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फ्रीडम-251 का मास्टरमाइंड दो साथियों संग गिरफ्तार
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नई दिल्ली। रिंगिंग बेल्स कंपनी के मालिक व स्मार्ट फोन फ्रीडम-251 देने का झांसा देकर 200 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले आरोपी मोहित गोयल ने अपने साढ़ू को फंसाने की साजिश रची, लेकिन अपराध शाखा ने इस षड्यंत्र से पर्दा उठा दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी नोएडा निवासी मोहित गोयल को दो साथियों गुरुग्राम निवासी सुमित यादव व विनित उर्फ शैंकी के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
अगस्त 2020 में द्वारका साउथ थाने में एक महिला ने मोहित गोयल के साढ़ू गाजियाबाद निवासी विकास मित्तल पर दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया था। अपने साढ़ू को इस मामले में और फंसाने के लिए मोहित ने दुष्कर्म पीड़िता को विकास के नाम से धमकाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं मोहित ने मामले की एक फर्जी गवाह पर हरियाणा के जींद में गोली भी चलवाकर विकास को फंसाने का प्रयास किया। इस पूरी कांड की गुत्थी उलझी तो सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी। आरोपियों को पकड़ने पर दिल्ली पुलिस की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। सुमित के खिलाफ भी नोएडा में 12 मामले दर्ज थे, इनमें आठ मामलों में उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी थे।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अपराध शाखा ने मामले की जांच शुरू कर दी। कई माह के डाटा विश्लेषण और टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से दुष्कर्म पीड़िता को कॉल करने वाले की लोकेशन गुरुग्राम की मिली। आरोपी इंटरनेट कॉल करके पीड़िता को विकास मित्तल के नाम से धमका रहा था। दो अक्तूबर को आखिर पुलिस ने विनित कुमार नामक आरोपी को गुरुग्राम के एक अपार्टमेंट से दबोच लिया। आरोपी ने बताया कि पीड़िता को धमकाने का मुख्य आरोपी मोहित गोयल व उसका साथी सुमित यादव हैं। इसके बाद पांच अक्तूूूूबर को नोएडा के अपार्टमेंट से मोहित गोयल अगले ही चंडीगढ़ हाईकोर्ट के बाहर से सुमित यादव को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल मोहित को लगता था कि उसके खिलाफ दर्ज सभी केस के पीछे विकास मित्तल का हाथ है।
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धमकाने के झूठे मामले में विकास को ऐसे फंसाया
अगस्त 2020 में विकास के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ तो पीड़िता को समझौता करने के लिए धमकी भरे कॉल आने लगे। अज्ञात कॉलर ने पीड़िता को समझौता करने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट बुलाया, जहां से पुलिस ने विकास मित्तल को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच 24 सितंबर 2020 को अज्ञात शख्स ने सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन पर पीड़िता का गला दबाकर धमकाने का प्रयास किया। इस केस में मोहित का ही सहयोगी सुमित यादव गवाह बन गया। सिविल लाइंस में विकास के खिलाफ धमकाने का मामला दर्ज हुआ। 30 अगस्त को केस को द्वारका से डीआईयू पश्चिम जिला को सौंप दिया गया। 18 अक्तूबर 2020 को सिविल लाइंस मामले के गवाह सुमित पर जींद हरियाणा में गोली चली। जींद में भी सुमित ने विकास का ही नाम लेकर उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाया। जांच के बाद सात दिसंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने केस अपराध शाखा को सौंप दिया।
मोहित गोयल ने ही रची विकास को फंसाने की साजिश
