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करोड़ों की जमीन के फर्जीवाड़े में पूर्व एसडीएम समेत तीन गिरफ्तार
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करोड़ों की जमीन के फर्जीवाड़े में पूर्व एसडीएम समेत 3 गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राजौरी गार्डन इलाके में करोड़ों की जमीन को फर्जी तरीके से बेचने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने पूर्व एसडीएम व तहसीलदार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान पूर्व एसडीएम रमेश कुमार (60), तत्कालीन तहसीलदार सुरेंद्र कुमार और कानूनगो मंजीत सिंह के रूप में हुई है। जुलाई माह में राजौरी गार्डन के तहसीलदार राजेंद्र मिंज ने तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में शिकायत कर करोड़ों की जमीन फर्जी तरीके से प्राइवेट पार्टियों को बेचने का आरोप लगाया था। मामला दर्ज कर छानबीन के बाद बुधवार को तीनों की गिरफ्तारी की गई है।
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के अधिकारियों ने बताया कि चार जुलाई 2019 को राजौरी गार्डन के तहसीलदार राजेंद्र मिंज ने एसीबी को शिकायत दी थी। शिकायत में राजेंद्र ने बताया था कि तत्कालीन एसडीएम रमेश कुमार व तहसीलदार सुरेंद्र कुमार ने तातरपुर इलाके में डीटीसी की करीब 35 बीघा 11 बिस्वा जमीन का लैंड यूज चेंज कर इसे प्राइवेट पार्टियों के पक्ष में कर दिया। बाद में 963.03 वर्ग मीटर जमीन को प्राइवेट पार्टियों के नाम भी कर दिया था। जमीन की कीमत करोड़ों रुपये थी। रमेश ने फर्जीवाड़े के बाद वीआरएस ले लिया था। बाद में मामले की जांच हुई तो हेराफेरी का पता चला। जांच के बाद हेराफेरी पाए जाने पर एसीबी को शिकायत दी गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राजौरी गार्डन इलाके में करोड़ों की जमीन को फर्जी तरीके से बेचने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने पूर्व एसडीएम व तहसीलदार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान पूर्व एसडीएम रमेश कुमार (60), तत्कालीन तहसीलदार सुरेंद्र कुमार और कानूनगो मंजीत सिंह के रूप में हुई है। जुलाई माह में राजौरी गार्डन के तहसीलदार राजेंद्र मिंज ने तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में शिकायत कर करोड़ों की जमीन फर्जी तरीके से प्राइवेट पार्टियों को बेचने का आरोप लगाया था। मामला दर्ज कर छानबीन के बाद बुधवार को तीनों की गिरफ्तारी की गई है।
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के अधिकारियों ने बताया कि चार जुलाई 2019 को राजौरी गार्डन के तहसीलदार राजेंद्र मिंज ने एसीबी को शिकायत दी थी। शिकायत में राजेंद्र ने बताया था कि तत्कालीन एसडीएम रमेश कुमार व तहसीलदार सुरेंद्र कुमार ने तातरपुर इलाके में डीटीसी की करीब 35 बीघा 11 बिस्वा जमीन का लैंड यूज चेंज कर इसे प्राइवेट पार्टियों के पक्ष में कर दिया। बाद में 963.03 वर्ग मीटर जमीन को प्राइवेट पार्टियों के नाम भी कर दिया था। जमीन की कीमत करोड़ों रुपये थी। रमेश ने फर्जीवाड़े के बाद वीआरएस ले लिया था। बाद में मामले की जांच हुई तो हेराफेरी का पता चला। जांच के बाद हेराफेरी पाए जाने पर एसीबी को शिकायत दी गई।
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