हाईकोर्ट: दिल्ली पुलिस, उत्तरी एमसीडी को चांदनी चौक के नो-हॉकिंग जोन से अनधिकृत फेरीवालों को हटाने का निर्देश
चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव रल्ली और मोहित मुद्गल ने अदालत से अधिकारियों को चांदनी चौक में नो-हॉकिंग और नो-स्क्वाटिंग क्षेत्र से अवैध फेरीवालों और विक्रेताओं को हटाने का निर्देश देने का आग्रह किया था।
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उच्च न्यायालय ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस और उत्तरी दिल्ली नगर निगम को चांदनी चौक और सुभाष मार्ग के नो-हॉकिंग जोन से सभी अनधिकृत फेरीवालों और विक्रेताओं को हटाने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने चौक सर्व व्यापार मंडल द्वारा पेश कई तस्वीरों पर गौर करने के बाद यह आदेश दिया। याची ने फोटो पेश करते हुए बताया कि चांदनी चौक और सुभाष मार्ग में अवैध और अनधिकृत हॉकिंग गतिविधियां अदालत के आदेश का उल्लंघन करते हुए जारी हैं।
अदालत ने कोतवाली पुलिस स्टेशन के एसएचओ और एनआरडीएमसी के उपायुक्त को अभियान चलाने और एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव रल्ली और मोहित मुद्गल ने अदालत से अधिकारियों को चांदनी चौक में नो-हॉकिंग और नो-स्क्वाटिंग क्षेत्र से अवैध फेरीवालों और विक्रेताओं को हटाने का निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का हाल ही में पुनर्विकास हुआ है और इस प्रकार फेरीवालों का घूमना प्रतिबंधित है। बावजूद इसके, अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
उच्च न्यायालय ने हाल ही में आदेश दिया था कि जो कोई भी सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण कर रहा है, उसे हटाया जाना चाहिए और इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है कि बाजारों में पूरे फुटपाथ अतिक्रमण से भरे रहें व लोगों के चलने के लिए कोई जगह न हो। अदालत ने नगर निगम को स्ट्रीट वेंडिंग प्लान तैयार करने को भी कहा था।
28 फरवरी से पहले सीसीटीवी लगाने पर सकारात्मक कदम उठाने के निर्देश
अदालत ने दिल्ली पुलिस को 28 फरवरी से पहले चांदनी चौक इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर सकारात्मक कदम उठाने का भी निर्देश दिया था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अगली सुनवाई को दिल्ली पुलिस के आयुक्त सुनवाई में मौजूद रहेंगे। अदालत ने यह भी कहा था कि वे नहीं चाहते कि इन सभी गरीब लोगों को दूर किया जाए लेकिन एक योजना के साथ चीजों को ठीक से किया जाना चाहिए।
अदालत ने निर्देश दिया था कि शाहजनाबाद पुनर्विकास निगम, दिल्ली स्कूल ऑफ प्लानिंग और आईआईटी दिल्ली से तुरंत स्ट्रीट वेंडिंग योजना तैयार करने से संबंधित मामले में विशेषज्ञों को नामित किया जाए। अधिवक्ता रैली ने कहा कि अदालत के बार-बार के निर्देशों के बावजूद दिल्ली पुलिस ने अभी तक इलाके और रास्ते में अतिक्रमण की जांच के लिए 330 सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए और यह अधिकारियों का आकस्मिक दृष्टिकोण रहा है।