पूछताछ में विनीत ने बताया कि वह नौकरी की तलाश में सुमित से मिला था। सुमित ने उसे मोहित का निजी सुरक्षा अधिकारी नियुक्त करवा दिया। मोहित की अपने साढ़ू विकास से ठनी हुई थी। उससे बदला लेने के लिए मोहित ने सारी साजिश रची। विकास को फंसाने के लिए पहले पीड़िता को धमकाकर एयरपोर्ट से उसको गिरफ्तार करवाया गया। इसके बाद लगातार फर्जी पते पर लिए गए सिम व मोबाइल की मदद से विनीत खुद ही पीड़िता को केस में समझौता करने के लिए धमकाता रहा।
अंतरराष्ट्रीय चैनल नेडोक्यूमेंट्री में दिया था मनी माफिया नाम
नई दिल्ली। दुनियाभर में ‘मनी माफिया’ के नाम से कुख्यात मोहित गोयल पर एक अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनल ने डोक्यूमेंट्री बनाई। इसी में उसे मनी माफिया बताया गया था। मोहित ने न सिर्फ स्मार्ट फोन फ्रीडम-251 के नाम से देशभर के लोगों से 200 करोड़ की ठगी की बल्कि जेल से बाहर आने के बाद उसने दुबई ड्राई फ्रूट के नाम से एक और फर्जी कंपनी बनाकर ठगी की। इसके बाद वह लगातार फरार था। दरअसल मोहित को लगता था कि उस पर जितने भी मुकदमे दर्ज हुए हैं, वह सभी उसके साढ़ू विकास मित्तल ने दर्ज करवाए हैं। इसी का बदला लेने के लिए उसने विकास को फंसाने की साजिश रची। मोहित के खिलाफ ठगी व जबरन वसूली के 48 मामले दर्ज हैं। सुमित के खिलाफ भी नोएडा में 12 मुकदमे दर्ज हैं। आठ मामलों में इसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हैं। इसने लंदन के नामी संस्थान से हॉस्पिटेलिटी व मैनेजमेंट का डिप्लोमा किया हुुआ है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मूलरूप से शामली निवासी मोहित ने पोस्ट ग्रेजुएशन किया हुआ है। 2016 में डिजीटल इंडिया प्रोग्राम की बात कर एक कंपनी रिंगिंग बेल्स प्रा.लिमिटेड की स्थापना की। मोहित ने दावा किया कि वह 251 रुपये में देश का सबसे सस्ता मोबाइल लांच कर लोगों को देगा। इसके लिए आरोपी ने कंपनी की प्री-बुकिंग की, लेकिन न तो मोबाइल दिए गए और न ही रुपये वापस किए गए। कई जगह मोहित के खिलाफ शिकायत हुई। इसके खिलाफ 200 करोड़ की ठगी के आरोप लगे। बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। जेल से बाहर आने के बाद मोहित ने ड्राई फ्रूट की कंपनी बनाकर दुनियाभर के लोगों को ठगा।
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अगस्त 2020 में द्वारका साउथ थाने में एक महिला ने मोहित गोयल के साढ़ू गाजियाबाद निवासी विकास मित्तल पर दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया था। अपने साढ़ू को इस मामले में और फंसाने के लिए मोहित ने दुष्कर्म पीड़िता को विकास के नाम से धमकाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं मोहित ने मामले की एक फर्जी गवाह पर हरियाणा के जींद में गोली भी चलवाकर विकास को फंसाने का प्रयास किया। इस पूरी कांड की गुत्थी उलझी तो सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी। आरोपियों को पकड़ने पर दिल्ली पुलिस की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। सुमित के खिलाफ भी नोएडा में 12 मामले दर्ज थे, इनमें आठ मामलों में उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी थे।
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अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अपराध शाखा ने मामले की जांच शुरू कर दी। कई माह के डाटा विश्लेषण और टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से दुष्कर्म पीड़िता को कॉल करने वाले की लोकेशन गुरुग्राम की मिली। आरोपी इंटरनेट कॉल करके पीड़िता को विकास मित्तल के नाम से धमका रहा था। दो अक्तूबर को आखिर पुलिस ने विनित कुमार नामक आरोपी को गुरुग्राम के एक अपार्टमेंट से दबोच लिया। आरोपी ने बताया कि पीड़िता को धमकाने का मुख्य आरोपी मोहित गोयल व उसका साथी सुमित यादव हैं। इसके बाद पांच अक्तूूूूबर को नोएडा के अपार्टमेंट से मोहित गोयल अगले ही चंडीगढ़ हाईकोर्ट के बाहर से सुमित यादव को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल मोहित को लगता था कि उसके खिलाफ दर्ज सभी केस के पीछे विकास मित्तल का हाथ है।
