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मालदा होकर बांग्लादेश से आ रहे हैं नकली नोट
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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से होकर बांग्लादेश से भारत में नकली नोट आ रहे हैं। यह खुलासा नकली नोट की तस्करी करने वाले मालदा, पश्चिमी बंगाल निवासी अब्दुल रहीम (29) ने किया है। स्पेशल सेल ने अब्दुल रहीम को आनंद विहार रेलवे स्टेशन से उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह नकली नोटों की खेप दिल्ली लेकर आया था। उसके कब्जे से आठ लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। सभी नकली नोट दो हजार व 500 के है। आरोपी खुद नकली नोटों की खेप लेने खुद बांग्लादेश जा चुका है।
स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार पिछले कुछ समय से सूचनाएं मिल रही थी कि इंडो-बांग्लादेश बॉर्डर से भारत में नकली नोट आ रहे हैं। इन नकली नोटों को दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई किया जाता है। एक सूचना के बाद एसीपी संजय दत्त की देखरेख में पुलिस टीम ने आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की और अब्दुल रहीम को 16 अप्रैल को रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया। ये नकली नोट सप्लाई करने वाले मालदा गिरोह का सदस्य है। गिरोह बांग्लादेश से नकली नोट लाकर भारत में सप्लाई कर रहा है। आरोपी कई बार बांग्लादेश जा चुका है। खेतों में काम करने वाले अब्दुल ने वर्ष 2016 में घर से महिलाओं के सूट बेचना शुरू किया। वह कपड़े खरीदने के लिए बांग्लादेश जाता था।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अधिक पैसा कमाने के लिए विभिन्न जगहों पर राजमिस्त्री का काम किया। काम के दौरान करीब तीन वर्ष पहले ये नसरूद्दीन से मिला। उससे कहने पर ये अधिक पैसे के लालच में आकर नकली नोटों की सप्लाई करने लगा। नकली नोटों की एक खेप सप्लाई करने पर उसे तीन हजार रुपये मिलते थे। पहले इंडो-बांग्लादेश बॉर्डर से नसरूद्दीन नकली नोटों की खेप लेता था। इसके बाद अब्दुल खुद खेप लाने लग गया। ये तीन वर्षों से भारत में नकली नोट सप्लाई कर रहे थे। अब्दुल को बाद में एक लाख रुपये मिलने लग गए थे। अब्दुल की बांग्लादेश में टिंकू से मुलाकात हुई। टिंकू उसे भारत सीमा में अपने लोगों के जरिए नकली नोट पहुंचाने लगा।
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लॉकडाउन में सप्लाई नहीं कर पाए-
लॉकडाउन के दौरान आरोपी नकली नोट सप्लाई नहीं कर पाया था। उसके बाद इन्होंने भारी मात्रा में नकली नोट सप्लाई किए हैं। इन्होंने दिल्ली, यूपी व बिहार में ज्यादा नकली नोट सप्लाई किए हैं। दिल्ली में ये अपने संपर्क को नकली नोट देने आया था। ये नकली नोट दे पाता उससे पहले ही स्पेशल सेल ने उसे दबोच लिया।
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स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार पिछले कुछ समय से सूचनाएं मिल रही थी कि इंडो-बांग्लादेश बॉर्डर से भारत में नकली नोट आ रहे हैं। इन नकली नोटों को दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई किया जाता है। एक सूचना के बाद एसीपी संजय दत्त की देखरेख में पुलिस टीम ने आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की और अब्दुल रहीम को 16 अप्रैल को रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया। ये नकली नोट सप्लाई करने वाले मालदा गिरोह का सदस्य है। गिरोह बांग्लादेश से नकली नोट लाकर भारत में सप्लाई कर रहा है। आरोपी कई बार बांग्लादेश जा चुका है। खेतों में काम करने वाले अब्दुल ने वर्ष 2016 में घर से महिलाओं के सूट बेचना शुरू किया। वह कपड़े खरीदने के लिए बांग्लादेश जाता था।
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आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अधिक पैसा कमाने के लिए विभिन्न जगहों पर राजमिस्त्री का काम किया। काम के दौरान करीब तीन वर्ष पहले ये नसरूद्दीन से मिला। उससे कहने पर ये अधिक पैसे के लालच में आकर नकली नोटों की सप्लाई करने लगा। नकली नोटों की एक खेप सप्लाई करने पर उसे तीन हजार रुपये मिलते थे। पहले इंडो-बांग्लादेश बॉर्डर से नसरूद्दीन नकली नोटों की खेप लेता था। इसके बाद अब्दुल खुद खेप लाने लग गया। ये तीन वर्षों से भारत में नकली नोट सप्लाई कर रहे थे। अब्दुल को बाद में एक लाख रुपये मिलने लग गए थे। अब्दुल की बांग्लादेश में टिंकू से मुलाकात हुई। टिंकू उसे भारत सीमा में अपने लोगों के जरिए नकली नोट पहुंचाने लगा।
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लॉकडाउन में सप्लाई नहीं कर पाए-
लॉकडाउन के दौरान आरोपी नकली नोट सप्लाई नहीं कर पाया था। उसके बाद इन्होंने भारी मात्रा में नकली नोट सप्लाई किए हैं। इन्होंने दिल्ली, यूपी व बिहार में ज्यादा नकली नोट सप्लाई किए हैं। दिल्ली में ये अपने संपर्क को नकली नोट देने आया था। ये नकली नोट दे पाता उससे पहले ही स्पेशल सेल ने उसे दबोच लिया।