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गुहार : न्यूजीलैंड के यूट्यूबर के भारत आने पर रोक, पत्नी ने हाईकोर्ट में दी चुनौती
Sun, 11 Jul 2021 03:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 11 Jul 2021 03:41 AM IST
सार
- हरियाणा निवासी मनीषा मलिक ने याचिका दायर कर कहा, उनके जीवन और गरिमा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन
- केंद्र सरकार ने कार्ल एडवर्ड राइस को वीजा शर्तों में उल्लंघन करने पर काली सूची में डाला
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दिल्ली उच्च न्यायालय
- फोटो : ANI
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विस्तार
न्यूजीलैंड के यूट्यूबर कार्ल एडवर्ड राइस की पत्नी मनीषा मलिक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पति के भारत आने पर रोक लगाने व उनका नाम काली सूची में डालने के केंद्र के निर्णय को चुनौती दी है। आरोप है कि कार्ल को टूरिस्ट वीजा मिला था और उन्होंने शर्तों का उल्लंघन किया था।
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हरियाणा के हांसी निवासी मनीषा ने केंद्र सरकार के फैसले को अनुचित व मनमाना बताते हुए उसे रद्द करने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि सरकार के इस निर्णय के कारण उनके पति 10 सितंबर 2020 से न्यूजीलैंड से भारत नहीं लौट पाए हैं। उन्होेंने कहा कि कार्ल 2013 से भारत आ रहे हैं और उनके खिलाफ वीजा उल्लंघन का एक भी मामला नहीं है।
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मनीषा ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्हें अपने पति के साथ रहने से वंचित करके संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उनके जीवन और गरिमा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन किया गया है। याचिका में कहा गया कि मनीषा मलिक और उनके पति जो कार्ल रॉक के तौर पर लोकप्रिय हैं, दोनों ही यूट्यूब व्लॉगर हैं। वह भारत की खूबसूरती को कैद करने के लिए कई जगहों पर गए हैं और पर्यटन को बढ़ावा देने में उनका योगदान रहा है। याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई होने की उम्मीद है।
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याचिका में कहा गया कि अधिकारियों ने राइस का नाम काली सूची में डालने का आधार नहीं बताया है। जबकि उन दोनों ने कई बार प्रतिवेदन दिए हैं। याचिका में कहा गया है कि वीजा से इनकार किये जाने की वजह से दंपति अलग अलग रहने को मजबूर हैं। वीजा शर्तों के उल्लंघन के संबंध में उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया है। पति को केवल मौखिक रूप से सूचित किया कि उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है इसलिए भारत में आने की अनुमति नहीं है।
गृह मंत्रालय ने रखा पक्ष...
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले में पहले ही कहा था कि कार्ल राइस को वीजा नियमों व शर्तों के उल्लंघन करने पर अगले साल तक भारत में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। वह टूरिस्ट वीजा पर कारोबार करते तथा वीजा शर्तों के अन्य उल्लंघन करते पाए गए थे।
16 जुलाई को हो सकती है सुनवाई
याचिका में भारतीय वीजा जारी करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है। हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई 16 जुलाई को होने की संभावना है। कार्ल राइस जो कार्ल रॉक के नाम से मशहूर हैं, नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में सक्रिय भागीदार थे।