हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को लगाई फटकार: कहा- टीके अधिक नहीं थे तो इतने सेंटर क्यों शुरू किए, जल्द लगाएं दूसरी डोज
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली के समक्ष दिल्ली सरकार ने कहा कि गुरुवार को 50 हजार लोगों को टीका लगाया गया है। अदालत ने सरकार के इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए इस मामले से संबंधित याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने कहा जब टीकाकरण शुरू हो चुका है तो अब याचिका पर आगे सुनवाई की जरूरत नहीं है।
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हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि हर हाल में 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों को कोरोना टीके की दूसरी डोज देना सुनिश्चित करें। इसके पहले सरकार ने अदालत को बताया कि उसे भारत बायोटेक से टीके की अतिरिक्त सप्लाई मिल गई है और सभी को को-वेक्सिन की दूसरी डोज लगा दी जाएगी।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली के समक्ष दिल्ली सरकार ने कहा कि गुरुवार को 50 हजार लोगों को टीका लगाया गया है। अदालत ने सरकार के इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए इस मामले से संबंधित याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने कहा जब टीकाकरण शुरू हो चुका है तो अब याचिका पर आगे सुनवाई की जरूरत नहीं है।
दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने भी इस संबंध में छह जून को निर्देश जारी किया है। इसके तहत कोवाक्सिन की पहली डोज लेने वाले 18-44 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों को ही दूसरी डोज देने का निर्देश दिया गया है।
दिल्ली सरकार ने अदालत को बताया कि 40,000 डोज के बाद अब 18-44 वर्ष आयु वर्ग के लिए कोवाक्सिन की 20 हजार डोज की अतिरिक्त मात्रा में दूसरी खुराक दिलाई गई है। दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील अनुज अग्रवाल ने कहा कि जून के लिए निर्धारित आपूर्ति के हिस्से के रूप में 10 जून को 29,800 खुराकें भी प्राप्त हुई हैं और 18-44 वर्ष आयु वर्ग के लिए 10 जून तक इस महीने प्राप्त कोवाक्सिन की कुल मात्रा 89,800 खुराक है।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध स्लॉट की संख्या पहले ही स्कूलों में टीकाकरण स्थलों पर 150 से बढ़ाकर 200 प्रति दिन की जा चुकी है और कोविन एप के अनुसार 7-10 जून की अवधि के बीच 49,206 लाभार्थियों को सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर कोवाक्सिन की दूसरी खुराक का टीका लगाया जा चुका है।
कोवाक्सिन की दूसरी डोज की टीका लगाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं। उनका आरोप था कि पहली डोज लगाने का समय लगभग पूरा होने के बावजूद वे दूसरी डोज लगवाने के संबंध में बुकिंग नहीं करा पा रहे हैं। कई अन्य याचिकाकर्ताओं ने भी कहा था कि उन्हें दूसरी डोज नहीं मिली है और उन्हें इसके लिए पड़ोसी राज्य जाना पड़ा है।
कोर्ट ने 2 जून को सरकार से पूछा था कि जब टीका पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं था तो फिर सरकार ने धूमधाम से इतने टीका केंद्र क्यों शुरू किए। इसके बाद 4 जून को सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि जब सरकार को पता था कि भारत बायोटेक अब टीका उपलब्ध नहीं करा पाएगा तो फिर सरकार ने टीका लगाना बंद क्यों नहीं किया। दिल्ली सरकार ने कहा था कि भारत बायोटेक ने पांच लाख टीका उपलब्ध कराने को कहा था, जबकि मई में महज 1.5 लाख टीका दिया गया।