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MCD : निगम में हंगामे की रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार, हंगामा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश

Mon, 09 Jan 2023 04:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा विनोद डबास, नई दिल्ली
विनोद डबास, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 09 Jan 2023 04:00 AM IST
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MCD: Draft report of ruckus in the corporation ready
MCD Mayor Election - फोटो : Agency

एमसीडी के सदन में शुक्रवार को हुए हंगामे के संबंध में पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने उपराज्यपाल को रिपोर्ट देने के लिए ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। उन्होंने सदन में हुए हंगामे में खुद को बेकसूर करार देते हुए पूरे मामले का बिंदुवार उल्लेख किया है। अपनी बातों को पुख्ता करने के लिए वह सदन की पूरी कार्यवाही की वीडियो फुटेज भी उपराज्यपाल को भेजेगी। इस संबंध में निगम सचिव से सीडी मांगी है। हालांकि, उपराज्यपाल ने अभी उनसे रिपोर्ट नहीं मागी है। संभावना जताई जा रही है कि आयुक्त की ओर से रिपोर्ट भेजे के बाद राज्यपाल पीठासीन अधिकारी से भी रिपोर्ट मांग सकते हैं। 

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सूत्रों के अनुसार पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने रिपोर्ट के ड्राफ्ट में लिखा है कि उन्होंने निगम सचिव की ओर से सदन की पहली बैठक के लिए तय कार्यसूची के तहत कार्यवाही आरंभ की थी। कार्यसूची में पहला प्रस्ताव नवनिर्वाचित सदस्यों व मनोनीत सदस्यों को शपथ दिलाने के संबंध में था। उसके अनुसार शपथ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की थी। मनोनीत सदस्य विनोद कुमार को शपथ लेने के लिए बुलाते ही कुछ सदस्यों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद भी उन्होंने शपथ दिलाने का क्रम जारी रखा और तीन अन्य सदस्यों को भी शपथ दिलाई गई। इसी बीच सदस्य उनके आसन पर आ गए और शपथ ले रहे सदस्य के हाथ सेे शपथ पत्र छीनकर फाड़ दिया। इसके अलावा निगम सचिव के हाथ से फाइल छीन ली।
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लिहाजा सदस्यों को शपथ दिलाने के कार्य में बाधा आ गई। इस दौरान उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों को सीटों पर बैठने के लिए कई बार आग्रह किया, मगर उन्होंने उनकी बात नहीं मानी। इस कारण उन्होंने कुछ देर के लिए बैठक स्थगित कर दी। इसके बाद भी सदस्य हंगामा करते रहे। दूसरी बार बैठक शुरू करने के समय भी सदस्य शांत नहीं हुए और उन्होंने एक बार फिर बैठक स्थगित कर दी। तीसरी व अंतिम बार बैठक आरंभ करने के दौरान भी हंगामा जारी रहा। 
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हंगामा करने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश
पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा सदन में हंगामा करने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश भी करेगी। इस मामले में वह हंगामा करने वाले सदस्यों को सदन से निलंबित करने की मांग करेगी। हंगामे के दौरान एमसीडी की संपत्ति तोड़ने वाले सदस्यों से नुकसान की भरपाई करने का भी आग्रह करेगी और इन सदस्यों के साथ-साथ बैठक से जुड़े कागजात फाड़ने वाले सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग करेगी।

सदन की बैठक सुचारू रूप से चलाने के लिए सुझाव दिए जाएगे
पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने भविष्य में खास तौर पर सदस्यों को शपथ दिलाने और महापौर व उपमहापौर का चुनाव कराने के लिए होने वाले बैठक को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई सुझाव देने की भी तैयारी की है। इस मामले वह सदस्यों को पीठासीन अधिकारी के आसन तक रोकने के इंतजाम करने की मांग करेगी। बैठक में हंगामा करने वाले सदस्यों को निलंबित करने व उन्हें बैठक से बाहर भिजवाने की व्यवस्था करवाने का आग्रह करेगी। 

पार्षदों के मनोनयन से आप बौखलाई : भाजपा
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि पार्षदों के मनोनयन से आम आदमी पार्टी बौखलाहट में आत्मघाती गोल कर रही है। बेहतर होता कि एल्डरमैन नियुक्त लोगों की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठाने की जगह आप नेता सौरभ भारद्वाज 2017-22 निगम सदन में नामांकित पार्षदों की राजनीतिक पृष्ठभूमि को याद कर लेते। 

‘एलजी ने अनुभवी के बजाय भाजपा को दी तवज्जो’
एमसीडी मामले में आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर उपराज्यपाल पर निशाना साधा है। आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल ने गैरक़ानूनी तरीके से एमसीडी का अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों के बजाय भाजपा कार्यकर्ताओं को पार्षद मनोनीत किया गया, जबकि डीएमसी एक्ट में एमसीडी का अनुभव रखने वालों को ही पार्षद मनोनीत करने का प्रावधान है। दरअसल उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार को नजरअंदाज करके वार्ड समितियों में भाजपा के पार्षदों को अध्यक्ष और स्थायी समिति के सदस्य बनाने के लिए मास्टर प्लान बनाया।


पार्टी कार्यालय में रविवार को सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल की ओर से एनिमल वेलफेयर बोर्ड में कुछ नामों पर आपत्ति जताने का हवाला देकर उन्हें कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि एक ओर उपराज्यपाल ने कुछ नामों का एनिमल वेलफेयर से ज्यादा लेना-देना नहीं होने की बात की। 

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