फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Green area did not decrease even after development works says cm arvind kejariwal

Delhi: सीएम केजरीवाल बोले- विकास कार्यों के बाद भी नहीं घटा हरित क्षेत्र 

Sat, 11 Jun 2022 04:49 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 11 Jun 2022 04:49 AM IST
सार

केजरीवाल ने कहा, दिल्ली में पहले किसी परियोजना में एक पेड़ काटने पर 10 नए पौधे लगाने होते थे, लेकिन अब 10 नए पौधे लगाने के साथ 80 फीसदी पेड़ों का प्रत्यारोपण भी करना होगा।

विज्ञापन
Green area did not decrease even after development works says cm arvind kejariwal
अरविंद केजरीवाल - फोटो : amar ujala

विस्तार

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि विकास कार्यों के बाद भी राष्ट्रीय राजधानी का हरित क्षेत्र घटा नहीं है। केजरीवाल ने कहा कि वृक्ष प्रत्यारोपण नीति लागू करने वाला दिल्ली देश का पहला और अकेला राज्य है। 

विज्ञापन


सीएम ने कहा, विकास और विनाश एक सिक्के के दो पहलू हैं, लेकिन दिल्ली सरकार ने यह धारणा खत्म कर दी है, क्योंकि यहां विकास की ‘आंधी’ में हरियाली कम होने के बजाय और ज्यादा लहराई है। शुक्रवार को उन्होंने मयूर विहार स्थित घड़ौली डेयरी पार्क का दौरा किया और पेड़ों के प्रत्यारोपण का जायजा लिया।
विज्ञापन


केजरीवाल ने कहा, दिल्ली में पहले किसी परियोजना में एक पेड़ काटने पर 10 नए पौधे लगाने होते थे, लेकिन अब 10 नए पौधे लगाने के साथ 80 फीसदी पेड़ों का प्रत्यारोपण भी करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रीन बेल्ट में तीन फीसदी का इजाफा
केजरीवाल ने कहा, जब आप सरकार बनी थी, उससे पहले दिल्ली का हरित क्षेत्र 19.97% था। देश के अन्य भागों से इसकी तुलना करें तो हरित क्षेत्र घटकर अब तक 15 या 16 फीसदी हो जाना चाहिए था, पर दिल्ली में करीब 3% बढ़कर 23% पर पहुंच गया है। 

दूसरे महानगरों से बेहतर स्थिति 
दिल्ली के लिए प्रति व्यक्ति वन क्षेत्र 9.6% है, जबकि अन्य महानगरीय शहरों बंगलूरू के लिए 7.2, हैदराबाद के लिए 8.2, मुंबई के लिए 5.4, चेन्नई के लिए 2.1 और कोलकाता के लिए यह 0.1 फीसदी है।

जल संकट का निकाला जाएगा समाधान
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भरोसा दिया है कि दिल्ली के पेयजल संकट के बारे में वह हर उचित मंच पर बात करेंगे, जिससे इस समस्या का समाधान निकाला जा सके। वहीं, इस मसले पर मुख्यमंत्री के साथ वह दिल्ली की सभी संबंधित एजेंसियों के साथ आगामी मंगलवार को बैठक भी करेंगे। इस दौरान कोशिश होगी कि दिल्ली की जल सुरक्षा सुनिश्चित कर रणनीति तैयार की जा सके।

इससे पहले शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री ने कहा था कि यमुना का जल लगातार घट रहा है। उपराज्यपाल से मुलाकात के दौरान उनसे दिल्लीवालों को इस समस्या राहत दिलाने की बात होगी। उनसे गुजारिश की जाएगी कि वह इस बारे में हरियाणा से बात करें कि वह थोड़ा पानी छोड़ दे। दोपहर बाद मुख्यमंत्री उपराज्यपाल से मुलाकात करने पहुंचे। दूसरे मसलों के साथ उन्होंने हरियाणा से यमुना में पानी छुड़वाने के लिए बात करने की गुजारिश की।

उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली को पानी के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई तरीकों पर काम करना पड़ेगा। साथ ही, मुख्यमंत्री को भरोसा दिया कि वह हर स्तर पर इस बारे में बात करेंगे। मुख्यमंत्री व उपराज्यपाल ने तय किया कि 14 जून को पानी से जुड़ी सभी एजेंसियों की संयुक्त बैठक होगी। इसमें अधिकारियों से कहा जाएगा कि वह 30 जून से पहले जमीन में छोटे-छोटे गड्ढे तैयार कर लें। इनसे बारिश के पानी को जमीन के अंदर ले जाकर भूजल स्तर को बढ़ाया जा सकेगा। वहीं, जलभराव की समस्या को माकूल समाधान निकलेगा।

एलजी का कौशल विकास पर जोर
खादी ग्रामोद्योग आयोग के अपने अनुभव और सिविल सोसाइटी के साथ जमीनी स्तर के अपने काम के आधार पर उपराज्यपाल ने कौशल विकास के प्रशिक्षण और अनौपचारिक क्षेत्र के करीब 75 हजार अप्रशिक्षित व अर्ध प्रशिक्षित श्रमिकों को उनके काम से संबंधित उपकरण देने पर जोर दिया।

उनका कहना था कि इससे उनकी जिंदगी बेहतर होगी। मुख्यमंत्री ने भी अपने अनुभव के आधार पर माना कि इस वर्ग का सशक्तीकरण करना जरूरी है। उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के लोगों व समूहों की पहचान के लिए तत्काल काम शुरू करना है। उपराज्यपाल ने कहा कि गायब के गोबर के लट्ठे व कपास से बनने वाले अलग-अलग तरह के उत्पादों को बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ इसके उपकरण भी देना शुरू करना है। इस दौरान उन्होंने गाय के गोबर के इस्तेमाल से पर्यावरण को होने वाले फायदे भी गिनाए। 

बंबू और चंदन पर भी बातचीत
बातचीत के दौरान उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली की सीमा पर बंबू की अलग-अलग प्रजातियां लगानी चाहिए। वहीं, दिल्ली के अंदर सरकारी जमीन पर चंदन उपजाना फायदेमंद रहेगा। चंदन के लकड़ी समय बीतने के साथ सरकार की मौद्रीकृत संपत्ति होगी, जबकि बंबू के सहारे धूल के कणों को हवा में जाने से रोका जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने इस बात से सहमति जताई।

साथ ही, दिल्ली के साथ पंजाब में भी इसे लागू करने की इच्छा जताई है। बैठक में अलग-अलग तरह के प्रमाण पत्र व संपत्तियों के पंजीकरण के दौरान होने वाले भ्रष्टाचार और लोगों की इस दौरान होने वाली परेशानी पर भी दोनों के बीच बात हुई। इस समस्या को माकूल समाधान पर दोनों सहमत दिखे।

केजरीवाल ने हरियाणा सरकार से की यमुना में पानी छोड़ने की अपील
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा से यमुना नदी में पानी छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यमुना का जलस्तर लगातार घटता जा रहा है। इस कारण हरियाणा सरकार से निवेदन है कि थोड़ा और जल छोड़ दे। इससे दिल्ली के लोगों को काफी राहत मिलेगी।

वहीं, यमुना में लगातार घटते जलस्तर पर दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार की ओर से दिल्ली के हिस्से का पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। वजीराबाद बैराज में जलस्तर सामान्य 674.5 फीट से घटकर इस साल के न्यूनतम स्तर 667.70 फीट पर पहुंच गया है। उन्होंने भी हरियाणा सरकार से अतिरिक्त जल छोड़ने का आग्रह किया है।

भारद्वाज ने शुक्रवार को वजीराबाद बैराज का निरीक्षण किया। उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि हरियाणा से कम पानी आने के बावजूद दिल्ली जल बोर्ड की ओर से राजधानी निवासियों को पेयजल उपलब्ध कराने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। वजीराबाद बैराज में जितना भी पानी है, उसका इस्तेमाल ट्रीटमेंट के जरिए किया जा रहा है।


इसके अलावा वजीराबाद बैराज में टेंपरेरी वाटर मास्टर मंगाई गई है। बैराज पर 700-800 मीटर के वर्ग में फैले पानी को एकत्रित किया जा रहा है और फिर नए फ्लोटिंग पंप के माध्यम से लेकर पानी को ट्रीट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अधिकांश इलाकों में पेयजल आपूर्ति पर असर दिख रहा है। पानी के इस संकट की प्रमुख वजह वजीराबाद बैराज है, जहां से दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में पानी जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed