न्यूनतम मजदूरी कानून पर स्पष्टीकरण भेजेगी सरकार, केंद ने पूछे हैं सवाल
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दिल्ली सरकार जल्द ही प्रस्तावित न्यूनतम मजदूरी संशोधन विधेयक पर केंद्र सरकार को स्पष्टीकरण भेजेगी। केंद्र की तरफ से विधेयक में रखे गए उन प्रस्तावों का स्पष्टीकरण विभाग ने तैयार करके कानून विभाग को भेजा है, जिसमें केंद्र सरकार ने कुछ सवाल पूछे हैं।
दिल्ली सरकार ने विधेयक में ऐसे नौकरीदाताओं पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया है जो न्यूनतम मजदूरी नहीं देते या उसमें चोरी करते हैं।
श्रम मंत्री गोपाल राय के अनुसार, दिल्ली सरकार के कानून विभाग ने स्पष्टीकरण को लेकर राय मिलने के बाद केंद्र सरकार को विधेयक पर स्पष्टीकरण भेज दिया जाएगा।
दिल्ली विधानसभ से मंजूरी के बाद केंद्र को भेजा गया था विधेयक
उन्होंने बताया कि न्यूनतम मजदूरी नहीं दिए जाने की दशा में दिल्ली सरकार ने शिकायत करने वालों का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। अभी खुद कर्मचारी या ट्रेड यूनियन ही शिकायत दर्ज करवा सकती हैं।
प्रस्तावित संशोधन में गैर सरकारी संगठन और मजदूरों के लिए काम करने वाली सामाजिक संस्थाओं की तरफ से मिलने वाली शिकायतों को स्वीकार करने का प्रावधान किया गया है।
दिल्ली सरकार ने दिसंबर, 2015 में इस विधेयक को दिल्ली विधानसभा से मंजूरी देकर केंद्र सकार के पास मंजूरी के लिए भेजा था। उल्लंघन करने पर महज छह महीने की जेल को बढ़ाकर 3 साल करने और जुर्माना राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 20 हजार करने का प्रावधान किया है।
वहीं एक अधिकारी का कहना है कि इस विधेयक में केंद्र सरकार ने विधेयक में सरकार की परिभाषा को बदले जाने पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।