कामयाबी : आईआईटी दिल्ली की टीम ने जीता फॉर्मूला भारत 2022 में ओवरऑल का खिताब
इलेक्ट्रिक व्हीकल की श्रेणी में तीसरा, स्टेटिंग इवेंट व पोजीशन इंजीनियरिंग डिजाइन में दूसरा, बेस्ट पावट्रेंन में रनर-अप का पुरस्कार।
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आईआईटी दिल्ली के ऑटोमोबाइल क्लब एक्सलर 8 आर फॉर्मूला रेसिंग टीम ने फॉर्मूला भारत 2022 प्रतियोगिता में इलेक्ट्रिक व्हीकल श्रेणी में ओवरऑल का खिताब जीता है। आईआईटी दिल्ली में इंजीनियरिंग की विभिन्न कोर्स की पढ़ाई की कर रहे यह 40 छात्रों की टीम ने इलेक्ट्रिक व्हीकल में ओवरऑल अवार्ड के अलावा स्टेटिंग इवेंट और इंजीनियरिंग डिजाइन इवेंट में भी टीम दूसरे स्थाप पर रही है।
इसके अलावा बेस्ट पावट्रेंन में टीम रनर-अप और पोजीशन लागत और निर्माण श्रेणी में तीसरा और बेस्ट बैटरी डिजाइन में फाइनलिस्ट की सूची में भी टीम ने अपनी जगह बनाने में कामयाबी हासिल की है। टीम अब जुलाई 2022 में इटली में होने वाली इंटरनेशनल डिजाइन प्रतियोगिता में भाग लेने की तैयारी कर रही है।
आईआईटी दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कोयंबटूर में 20 से 25 जनवरी के बीच यह फार्मूला भारत 2022 प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। इसी प्रतियोगिता में आईआईटी दिल्ली के ऑटोमोबाइल क्लब के 40 छात्रों की टीम ड्ड3द्यह्म्8ह्म् ने कैप्टन धार्मिक बपोदरा की अध्यक्षता में भाग लिया था। प्रतियोगिता में टीम ने इलेक्ट्रिक व्हीकल श्रेणी में अपना दमदार प्रदर्शन किया। यही कारण है कि देशभर के तकनीकी विश्वविद्यालयों की टीम के बीच आईआईटी दिल्ली की इस टीम ने इस श्रेणी में ओवरऑल तीसरा स्थान हासिल कर लिया। टीम ने प्रतियोगिता के ओवरऑल में स्थान पाने के साथ विभिन्न श्रेणियों में भी अपना परचम लहराया है।
टीम के 25 सदस्य बीटेक प्रोग्राम के हैं:
40 सदस्यों वाली इस टीम में 25 सदस्य बीटेक के विभिन्न कोर्स की पढ़ाई करने वाले छात्र हैं। जबकि टीम के अन्य सदस्य इंजीनियरिंग की अन्य प्रोग्राम की
पढ़ाई कर रहे हैं।
यह पुरस्कार मिले हैं...
- इलेक्ट्रिक व्हीकल श्रेणी में फॉर्मूला रेसिंग 2022 में ओवरऑल तीसरा पुरस्कार मिला है।
- स्टेटिक इवेंट में ओवरऑल दूसरा रैंक मिला।
- इंजीनियरिंग डिजाइन इवेंट में भी दूसरा स्थान प्राप्त किया।
- रेसिंग कार की लागत और निर्माण श्रेणी में भी तीसरा पुरस्कार मिला है।
- बेस्ट पावर्ट्रेन में रनर-अप का पुरस्कार प्राप्त किया।
- बेस्ट बैटरी डिजाइन की श्रेणी में फाइनल में अपनी जगह बनाने में कामयाबी मिली।
कोरोना के चलते दो साल तक नहीं कर सके अभ्यास:
मार्च 2020 में वैश्विक महामारी कोरोना के चलते शिक्षण संस्थान बंद हो गए थे और छात्र अपने घरों को चले गए थे। दो साल तक इस टीम के सदस्यों ने किसी
प्रकार का संयुक्त अभ्यास नहीं किया। लेकिन दो साल बाद इस फिजिकल मोड की प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन के चलते ओवरऑल में टॉप तीन में जगह बनाने
में कामयाबी हासिल की है।