रोहिणी मुठभेड़ मामलाः बदमाशों ने कर्नल से हरियाणा में खरीदी थी बुलेट प्रूफ जैकेट
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रोहिणी के सेक्टर-26 में मुठभेड़ के बाद बृहस्पतिवार रात गिरफ्तार किए गए लॉरेंस बिश्नोई-काला जठेड़ी- सुबे गुर्जर गिरोह के चार गैंगस्टरों के कब्जे से बरामद बुलेट प्रूफ जैकेट व हैड गियर सेना के कर्नल से हरियाणा में खरीदे गए थे। गिरोह ने आधुनिक हथियार, बुलेट प्रूफ जैकेट व हैड गियर खरीदने के लिए मोटी रकम खर्च की थी।
दूसरी तरफ गिरोह ने हाल ही में कई जगह कॉल कर रंगदारी मांगी थी। नारायण इलाके में रंगदारी मांगने के लिए बदमाशों ने 35 राउंड गोलियां चलाई थीं। सरगना काला जठेड़ी वर्चुअल कॉल कर रंगदारी मांगता था।
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि बदमाशों से जो सामान बरामद हुआ है उससे सवाल ये खड़ा हुआ है कि आखिर गिरोह सदस्यों ने बुलट प्रूफ जैकेट, हैड गियर व आधुनिक हथियारों का इंतजाम क्यों किया था। गिरोह के गैंगस्टरों को कोई युद्ध तो नहीं लड़ना था। बदमाश इस सामान को लेकर कोई बड़ी वारदात तो नहीं करने जा रहे थे।
पुलिस ने पूछताछ के लिए रविन्द्र व अमित को छह दिन और रोहित को दो दिन के रिमांड पर लिया है। बदमाशों ने बताया कि उन्होंने हरियाणा में एक कर्नल से ये सामान खरीदा था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बदमाश सही बता रहे हैं या पुलिस को गुमराह कर रहे हैं।
गिरोह के सदस्यों ने कुछ दिन पहले नजफगढ़ में एक करोड़ की रंगदारी मांगी थी। कुछ दिन पहले ही इन्होंने नरेला इलाके में ढाई करोड़ की रंगदारी मांगी थी। इन्होंने 21 सितंबर, 20 को नारायणा स्थित श्री बालाजी सुपर मार्केट के मालिक प्रदीप कुमार के भतीजे को पर्ची देकर रंगदारी मांगी थी। गिरोह के दो बदमाशों ने उनकी दुकान पर 35 राउंड गोलियां चलाई थीं। इससे पूरा इलाका दहल गया था।
एसीपी संजय दत्त की देखरेख में इंस्पेक्टर मानसिंह की टीम ने मुठभेड़ के बाद गिरोह के मित्राऊं गांव, नजफगढ़ निवासी सुनील उर्फ सोनू मित्राऊं, बसई, सेक्टर-9 गुरुग्राम निवासी अमित उर्फ कालू (26), भोरा खुर्द, मानेसर, गुरुग्राम निवासी रोहित उर्फ लांडा (23) और रविन्द्र यादव उर्फ सरकार (31) को गिरफ्तार किया था।
वर्चुअल कॉल से रंगदारी मांगता था
काला जठेड़ी वर्चुअल कॉल कर रंगदारी मांगता था। इसमें साफ्टवेयर का इस्तेमाल कर कॉल की जाती है। अगले व्यक्ति के मोबाइल पर विदेश का नंबर दिखाई देता है। वर्चुअल कॉल से आरोपी को पकड़ना बहुत ही कठिन है।
काला की पत्नी और दो बदमाश गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कर्मवीर उर्फ काला की पत्नी व उसके दो और साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने दावा किया है कि पुलिस ने काला व उसके साथियों को गिरफ्तार कर काला गिरोह को पूरी तरह खत्म कर दिया है। बदमाशों के पास से छह हथियार व पोलो कार बरामद हुई है। दिल्ली पुलिस ने कर्मवीर पर एक लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था।
स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाह के अनुसार, सेल में तैनात एसीपी ललित मोहन नेगी व हृदय भूषण की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील कुमार राजैन, रविन्द्र जोशी व विनय पाल की टीम ने शुक्रवार देर रात अंबेडकर नगर में हुई मुठभेड़ के बाद काला (30) व उसके साथी विकास उर्फ हैप्पी (21) को गिरफ्तार किया था। काला को दोनों पैरों में एक-एक व विकास को एक गोली लगी थी। मुठभेड़ के बाद सर्च अभियान चलाया गया और काला की पत्नी स्वीटी उर्फ सुनीता, जगत सिंह (34) और हरविंदर उर्फ मोनू (27) को संगम विहार से गिरफ्तार कर लिया था। जगत सिंह व हरविंदर काला से मिलने संगम विहार इलाके में आए थे।
काला ने विकास व हरविंदर के साथ घेवरा, कंझावला में सोमवीर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। परचून की दुकान चलाने वाले सोमवीर का काला की मां से पैसे को लेकर विवाद हो गया था। चार सितंबर को भूपानिया, हरियाणा निवासी तिलक राज उर्फ नन्हे की भी इन्होंने गोली मारकर हत्या की थी। विकास व जगत सिंह का तिलकराज से पारिवारिक विवाद चल रहा था। काला व उसकी पत्नी सुनीता ने 15 जनवरी, 2017 को बवाना से संजय का पैसे के विवाद के चलते अपहरण कर लिया था। बाद में संजय की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया था। इस मामले में कोर्ट ने काला व उसकी पत्नी को भगोड़ा घोषित कर दिया था।