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Delhi News: विशेषज्ञों ने किया 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस को जड़ से खत्म करने का आह्वान
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विशेषज्ञों ने किया 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस को जड़ से खत्म करने का आह्वान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत में वायरल हेपेटाइटिस को पूरी तरह खत्म करने के लिए विशेषज्ञों ने जोर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि 2030 तक हेपेटाइटिस को जड़ से खत्म करना भारत के लिए पूरी तरह संभव है। इसके लिए लगातार प्रयास, ज्यादा जांच, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की जरूरत है। सबसे बड़ी चुनौती इन्हें हर व्यक्ति तक पहुंचाना है। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के मौके पर इलनेस टु वेलनेस फाउंडेशन ने हेपेटाइटिस की रोकथाम, निदान और उपचार विषय पर सम्मेलन आयोजित किया। डॉक्टरों, सरकारी अधिकारियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में तीन मुख्य सत्र हुए, जिसमें महिला स्वास्थ्य और हेपेटाइटिस, रोकथाम के लिए एकीकृत तरीका और पोषण व स्वस्थ जीवनशैली की भूमिका शामिल है।
इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा, हर गर्भवती महिला की जांच हो। वयस्कों का भी हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण हो। मां और बच्चे की देखभाल को मजबूत किया जाए ताकि संक्रमण बच्चे में न फैले। बीमारी की जल्दी पहचान हो और हर व्यक्ति को इलाज आसानी से मिले। लोगों में जागरूकता बढ़ाएं और टीका-छुआछूत जैसी गलतियों को दूर करें। वहीं, भारत सरकार के पूर्व स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यक्रम से अच्छी प्रगति हुई है, लेकिन अब सरकार, डॉक्टर, प्राइवेट अस्पताल और समाज सबको साथ मिलकर काम करना होगा। ।
हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. एसके सरीन ने कहा कि अब वयस्कों का टीकाकरण बढ़ाना, जल्दी जांच और हर मरीज को समय पर इलाज देना हमारी अगली बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। कोई भी पीछे नहीं छूटना चाहिए। डॉ. आशा हेगड़े ने मां और बच्चे पर जोर देते हुए कहा कि गर्भावस्था को संक्रमण रोकने का अच्छा मौका बनाया जाना चाहिए। हर नवजात बच्चे को सुरक्षा मिलनी चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत में वायरल हेपेटाइटिस को पूरी तरह खत्म करने के लिए विशेषज्ञों ने जोर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि 2030 तक हेपेटाइटिस को जड़ से खत्म करना भारत के लिए पूरी तरह संभव है। इसके लिए लगातार प्रयास, ज्यादा जांच, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की जरूरत है। सबसे बड़ी चुनौती इन्हें हर व्यक्ति तक पहुंचाना है। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के मौके पर इलनेस टु वेलनेस फाउंडेशन ने हेपेटाइटिस की रोकथाम, निदान और उपचार विषय पर सम्मेलन आयोजित किया। डॉक्टरों, सरकारी अधिकारियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में तीन मुख्य सत्र हुए, जिसमें महिला स्वास्थ्य और हेपेटाइटिस, रोकथाम के लिए एकीकृत तरीका और पोषण व स्वस्थ जीवनशैली की भूमिका शामिल है।
इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा, हर गर्भवती महिला की जांच हो। वयस्कों का भी हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण हो। मां और बच्चे की देखभाल को मजबूत किया जाए ताकि संक्रमण बच्चे में न फैले। बीमारी की जल्दी पहचान हो और हर व्यक्ति को इलाज आसानी से मिले। लोगों में जागरूकता बढ़ाएं और टीका-छुआछूत जैसी गलतियों को दूर करें। वहीं, भारत सरकार के पूर्व स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यक्रम से अच्छी प्रगति हुई है, लेकिन अब सरकार, डॉक्टर, प्राइवेट अस्पताल और समाज सबको साथ मिलकर काम करना होगा। ।
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हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. एसके सरीन ने कहा कि अब वयस्कों का टीकाकरण बढ़ाना, जल्दी जांच और हर मरीज को समय पर इलाज देना हमारी अगली बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। कोई भी पीछे नहीं छूटना चाहिए। डॉ. आशा हेगड़े ने मां और बच्चे पर जोर देते हुए कहा कि गर्भावस्था को संक्रमण रोकने का अच्छा मौका बनाया जाना चाहिए। हर नवजात बच्चे को सुरक्षा मिलनी चाहिए।
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