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ई-वाहन नीतिः इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग में नहीं होगी दिक्कत, सात स्थानों पर मिलेगी सुविधा
Tue, 07 Sep 2021 09:23 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 07 Sep 2021 09:23 PM IST
सार
दिल्ली सरकार और सीईएसएल कंपनी के बीच समझौता हुआ। समझौते के अनुसार कंपनी दिल्ली की सात अलग-अलग जगहों पर ई-चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करेगी।
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कैलाश गहलोत
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कार, टू व्हीलर या थ्री व्हीलर सहित तमाम इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग की बेहतर सुविधा देने के लिए दिल्ली सरकार ने एक और पहल की है। इलेक्ट्रिक वाहनों(ईवी) को प्रोत्साहित करने की इस पहल के तहत मंगलवार को चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए सरकार ने कनवर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड(सीईएसएल)के साथ मंगलवार को समझौता किया है।
इसके तहत दिल्ली परिवहन निगम(डीटीसी) अपनी भूमि पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना करेगा जबकि कंपनी के सहयोग से यह सुविधा लोगों को मुहैया होगी। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की मौजूदगी में डीटीसी के प्रबंध निदेशक विजय कुमार बिधूड़ी, सीईएसएल के अध्यक्ष सौरभ कुमार ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।
कनवर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल), एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की एक सहायक कंपनी है। यह भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का एक संयुक्त उद्यम है।
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इस करार के तहत सीईएसएल के माध्यम से डीटीसी की ओर से आवंटित जगहों पर अपनी लागत और खर्च पर चार्जिंग यूनिट्स और बुनियादी ढांचे के विकास, स्थापना और रखरखाव पर सहमति व्यक्त की है। स्थान के उपयोग के लिए सीईएसएल की ओर से शुल्क के तौर पर एक रुपये प्रति किलोवाट प्रति घंटे की दर से डीटीसी को मासिक आधार पर किया जाएगा।
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इसके तहत दिल्ली परिवहन निगम(डीटीसी) अपनी भूमि पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना करेगा जबकि कंपनी के सहयोग से यह सुविधा लोगों को मुहैया होगी। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की मौजूदगी में डीटीसी के प्रबंध निदेशक विजय कुमार बिधूड़ी, सीईएसएल के अध्यक्ष सौरभ कुमार ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।
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कनवर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल), एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की एक सहायक कंपनी है। यह भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का एक संयुक्त उद्यम है।
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इस करार के तहत सीईएसएल के माध्यम से डीटीसी की ओर से आवंटित जगहों पर अपनी लागत और खर्च पर चार्जिंग यूनिट्स और बुनियादी ढांचे के विकास, स्थापना और रखरखाव पर सहमति व्यक्त की है। स्थान के उपयोग के लिए सीईएसएल की ओर से शुल्क के तौर पर एक रुपये प्रति किलोवाट प्रति घंटे की दर से डीटीसी को मासिक आधार पर किया जाएगा।
अगर आवश्यक स्थान 3 ईसीएस (समतुल्य कार स्थान) से अधिक है तो 2000 रुपये प्रति ईसीएस, प्रति माह का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। शुरुआत में 10 वर्षों के लिए अनुबंध किया गया है। सीईएसएल की ओर से चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए तत्काल शुरुआत की जाएगी। अगले चार महीने में सभी स्टेशनों पर ईसीएस की स्थापना को पूरा करने का लक्ष्य है।
सात टर्मिनल पर स्थापित किए जाएंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन
डीटीसी और ईईएसएल के संयुक्त सर्वेक्षण के बाद द्वारका सेक्टर -8, द्वारका सेक्टर 2 डिपो, महरौली टर्मिनल, नेहरू प्लेस टर्मिनल, ओखला सीडब्ल्यू-2, सुखदेव विहार डिपो और कालकाजी डिपो पर सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इन 7 स्थानों में से प्रत्येक में कुल 6 चार्जिंग पॉइंट होंगे। इनमें तीन दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए होंगे जबकि 3 पॉइंट कार के लिए होंगे।
वन दिल्ली एप से मिलेगी चार्जिंग पॉइंट की जानकारी
इनकी स्थापना के बाद अलग अलग लोकेशन के मुताबिक रियल टाइम में चार्जिंग पॉइंट की उपलब्धता की दिल्ली सरकार के वन दिल्ली एप से जानकारी उपलब्ध होगी। इससे कार्बन फुटप्रिंट में कमी आएगी। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना से सोलर रूफटॉप और बैटरी स्टोरेज सिस्टम (बीएसएस) को एकीकृत किए जा सकेंगे ताकि चार्जिंग स्टेशनों को बिजली उपलब्ध की जा सके।
ईवी इकोसिस्टम को सुधारने में जुटी है दिल्ली सरकार
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली, देश में इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रिम भूमिका निभा रही है। यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सीईएसएल के साथ इस साझेदारी से सरकार डीटीसी की भूमि और डिपो का उपयोग दिल्ली में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ईवी इकोसिस्टम को बढ़ाने और सुधारने के लिए कर रही है। हम कार्बन फुटप्रिंट को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए इन चार्जिंग स्टेशनों को बिजली देने के लिए विभिन्न गैर-प्रदूषणकारी साधनों के इस्तेमाल में भी लगें हैं।
सात टर्मिनल पर स्थापित किए जाएंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन
डीटीसी और ईईएसएल के संयुक्त सर्वेक्षण के बाद द्वारका सेक्टर -8, द्वारका सेक्टर 2 डिपो, महरौली टर्मिनल, नेहरू प्लेस टर्मिनल, ओखला सीडब्ल्यू-2, सुखदेव विहार डिपो और कालकाजी डिपो पर सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इन 7 स्थानों में से प्रत्येक में कुल 6 चार्जिंग पॉइंट होंगे। इनमें तीन दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए होंगे जबकि 3 पॉइंट कार के लिए होंगे।
वन दिल्ली एप से मिलेगी चार्जिंग पॉइंट की जानकारी
इनकी स्थापना के बाद अलग अलग लोकेशन के मुताबिक रियल टाइम में चार्जिंग पॉइंट की उपलब्धता की दिल्ली सरकार के वन दिल्ली एप से जानकारी उपलब्ध होगी। इससे कार्बन फुटप्रिंट में कमी आएगी। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना से सोलर रूफटॉप और बैटरी स्टोरेज सिस्टम (बीएसएस) को एकीकृत किए जा सकेंगे ताकि चार्जिंग स्टेशनों को बिजली उपलब्ध की जा सके।
ईवी इकोसिस्टम को सुधारने में जुटी है दिल्ली सरकार
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली, देश में इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रिम भूमिका निभा रही है। यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सीईएसएल के साथ इस साझेदारी से सरकार डीटीसी की भूमि और डिपो का उपयोग दिल्ली में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ईवी इकोसिस्टम को बढ़ाने और सुधारने के लिए कर रही है। हम कार्बन फुटप्रिंट को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए इन चार्जिंग स्टेशनों को बिजली देने के लिए विभिन्न गैर-प्रदूषणकारी साधनों के इस्तेमाल में भी लगें हैं।