदमय बनाने के लिए कॉलेज हैपी लाइफ स्ट्रेस मैनेजमेंट (आनंदमय जीवन प्रबंधन) कोर्स शुरू करने जा रहा है।  

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इसके लिए कॉलेज ने वेदमूर्ति सेंटर फॉर इनोवेशन रिसर्च ऑन वैदिक साइंस संस्था का सहारा लिया है। इस पाठ्यक्रम की शुरुआत 30 जुलाई से होगी। यह एक वैकल्पिक कोर्स है, जिसकी अवधि 30 घंटे की रखी गई है। कॉलेज प्रबंधन का दावा है कि डीयू के किसी दूसरे महाविद्यालय में इस तरह का कोई कोर्स नहीं है।
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22 तक करा सकते हैं पंजीकरण
लक्ष्मीबाई कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. (डॉ) प्रत्युषा वत्सला ने बताया कि जीवन में बिना तनाव के आनंदमय तरीके से रहना जरुरी है। जिंदगी में दु:ख-सुख आते-जाते रहते हैं, लेकिन अक्सर लोग इन्हें संभाल नहीं पाते हैं। जीवन में तनाव भी काफी रहता है।
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ऐसे में इसे कैसे दूर किया जाए, खुशी और दु:ख को कैसे संभाले, खुश कैसे रहा जाए, इन्हें समझना जरूरी है। ऐसे में यह विचार आया कि अल्पावधि के  हैपी लाइफ स्ट्रेस मैनेजमेंट कोर्स को शुरू किया जाए। इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। कोर्स के लिए 22 जुलाई तक पंजीकरण कराया जा सकता है।

तनावपूर्ण जीवन में खुश रहने की कला सीखेंगी छात्राएं
इस कोर्स को करने पर छात्राएं तनावपूर्ण जीवन में खुश रहने की कला सीखेंगी। डॉ. वत्सला ने बताया कि कोर्स शुरू करने का उद्देश्य छात्राओं को मानव जीवन, चेतना के महत्व और आधुनिक भौतिक जीवन की चुनौतियों से अवगत कराना, पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों का उपयोग करते हुए जीवन शैली अपनानेे पर ध्यान केंद्रित करना, वैदिक ज्ञान की सहायता से शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए कौशल का विकास करना, प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर सादा जीवन व्यतीत करने के पहलुओं को सिखाना है।


फलाइन व ऑनलाइन मोड मेें चलने वाले इस कोर्स में 60 फीसदी लिखित और 40 फीसदी हिस्सा प्रैक्टिकल है। कोर्स को सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

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