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Moosewala Murder : साजिशकर्ताओं के फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले पांच गिरफ्तार, एक महिला भी शामिल
Thu, 14 Jul 2022 05:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 14 Jul 2022 05:39 AM IST
सार
आरोपियों ने सचिन और अनमोल बिश्नोई का बनवाया था पासपोर्ट। इनकी पहचान राहुल सरकार, अर्जित कुमार उर्फ अजीत दिवान उर्फ अजीत कुमार उर्फ टॉनी उर्फ महेश उर्फ पाजी, नवनीत प्रजापति, सोमनाथ प्रजापति और एक महिला के रूप में हुई।
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सिद्धू मूसेवाला file pic
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दक्षिण जिला पुलिस ने गैंगस्टरों के फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान राहुल सरकार, अर्जित कुमार उर्फ अजीत दिवान उर्फ अजीत कुमार उर्फ टॉनी उर्फ महेश उर्फ पाजी, नवनीत प्रजापति, सोमनाथ प्रजापति और एक महिला के रूप में हुई।
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आरोपियों ने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के साजिशकर्ता लॉरेंस बिश्नोई के भांजे सचिन बिश्नोई उर्फ सचिन थापन और लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई के पासपोर्ट बनवाए थे। सचिन थापन का पासपोर्ट तिलक राज टोटेजा व अनमोल का भानुप्रताप से बनवाया था। सचिन व अनमोल दोनों ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश रची थी और शूटरों का इंतजाम किया था। सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले ये विदेश भाग गए। ये फर्जी पासपोर्ट बनवाने के डेढ़ से दो लाख रुपये लेते थे। गिरोह के लोग गैंगस्टर व अन्य अपराधियों का ही पासपोर्ट बनवाते थे।
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जिले के स्पेशल स्टाफ प्रभारी अतुल त्यागी को चार जुलाई को सूचना मिली थी कि राहुल सरकार लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में है। सूचना के बाद इंस्पेक्टर अतुल त्यागी की देखरेख में एसआई धर्मेंद्र व महिपाल की विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने राहुल सरकार को साकेत मेट्रो स्टेशन, एमबी रोड से कार से गिरफ्तार कर लिया। इसके कब्जे से स्वचालित सिंगल सूट पिस्टल व दो कारतूस बरामद किए गए।
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पुलिस टीम ने राहुल सरकार से पूछताछ के बाद अर्जित कुमार, नवनीत प्रजापति, सोमनाथ प्रजापति और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया। अर्जित कुमार को अमृतसर से गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से दो लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, एक डोंगल, बायोमैट्रिक उपकरण, फर्जी आधार कार्ड समेत अन्य कागजात जब्त किए हैं। दक्षिण जिला डीसीपी बेनिता मेरी जैकर का कहना है कि राहुल सरकार ने पूछताछ में बताया कि कि वह गैंगस्टर खासकर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के बदमाशों के संपर्क में था। उसने ही सचिन थापन का फर्जी पासपोर्ट संगम विहार निवासी तिलक राज टोटेजा के नाम से अपने घर के पते पर बनवाया था। वह अर्जित कुमार के संपर्क में एक महिला के जरिये आया था।
अर्जित कुमार ने ही उसे गैंगस्टर के फर्जी पासपोर्ट बनाने का ठेका दिया था। प्रत्येक पासपोर्ट के लिए राहुल को डेढ़ लाख रुपये मिले थे। इसके लिए करीब एक साल पहले उसने आरोपी नवनीत व सोमनाथ की मदद से तिलक राज टोटेजा के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया था, जिसके आधार पर फर्जी वोटर आईडी व पासपोर्ट बनवा लिया था।
बदमाश के कहने पर आधार कार्ड बनवाने लगा था राहुल सरकार
उत्तराखंड के उद्यम सिंह नगर के शक्ति फार्म स्थित वार्ड नंबर-3 निवासी राहुल सरकार दसवीं कक्षा तक पढ़ा है। वह पैन कार्ड व आधार कार्ड आदि का ऑनलाइन फॉर्म भरने का काम करता था। तिलकराज की सारी प्रॉपर्टी उसके कब्जे में थी और बिजली का बिल भी तिलक राज के नाम से आता था। इस दौरान वर्ष 2017 में बदमाश अमित मद्रासी का भाई राहुल के घर में किराए पर रहने आया था। अमित मद्रासी के कहने पर राहुल ज्यादा पैसे कमाने और आरोपियों के बीच ऑनलाइन काम के लिए प्रसिद्ध होने के लिए उसने बदमाशों के लिए फर्जी कागजात बनाना शुरू कर दिया। राहुल ने अमित मद्रासी के परिवार के अलावा गैंगस्टर रोहित चौधरी के बेटे का ऑनलाइन फॉर्म भरा था। रोहित चौधरी के बेटे का मामला गाजियाबाद के साहिबाबाद में दर्ज है।
आधार कार्ड केंद्र चलाता था नवनीत
नवनीत प्रजापति ने बताया कि वह तुगलकाबाद एक्सटेंशन में आधार कार्ड सेंटर चलाता था। पांच साल पहले उसकी मुलाकात राहुल से हुई थी। इसके बाद राहुल ग्राहकों को नवनीत के पास भेजने लगा। इससे उसकी काफी आमदनी होनी लगी। इस दौरान आरोपी राहुल ने नवनीत को संगम विहार निवासी तिलक राज के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाने के लिए 15 हजार रुपये दिए। इसके बाद नवनीत ने फर्जी कागजात बनाना शुरू कर दिया।
इंटरनेशनल नंबर से व्हाट्सएप पर फोटो भेजे
अर्जित कुमार एक एजेंट के माध्यम से दीप सिद्धू नामक व्यक्ति से मिला था। दीप इस दौरान खुद को यूक्रेन का नागरिक बताया था। उसने अर्जित कुमार को इंटरनेशनल नंबर से व्हाट्सएप पर चार फोटो भेजे, जिनके पासपोर्ट बनाने थे। अर्जित कुमार को प्रत्येक पासपोर्ट के 1.70 लाख रुपये मिलने थे। उसने राहुल को पासपोर्ट बनाने का ठेका डेढ़ लाख रुपये प्रति पासपोर्ट दिया।