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Delhi University: डीयू में पढ़ाई हुई महंगी, वार्षिक विकास शुल्क में 300 रुपये की बढ़ोतरी

Thu, 09 Jun 2022 05:40 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Thu, 09 Jun 2022 05:40 AM IST
सार

दिल्ली विश्वविद्यालय में 13 साल बाद वार्षिक विकास शुल्क बढ़ाने का फैसला किया गया है। वार्षिक विकास शुल्क में 300 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। अब तक वार्षिक विकास शुल्क 600 रुपये था, जिसे बढ़ाकर अब 900 रुपये किया जा रहा है।

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Delhi University - फोटो : Social Media

विस्तार

दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2022-23 से पढ़ना महंगा होने जा रहा है। विश्वविद्यालय ने 13 साल के लंबे अंतराल के बाद विकास शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। इस तरह से वार्षिक विकास शुल्क में 300 रुपये की बढ़ोत्तरी हो जाएगी। अब तक वार्षिक विकास शुल्क 600 रुपये था, जिसे बढ़ाकर अब 900 रुपये किया जा रहा है। डीयू ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी द्वारा अनुदान में कमी को देखते हुए ऐसा किया है।

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डीयू ने नए भवनों के निर्माण और प्रयोगशाला उपकरणों की खरीद जैसी विभिन्न गतिविधियों के लिए धन के आवंटन पर विचार करने के लिए एक विश्वविद्यालय विकास निधि समिति का गठन किया था।
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समिति की सिफारिशों को कुछ सदस्यों की असहमति के बावजूद 17 दिसंबर को हुई विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक में स्वीकार कर लिया गया। समिति ने कहा था कि यूजीसी की ओर से तीन-चार वर्षों से प्रयोगशाला और अन्य उपकरणों के लिए विश्वविद्यालय को पर्याप्त पूंजी अनुदान जारी नहीं की जा रही थी। वहीं, विकास शुल्क में बढ़ोत्तरी को लेकर शिक्षक आपत्ति जता रहे हैं। शिक्षक वर्ग ने इस वृद्घि को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
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डीयू में बीटेक कोर्सेज की दाखिला प्रक्रिया अटकी
दिल्ली विश्वविद्यालय में इसी साल से तीन नए चार वर्षीय बीटेक पाठ्यक्रमों (कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिॉनिकल एंड कम्यूनिकेशन व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) को शुरू करने की योजना है। इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए डीयू को यूजीसी से मंजूरी की जरुरत है। यह मंजूरी अब तक नहीं मिल सकी है। इस कारण से इन कोर्सेज की दाखिला प्रक्रिया भी अटकी हुई है। डीयू इन पाठ्यक्रमों के लिए मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहा है। इससे पहले डीयू के वैधानिक निकाय से इन कोर्सेज को शुरू करने की मंजूरी मिल चुकी है। डीयू की ओर से यूजीसी से इसके लिए 100 करोड़ रुपये की धनराशि भी मांगी गई है। इन पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए जेईई मेंस से दाखिला लिए जाएंगे। डीयू की ओर से पाठ्यक्रम सामग्री और संरचना का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति भी गठित की थी।

डीयू की ओर से इन कोर्सेज के लिए प्रौद्योगिकी संकाय को नया रुप दिया गया है। इसके लिए नए शैक्षणिक ब्लॉक स्थापित करने की भी घोषणा की गई थी। डीयू अधिकारी के अनुसार वह इस साल से इन कोर्सेज के दाखिले शुरू करना चाहते हैं लेकिन अभी मंजूरी का इंतजार है। इसी कारण से अब तक दाखिला प्रक्रिया को भी अधिसूचित नहीं किया है।


डीयू सेमेस्टर परीक्षा में नकल के 115 मामले
दिल्ली विश्वविद्यालय में जारी सेमेस्टर परीक्षा के दौरान सात जून तक नकल(अनुचित साधनों) के 115 मामले सामने आए हैं। विवि में दूसरे और तीसरे वर्ष के स्नातक छात्रों के लिए ऑफ लाइन परीक्षाएं कोविड के कारण दो साल के अंतराल के बाद मई में शुरू हुई हैं। वर्ष 2019 में जब ऑफ लाइन परीक्षाएं हुई थी उसकी तुलना में अब हुई परीक्षा में नकल के मामलों की संख्या बहुत कम है। सेमेस्टर परीक्षाएं 18 जून को समाप्त होनी हैं। डीयू परीक्षा शाखा के डीन प्रो डीएस रावत ने बताया कि सात जून तक परीक्षा के दौरान नकल के 115 मामले मिले।

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