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धमकाने के झूठे मामले में विकास को ऐसे फंसाया
अगस्त 2020 में विकास के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ तो पीड़िता को समझौता करने के लिए धमकी भरे कॉल आने लगे। अज्ञात कॉलर ने पीड़िता को समझौता करने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट बुलाया, जहां से पुलिस ने विकास मित्तल को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच 24 सितंबर 2020 को अज्ञात शख्स ने सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन पर पीड़िता का गला दबाकर धमकाने का प्रयास किया। इस केस में मोहित का ही सहयोगी सुमित यादव गवाह बन गया। सिविल लाइंस में विकास के खिलाफ धमकाने का मामला दर्ज हुआ। 30 अगस्त को केस को द्वारका से डीआईयू पश्चिम जिला को सौंप दिया गया। 18 अक्तूबर 2020 को सिविल लाइंस मामले के गवाह सुमित पर जींद हरियाणा में गोली चली। जींद में भी सुमित ने विकास का ही नाम लेकर उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाया। जांच के बाद सात दिसंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने केस अपराध शाखा को सौंप दिया।
मोहित गोयल ने ही रची विकास को फंसाने की साजिश
पूछताछ में विनीत ने बताया कि वह नौकरी की तलाश में सुमित से मिला था। सुमित ने उसे मोहित का निजी सुरक्षा अधिकारी नियुक्त करवा दिया। मोहित की अपने साढ़ू विकास से ठनी हुई थी। उससे बदला लेने के लिए मोहित ने सारी साजिश रची। विकास को फंसाने के लिए पहले पीड़िता को धमकाकर एयरपोर्ट से उसको गिरफ्तार करवाया गया। इसके बाद लगातार फर्जी पते पर लिए गए सिम व मोबाइल की मदद से विनीत खुद ही पीड़िता को केस में समझौता करने के लिए धमकाता रहा।
अंतरराष्ट्रीय चैनल नेडोक्यूमेंट्री में दिया था मनी माफिया नाम
नई दिल्ली। दुनियाभर में ‘मनी माफिया’ के नाम से कुख्यात मोहित गोयल पर एक अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनल ने डोक्यूमेंट्री बनाई। इसी में उसे मनी माफिया बताया गया था। मोहित ने न सिर्फ स्मार्ट फोन फ्रीडम-251 के नाम से देशभर के लोगों से 200 करोड़ की ठगी की बल्कि जेल से बाहर आने के बाद उसने दुबई ड्राई फ्रूट के नाम से एक और फर्जी कंपनी बनाकर ठगी की। इसके बाद वह लगातार फरार था। दरअसल मोहित को लगता था कि उस पर जितने भी मुकदमे दर्ज हुए हैं, वह सभी उसके साढ़ू विकास मित्तल ने दर्ज करवाए हैं। इसी का बदला लेने के लिए उसने विकास को फंसाने की साजिश रची। मोहित के खिलाफ ठगी व जबरन वसूली के 48 मामले दर्ज हैं। सुमित के खिलाफ भी नोएडा में 12 मुकदमे दर्ज हैं। आठ मामलों में इसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हैं। इसने लंदन के नामी संस्थान से हॉस्पिटेलिटी व मैनेजमेंट का डिप्लोमा किया हुुआ है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मूलरूप से शामली निवासी मोहित ने पोस्ट ग्रेजुएशन किया हुआ है। 2016 में डिजीटल इंडिया प्रोग्राम की बात कर एक कंपनी रिंगिंग बेल्स प्रा.लिमिटेड की स्थापना की। मोहित ने दावा किया कि वह 251 रुपये में देश का सबसे सस्ता मोबाइल लांच कर लोगों को देगा। इसके लिए आरोपी ने कंपनी की प्री-बुकिंग की, लेकिन न तो मोबाइल दिए गए और न ही रुपये वापस किए गए। कई जगह मोहित के खिलाफ शिकायत हुई। इसके खिलाफ 200 करोड़ की ठगी के आरोप लगे। बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। जेल से बाहर आने के बाद मोहित ने ड्राई फ्रूट की कंपनी बनाकर दुनियाभर के लोगों को ठगा।