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लॉकडाउन: प्रवासी, दैनिक व निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की भलाई के लिए सरकार प्रतिबद्ध

Wed, 21 Apr 2021 12:38 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 21 Apr 2021 12:38 AM IST
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Government is liable for the welfare of workers and labours
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार लॉकडाउन के दौरान प्रवासी, दैनिक व निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने लॉकडाडन में उनके रहने, खाने-पीने, कपड़े व दवा इत्यादि की व्यवस्था के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। दिल्ली सरकार ने उच्च न्यायालय को यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रधान सचिव-गृह के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया है जो सभी प्रकार की व्यवस्थाएं देखेंगे।
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हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से लॉकडाउन के दौरान प्रवासी, दैनिक व निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के लिए उचित कदम उठाने पर रिपोर्ट मांगी थी।
सरकार ने पेश रिपोर्ट में कहा कि श्रमिकों की भलाई के लिए कई कदम उठाए हैं। सभी प्रकार की व्यवस्था देखने के लिए एक कमेटी का गठन किया है और प्रधान सचिव-गृह भूपिन्द्र सिंह भल्ला को इसका चेयरमैन बनाया गया है जो राज्य के नोडल अधिकारी रहेंगे। वहीं दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त राजेश खुराना दिल्ली पुलिस की ओर से नोडल अधिकारी होंगे।
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कमेटी में आयुक्त श्रम को सदस्य सचिव, प्रधान सचिव श्रम-सदस्य, शिक्षा निदेशक-सदस्य, विशेष सचिव वित-सदस्य, रेवेन्यू उपसचिव-सदस्य इत्यादि शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार श्रमिकों की बुनियादी सुविधाएं जैसे खाना, पानी, दवा, आश्रय, कपड़े इत्यादि की व्यवस्था के अलावा यह भी सुनिश्चित किया गया है कि निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को कार्य स्थल पर ही खाने-पानी व अन्य सुविधाएं मिलें। वित्त विभाग फंड की व्यवस्था करेगा।
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रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2020 में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या करीब 55 हजार थी। एक वर्ष में विशेष कैंप लगाकर पंजीकरण किया गया। वर्तमान में एक लाख 71 हजार 861 पंजीकृत श्रमिक हैं। वर्ष 2020 में श्रमिकों को दो बार पांच-पांच हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई। 20 अप्रैल-2021 से फिर से पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा निर्णय किया गया कि स्कूलों में दिए जाने वाले मिड डे मील का उपयोग श्रमिकों को खाने के रूप में किया जाए।
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