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दिल्ली: निगम ने माना गाजीपुर लैंडफिल साइट के लिए पैसा, जमीन और योजना नहीं
Wed, 06 Apr 2022 04:08 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 06 Apr 2022 04:08 AM IST
सार
वर्तमान में गाजीपुर लैंडफिल साइट पर 140 लाख टन कचरा है, जो दिल्लीवासियों के लिए लंबे समय से समस्या बना हुआ है और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रहा है।
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गाजिपुर लैंडफिल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति की अध्यक्ष आतिशी ने पूर्वी निगम को गाजीपुर लैंडफिल साइट आग मामले में घेरा है। आग की घटना को रोकने के लिए मंगलवार को पर्यावरण समिति की बैठक में पूर्वी निगमायुक्त ने पैसा, जमीन और पर्याप्त योजना की कमी बताई है।
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निगमायुक्त ने कहा है कि गाजीपुर लैंडफिल को साफ करने में कम से कम 10 साल का समय लगेगा। पर्यावरण समिति ने पूर्वी निगम आयुक्त को एक बार फिर तलब किया है और उनसे मंगलवार तक गाजीपुर लैंडफिल साइट की कार्ययोजना बनाने के लिए कहा है।
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1984 में शुरू हुई लैंडफिल साइट के कूड़े को साफ करने की प्रगति पर ध्यान देते हुए आतिशी ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि लैंडफिल साइट पर वर्षों से लगातार समस्या के बावजूद निगम के पास कचरा निस्तारण की कोई ठोस योजना नहीं है।
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आयुक्त ने बताया कि साइट पर रोजाना निस्तारण किए जाने वाले कचरे की मात्रा नए आने वाले कचरे के लगभग बराबर है। समिति ने निगम को गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग लगने के कारणों और कूड़े के निस्तारण के लिए उठाए गए कदम बताने के लिए भी कहा है। वर्तमान में गाजीपुर लैंडफिल साइट पर 140 लाख टन कचरा है, जो दिल्लीवासियों के लिए लंबे समय से समस्या बना हुआ है और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रहा है।
बैठक में निगमायुक्त ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में केवल नौ लाख टन कचरा साफ हो पाया है। गाजीपुर में स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट निजी सहयोगियों के दिवालिया होने के बाद से काम नहीं कर रहा है। संयंत्र नवीकरण के दौर से गुजर रहा है। इसके मई 2022 से चालू होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि लैंडफिल साइट पर 28 मार्च को आग लग गई थी।
दिल्ली सरकार ने गाजीपुर लैंडफिल में नियमों के पालन में लापरवाही बरतने पर निगम पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। साथ ही, आग लगने के समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे।