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Exclusive:अब पंच बनाएंगे बिगड़ी बात, पुलिस भी होगी साथ, ग्राम पंचायत की तर्ज पर जीके पुलिस लगाएगी नगर पंचायत
Wed, 16 Feb 2022 09:02 AM IST
शाहरुख खान
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 16 Feb 2022 09:02 AM IST
सार
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नगर पंचायत लगाने की पहल ग्रेटर कैलाश-एक थाना पुलिस ने की है। इस पहल के तहत नगर पंचायत बनाई गई है। इसके सदस्य स्थानीय लोग, इलाके में रहने वाले रिटायर जज, सीनियर सिटीजंस, ब्यूरोक्रेट्स, वकील व सामाजिक कार्यकर्ता होंगे।
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नगर पंचायत की पहली बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दक्षिण दिल्ली जिला पुलिस ग्राम पंचायतों की तर्ज पर अब नगर पंचायत लगाने जा रही है। इसमें इलाके के सम्मानित नागरिक बतौर पंच (ज्यूरी सदस्य) शामिल होंगे। छोटे-छोटे मामलों का यहां से समाधान निकलेगा। पंच के फैसले को दोनों पक्षों को मानना पड़ेगा। इस तरह की पहल ग्रेटर कैलाश-एक (जीके-1) थाने में शुरू भी कर दी गई है।
पुलिस ने अभी तक दो पंचायतें लगवाई है। इसमें दो पक्षों के बीच का विवाद हल हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि अगर इममें कामयाबी मिलती है तो इसका विस्तार किया जाएगा। इससे छोटे-छोटे मामलों को थाना स्तर पर ही निपटा लिया जाएगा। इसका नतीजा यह होगा कि अदालत में मामलों की संख्या कम होगी। वहीं, आपसी बातचीत से लोगों को समाधान भी मिल जाएगा।
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नगर पंचायत लगाने की पहल ग्रेटर कैलाश-एक थाना पुलिस ने की है। इस पहल के तहत नगर पंचायत बनाई गई है। इसके सदस्य स्थानीय लोग, इलाके में रहने वाले रिटायर जज, सीनियर सिटीजंस, ब्यूरोक्रेट्स, वकील व सामाजिक कार्यकर्ता होंगे। ग्रेटर कैलाश-एक थाना इलाके में कुल नौ ब्लॉक हैं। हर ब्लॉक से चार-चार ब्यूरी सदस्य बनाए गए हैं। इस तरह कुल 36 ज्यूरी सदस्य बनाए गए हैं। इनका फैसला दोनों की पक्षों को लागू होगा।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगर एक ब्लॉक का मैटर है तो नगर पंचायत में ज्यूरी सदस्य दूसरे ब्लॉक के होंगे। उदाहरण के तौर पर अगर नगर पंचायत में जीके एंक्लेव का केस आता है तो एस-ब्लाक या फिर किसी और ब्लॉक के सदस्य नगर पंचायत सदस्य होंगे। नगर पंचायत की पहली बैठक दस फरवरी को आयोजित की गई थी। नगर पंचायत की दूसरी बैठक 16 फरवरी यानि बुधवार को आयोजित की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये सिस्टम जरूरी सफल होगा और आगे इसे सभी थानों बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।
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पुलिस ने अभी तक दो पंचायतें लगवाई है। इसमें दो पक्षों के बीच का विवाद हल हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि अगर इममें कामयाबी मिलती है तो इसका विस्तार किया जाएगा। इससे छोटे-छोटे मामलों को थाना स्तर पर ही निपटा लिया जाएगा। इसका नतीजा यह होगा कि अदालत में मामलों की संख्या कम होगी। वहीं, आपसी बातचीत से लोगों को समाधान भी मिल जाएगा।
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दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नगर पंचायत लगाने की पहल ग्रेटर कैलाश-एक थाना पुलिस ने की है। इस पहल के तहत नगर पंचायत बनाई गई है। इसके सदस्य स्थानीय लोग, इलाके में रहने वाले रिटायर जज, सीनियर सिटीजंस, ब्यूरोक्रेट्स, वकील व सामाजिक कार्यकर्ता होंगे। ग्रेटर कैलाश-एक थाना इलाके में कुल नौ ब्लॉक हैं। हर ब्लॉक से चार-चार ब्यूरी सदस्य बनाए गए हैं। इस तरह कुल 36 ज्यूरी सदस्य बनाए गए हैं। इनका फैसला दोनों की पक्षों को लागू होगा।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगर एक ब्लॉक का मैटर है तो नगर पंचायत में ज्यूरी सदस्य दूसरे ब्लॉक के होंगे। उदाहरण के तौर पर अगर नगर पंचायत में जीके एंक्लेव का केस आता है तो एस-ब्लाक या फिर किसी और ब्लॉक के सदस्य नगर पंचायत सदस्य होंगे। नगर पंचायत की पहली बैठक दस फरवरी को आयोजित की गई थी। नगर पंचायत की दूसरी बैठक 16 फरवरी यानि बुधवार को आयोजित की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये सिस्टम जरूरी सफल होगा और आगे इसे सभी थानों बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।
नगर पंचायत से तुंरत न्याय मिलेगा
दक्षिण जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि नगर पंचायत का उद्देश्य लोगों को तुरंत न्याय देना है। इससे लोगों को मौके पर न्याय मिल सकेगा। इसके अलावा नगर पंचायत में केसों को निपटारा होगा तो कोर्ट पर भी केसों का भार कम होगा। इससे जांच अधिकारी के साथ-साथ लोगों को समय व पैसा भी बचेगा। पुलिस के पास भी केसों का बोझ कम होगा।
पुराने केसों को निपटाया जाएगा
पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई सालों से केस कोर्ट में चल रहे हैं। ऐसे में इन लंबे चलने वाले सिविल केसों की सूची बनाई जा रही है। इन केसों की सूची बनाकर उनको नगर पंचायत में रखा जाएगा। कोशिश की जाएगी कि ऐसे केसों को कोर्ट के बाहर ही निपटा दिया जाए।
पहली नगर पंचायत में चार में दो केस निटपाए गए
पहली नगर पंचायत दस फरवरी को हुई थी। इस नगर पंचायत में चार केस आए थे। इन चार में से दो केसों को निपटा दिया गया है। एक केस पार्किंग का विवाद था, जबकि दूसरा सीढ़ियां दूसरी तरफ से निकालने का था। इन दोनों ही केसों को निपटा दिया गया है। नगर पंचायत में छोटे-मोटे सिविल केसों, पैसों को लेन-देन, मामूली सड़क दुर्घटना, अमानत में खयानत जैसे केसों को निपटाया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के केस कुल केसों में करीब 80 फीसदी होते हैं।
नगर पंचायत लगाना बहुत ही बढिय़ा कदम है-नगर पंचायत सदस्य
नगर पंचायत सदस्य व सामाजिक कार्यकर्ता शार्मिला ने बताया कि वह एस-ब्लाक ग्रेटर कैलाश में रहती हैं। शार्मिला ने बताया कि नगर पंचायत लगाना बहुत ही सराहनीय कदम हैं। कोर्ट जाए बिना ही केसों का निपटारा हो जाएगा तो बहुत ही बढ़िया है। हर चीज के लिए पुलिस से उम्मीद करना ठीक नहीं है। ग्रेटर कैलाश में ज्यादातर झगड़े मूछों की लड़ाई के होते हैं। ऐसे में नगर पंचायत में केस सुलझाए जा सकते हैं
पुराने केसों को निपटाया जाएगा
पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई सालों से केस कोर्ट में चल रहे हैं। ऐसे में इन लंबे चलने वाले सिविल केसों की सूची बनाई जा रही है। इन केसों की सूची बनाकर उनको नगर पंचायत में रखा जाएगा। कोशिश की जाएगी कि ऐसे केसों को कोर्ट के बाहर ही निपटा दिया जाए।
पहली नगर पंचायत में चार में दो केस निटपाए गए
पहली नगर पंचायत दस फरवरी को हुई थी। इस नगर पंचायत में चार केस आए थे। इन चार में से दो केसों को निपटा दिया गया है। एक केस पार्किंग का विवाद था, जबकि दूसरा सीढ़ियां दूसरी तरफ से निकालने का था। इन दोनों ही केसों को निपटा दिया गया है। नगर पंचायत में छोटे-मोटे सिविल केसों, पैसों को लेन-देन, मामूली सड़क दुर्घटना, अमानत में खयानत जैसे केसों को निपटाया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के केस कुल केसों में करीब 80 फीसदी होते हैं।
नगर पंचायत लगाना बहुत ही बढिय़ा कदम है-नगर पंचायत सदस्य
नगर पंचायत सदस्य व सामाजिक कार्यकर्ता शार्मिला ने बताया कि वह एस-ब्लाक ग्रेटर कैलाश में रहती हैं। शार्मिला ने बताया कि नगर पंचायत लगाना बहुत ही सराहनीय कदम हैं। कोर्ट जाए बिना ही केसों का निपटारा हो जाएगा तो बहुत ही बढ़िया है। हर चीज के लिए पुलिस से उम्मीद करना ठीक नहीं है। ग्रेटर कैलाश में ज्यादातर झगड़े मूछों की लड़ाई के होते हैं। ऐसे में नगर पंचायत में केस सुलझाए जा सकते हैं
इलाके के लोग सही फैसला कर सकते हैं- ज्यूरी सदस्य
ज्यूरी सदस्य वीरेंद्र चौपड़ा ने बताया कि नगर पंचायत लगाकर लोगों के केसों का निपटारा करना बहुत ही बढ़िया कदम है। इलाके के लोगों को इलाके का पूरा पता होता है। ऐसे में वह सही फैसला कर सकते हैं और पुलिस को सही गलत क्या है ये बता सकते हैं। इससे पुलिस व कोर्ट पर केसों को भार कम होगा।