फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   IIT student arrested for molesting girl students on social media

छात्राओं-शिक्षिकाओं से सोशल मीडिया पर छेड़छाड़ में आईआईटी छात्र गिरफ्तार

Thu, 07 Oct 2021 09:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 09:00 PM IST
विज्ञापन
IIT student arrested for molesting girl students on social media
नई दिल्ली। दिल्ली की नामी स्कूलों की पचास से ज्यादा छात्राओं और शिक्षिकाओं से सोशल मीडिया पर छेड़छाड़ (साइबर स्टॉकिंग) के आरोप में पुलिस ने आईआईटी खड़गपुर के छात्र को पटना से गिरफ्तार किया है। आरोपी पीड़िताओं के फोटो से छेड़छाड़ कर उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था। जांच में पता चला है कि आरोपी एप के जरिए उनकी ऑनलाइन क्लास में भी शामिल हो जाता था। साइबर स्टॉकिंग के लिए वह फर्जी कॉलर आईडी, बात करने के लिए वाइस चेंजिंग एप और वर्चुअल नंबर के लिए हाईटेक ऐप का इस्तेमाल कर रहा था। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया है।
विज्ञापन

पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कल्सी ने बताया कि आरोपी की पहचान गुआरी बाजार, पटना (बिहार) निवासी महावीर(19) के रूप में हुई है। वह आईआईटी खडग़पुर में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। अगस्त में सिविल लाइंस इलाके में स्थित एक नामी स्कूल के प्रशासन ने शिकायत दी थी कि अज्ञात व्यक्ति ने कई छात्राओं की फोटो से छेड़छाड़ कर सोशल मीडिया पर डाल दिया है। जिले की साइबर सेल ने निरीक्षक संजीव कुमार के नेतृत्व में मामले की जांच शुरू की। इस दौरान छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षिकाओं से पूछताछ की गई। पता चला कि आरोपी फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर छात्राओं की सहेलियों से संपर्क करता था और ऑनलाइन क्लास का लिंक लेकर वह भी शामिल हो जाता था।
विज्ञापन

पुलिस ने 33 व्हाट्सएप वर्चुअल नंबरों, पांच इंस्टाग्राम प्रोफाइल और फर्जी कॉलर आईडी का इस्तेमाल कर की गई कई कॉल की पहचान की। जांच में पता चला कि आरोपी ने तीन साल पहले भी एक नंबर के जरिए एक छात्रा को ब्लैकमेल किया था। पुलिस ने उस नंबर, एप, व्हाट्सएप चैट और फर्जी आईडी के आईपी एड्रेस के जरिए आरोपी तक पहुंचकर उसे पटना से गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

आवाज बदलकर करता था बात
जांच में पता चला कि आरोपी पिछले तीन साल से छात्राओं व शिक्षिकाओं को साइबर स्टॉकिंग कर रहा था। आरोपी इंस्टाग्राम पर बनाए फर्जी अकाउंट के जरिए छात्राओं और उनकी सहेलियों से संपर्क करता था और उनसे लिंक लेकर ऑनलाइन कक्षा में शामिल हो जाता था। आवाज को बदलने के लिए वॉयस चेंजिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर छात्राओं से व्हाट्सएप कॉल करता था।
ऐसे करता था स्टॉकिंग
आरोपी ने खुलासा किया कि प्ले स्टोर पर मौजूद हाईटेक एप की मदद से वह फर्जी कॉलर आईडी बनाता था। फिर वर्चुअल नंबर के जरिए स्कूल की छात्राओं से संपर्क कर उन्हें ब्लैकमेल करता था। आरोपी टेक्नोफ्रेंडली है। वह एप के जरिए जब छात्राओं से बात करता था तो उनके मोबाइल पर अपना नंबर ही दिखाता था। पुलिस से बचने के लिए आरोपी वर्चुअल नंबर से ही छात्राओं के अश्लील फोटो उनके व्हाट्सएप नंबर पर भेजकर ब्लैकमेल करता था।

---------
क्या है साइबर स्टॉकिंग
ऑनलाइन माध्यम से कई गई छेड़छाड़ यानी किसी को परेशान करने के लिए ई-मेल या मैसेज भेजा जाता है तो उसे साइबर स्टॉकिंग कहा जाता है। भारत में साइबर स्टॉकिंग का पहला मामला वर्ष 2001 में दर्ज किया गया था। दिल्ली निवासी मनीष कथूरिया को एक महिला की अश्लील फोटो एवं फोन नंबर वेबसाइट पर डालने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था। साइबर स्टॉकिंग की समस्या के सबसे आसान शिकार बच्चे एवं महिलाएं होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed