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क्लब सिंगर कर रहा था लोगों के फर्जी कोविड चालान
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नई दिल्ली। मध्यप्रदेश का क्लब सिंगर क्राइम ब्रांच का पुलिस इंस्पेक्टर बनकर दिल्ली में लोगों के फर्जी कोविड चालान कर रहा था। इसके साथ वह लोगों को धमकाकर उनसे उगाही भी करता था। पुलिस ने आरोपी विशाल मिश्रा (24) को गिरफ्तार किया है। उससे खिलौना पिस्टल, मोबाइल फोन व आठ हजार रुपये बरामद किए हैं। पुलिस जांच कर रही है कि उसने कितने लोगों के फर्जी कोविड चालान किए हैं।
डीसीपी आरपी मीणा के अनुसार आठ हजार रुपये ऐंठने की सूचना 17 जनवरी को पुलिस को मिली थी। शिकायतकर्ता राजेन्द्र सिंह अपने परिवार के साथ गोविंदपुरी थाने में पहुंचा। राजेन्द्र सिंह ने शिकायत देकर कहा कि वह पार्क में बैठकर सिगरेट पी रहा था। तभी एक युवक पार्क में आया और खुद को लाजपत नगर से क्राइम ब्रांच का पुलिस इंस्पेक्टर योगेश बताया।
आरोपी ने उससे कहा कि वह पार्क में सिगरेट नहीं पी सकता। आरोपी ने उससे दो हजार रुपये जुर्माने के रूप में मांगे। पीड़ित दो हजार रुपये का जुर्माना देने को तैयार हो गया। तभी आरोपी ने पिस्टल निकाली और कहा कि अगर उसने 15 हजार नहीं दिए तो उसे थाने ले जाकर आर्म्स एक्ट के केस में बंद कर देगा।
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राजेन्द्र ने अपने दोस्त आकाश को पार्क में बुलाया और आठ हजार रुपये आरोपी के बैंक खाते में पेटीएम कर दिए। मामला दर्जकर गोविंदपुरी थानाध्यक्ष सीपी भारद्वाज की देखरेख में एएसआई महेन्द्र की टीम ने जांच शुरू की। इस टीम ने विशाल मिश्रा को मीराबाई पार्क से 17 जनवरी को ही उस समय दबोच लिया जब वह दूसरा शिकार तलाश कर रहा था।
विशाल मिश्रा ने बताया कि वह क्लब में लाइव सिंगर था। वह क्लब में गाकर पांच से 50 हजार रुपये महीना तक कमा लेता था लेकिन लॉकडाउन में उसकी नौकरी चली गई थी। उसे पैसे की तंगी होने लगी तो वह गोविंदपुरी में अपने चाचा के पास आ गया। उसे पता लगा कि दिल्ली में कोविड के चालान दो हजार रुपये के हो रहे हैं तो उसने लोगों से पैसे ऐंठने की साजिश रची। उसने खिलौना पिस्टल ले ली। गोले का मंदिर, ग्वालियर मध्यप्रदेश निवासी विशाल मिश्रा बीकॉम कर रहा है। वह दो सप्ताह पहले द्वारका के निजी शैक्षिक संस्थान में इंटरव्यू देने आया था।
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डीसीपी आरपी मीणा के अनुसार आठ हजार रुपये ऐंठने की सूचना 17 जनवरी को पुलिस को मिली थी। शिकायतकर्ता राजेन्द्र सिंह अपने परिवार के साथ गोविंदपुरी थाने में पहुंचा। राजेन्द्र सिंह ने शिकायत देकर कहा कि वह पार्क में बैठकर सिगरेट पी रहा था। तभी एक युवक पार्क में आया और खुद को लाजपत नगर से क्राइम ब्रांच का पुलिस इंस्पेक्टर योगेश बताया।
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आरोपी ने उससे कहा कि वह पार्क में सिगरेट नहीं पी सकता। आरोपी ने उससे दो हजार रुपये जुर्माने के रूप में मांगे। पीड़ित दो हजार रुपये का जुर्माना देने को तैयार हो गया। तभी आरोपी ने पिस्टल निकाली और कहा कि अगर उसने 15 हजार नहीं दिए तो उसे थाने ले जाकर आर्म्स एक्ट के केस में बंद कर देगा।
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राजेन्द्र ने अपने दोस्त आकाश को पार्क में बुलाया और आठ हजार रुपये आरोपी के बैंक खाते में पेटीएम कर दिए। मामला दर्जकर गोविंदपुरी थानाध्यक्ष सीपी भारद्वाज की देखरेख में एएसआई महेन्द्र की टीम ने जांच शुरू की। इस टीम ने विशाल मिश्रा को मीराबाई पार्क से 17 जनवरी को ही उस समय दबोच लिया जब वह दूसरा शिकार तलाश कर रहा था।
विशाल मिश्रा ने बताया कि वह क्लब में लाइव सिंगर था। वह क्लब में गाकर पांच से 50 हजार रुपये महीना तक कमा लेता था लेकिन लॉकडाउन में उसकी नौकरी चली गई थी। उसे पैसे की तंगी होने लगी तो वह गोविंदपुरी में अपने चाचा के पास आ गया। उसे पता लगा कि दिल्ली में कोविड के चालान दो हजार रुपये के हो रहे हैं तो उसने लोगों से पैसे ऐंठने की साजिश रची। उसने खिलौना पिस्टल ले ली। गोले का मंदिर, ग्वालियर मध्यप्रदेश निवासी विशाल मिश्रा बीकॉम कर रहा है। वह दो सप्ताह पहले द्वारका के निजी शैक्षिक संस्थान में इंटरव्यू देने आया था।