Jama Masjid: हिंदू महासभा का दावा, जामा मस्जिद के नीचे हैं देवी-देवताओं की मूर्तियां, खोदाई के लिए पीएम को लिखा पत्र
स्वामी चक्रपाणि ने जामा मस्जिद के शाही इमाम से भी मस्जिद में खोदाई कराने की मांग की है। इससे पहले उन्होंने दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ रखने की मांग की थी।
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हिंदू महासभा का दावा है कि दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के नीचे मुगल काल से हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां दबी हैं। हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर जामा मस्जिद का सर्वे कराने और इसके नीचे दबी मूर्तियों को खुदाई कर बाहर निकलवाने की अपील की है।
स्वामी चक्रपाणि ने औरंगजेब के समकालीन दरबारी इतिहासकार शाही मुस्ताक द्वारा 1710 में लिखी पुस्तक का हवाला दिया है। उनके मुताबिक इस किताब में जिक्र है कि 24 मई 1679 को खानजहां बहादुर जोधपुर और अन्य इलाकों से हिंदू मंदिरों से लूटा हुआ सैकड़ों वाहनों से भरा सामान लेकर औरंगजेब के सामने पेश होता है, तो औरंगजोब बहुत खुश होता है। वह लूटे हुए कीमती रत्न आभूषणों को अपने खजाने में रखने का आदेश देता है, जबकि हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों को दिल्ली की जामा मस्जिद के नीचे सीढ़ियों में दफन करने के लिए कहता है।
जामा मस्जिद का सर्वे कराने की मांग
स्वामी चक्रपाणि ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री को लिखे पत्र में इस बात की जिक्र किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वह संबंधित एजेंसिंयों को आदेश देकर दिल्ली की जामा मस्जिद का सर्वे कराएं और मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबी मूर्तियों की खुदाई कर उन्हें बाहर निकलवाएं।
भारत फिर होगा सोने की चिड़िया
स्वामी चक्रपाणि ने कहा है कि भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। संत महात्मा पूजा करते थे और देश सुखी व संपन्न था। लेकिन जब से देश में देवी देवताओं की मूर्तियां तोड़ी जाने लगीं तो देश की हालत खराब होने लगी। यदि जामा मस्जिद के नीचे सैकड़ों वर्षों से दबी हजारों मूर्तियों को निकालकर फिर से इनकी पूजा की जाए तो भारत फिर से सोने की चिड़िया होगा।
हिंदू मुसलमानों को साथ आना चाहिए
स्वामी चक्रपाणि ने कहा है कि मूर्तियों को बाहर निकालने के लिए देश के हिंदू-मुसलमानों को एक साथ प्रयास करना चाहिए। उन्होंने देश के उलेमाओं और इमामों से अपील की है कि वह देश की भलाई और हिंदुओं का सम्मान करते हुए मूर्तियों की खुदाई में सहयोग करें।