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दिल्ली: गूगल मैप ने एक किमी का रास्ता 13 किमी दिखाया, मंजिल पास फिर भी लंबा चक्कर, चक्रव्यूह में उलझे लोग
Sun, 11 Oct 2026 05:43 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 11 Oct 2026 05:43 AM IST
सार
दिल्ली में रास्ता पूछने के लिए अमूमन गूगल मैप सटीक साबित होता है, लेकिन शनिवार लुटियंस दिल्ली में यह भी कंफ्यूज दिखा। इसमें गोल पोस्ट ऑफिस से जंतर मंतर की महज एक किमी की दूरी तय करवाने के लिए लंबा रास्ता लिया। इससे रास्ता करीब 13 किमी लंबा हो गया।
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गूगल मैप।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
दिल्ली में रास्ता पूछने के लिए अमूमन गूगल मैप सटीक साबित होता है, लेकिन शनिवार लुटियंस दिल्ली में यह भी कंफ्यूज दिखा। इसमें गोल पोस्ट ऑफिस से जंतर मंतर की महज एक किमी की दूरी तय करवाने के लिए लंबा रास्ता लिया। इससे रास्ता करीब 13 किमी लंबा हो गया।
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वहीं, जिस मंजिल को पैदल करीब 10 मिनट में पाया जा सकता है, उसके लिए वाया बाइक 45 मिनट खर्च होने थे। मतलब, मंजिल पास थी, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाने की नौबत आ गई। लुटियंस की दिल्ली में प्रदर्शन का असर ऐसा रहा कि रास्ता बताने वाला डिजिटल साथी भी मानो उलझ गया।
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दरअसल, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली के कई हिस्सों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह बैरिकेडिंग, पुलिस की तैनाती और यातायात प्रतिबंधों के कारण सामान्य आवाजाही प्रभावित रही। इसमें गूगल मैप भी हड़बड़ा गया था। जीपीओ से जंतर मंतर की दूरी सर्च करने पर इसने वाया झंडेवालान, दिल्ली गेट, मंडी हाउस होते हुए गुजरने की सलाह दी, जबकि अशोक या महादवे रोड होते हुए यह एक किमी बैठती है। संवाद
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चुनाव आयोग का रास्ता मैप पर बंद दिखाया
गूगल मैप लोगों को जाम से बचाने और कम समय में मंजिल तक पहुंचाने का रास्ता बताता है। लेकिन जब सड़कें बंद हों, जगह-जगह बैरिकेड लगे हों और आवाजाही पर पाबंदियां हों, तो तकनीक भी उपलब्ध रास्तों के हिसाब से लंबा विकल्प दिखा दे रही थी। इसके उलट अशोक रोड पर स्थित पुलिस हेड क्वार्टर और भारतीय चुनाव आयोग का रास्ता मैप पर बंद दिख रहा था, लेकिन बंदिशों के बावजूद जंतर मंतर की आवाजाही को गूगल ने सामान्य लेकिन लंबा बताया। दूसरी तरफ नई दिल्ली के दूसरे रास्तों पर रेड लाइन दिख रही थी। इससे बाहर से आए ऐसे मीडियाकर्मी व प्रदर्शनकारी परेशान दिखे, जिनका इंटरनेट इस इलाके में काम कर रहा था। इनका सवाल था कि जीपीओ से जंतर-मंतर के बीच दिखी दूरी आखिर शहर के बीचोंबीच पहुंचने के लिए इतना लंबा चक्कर क्यों दिख रही है। जबकि पुलिस यहां जाने की इजाजत नहीं दे रही है।