ई-ऑटो पंजीकरण: महिलाओं को विशेष मौका, स्लॉट भरने तक कर सकेंगी आवेदन
परिवहन विभाग को ई-ऑटो पंजीकरण के लिए मिले 19,885 आवेदन। महिलाओं को प्रशिक्षित करने के लिए चल रही है बातचीत।
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दिल्ली परिवहन विभाग ने महिला आवेदकों के लिए ई-ऑटो के पंजीकरण के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। इससे पहले आवेदन की आखिरी तारीख एक नवंबर से 15 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी गई थी। परिवहन विभाग ने अक्टूबर में ई-ऑटो के पंजीकरण के लिए योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत कुल 4261 ई-ऑटो में महिलाओं के लिए 1406 ई-ऑटो ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। अब तक विभाग को ई-ऑटो के पंजीकरण के लिए कुल 19,885 आवेदन मिले हैं। अब तक 19187 पुरुषों और 698 महिलाओं ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया। महिला चालकों के लिए स्वरोजगार के अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने 33 स्लॉट भरने तक महिला ड्राइवरों के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी रखने का निर्णय लिया है।
ड्रा के 45 दिनों में हासिल करना होगा बैज
ई ऑटो के पंजीकरण के लिए आवेदन के लिए आवेदक के पास हल्के वाहनों या थ्री व्हीलर के लिए ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि आवेदक के पास दिल्ली के निवासी का प्रमाण पत्र और आधार कार्ड पर स्थानीय पता हो। पीएसवी बैज आवेदन के समय जरूरी नहीं है, लेकिन सफल आवेदकों को आवंटन के ड्रा के 45 दिनों के भीतर बैज हासिल करना होगा। ई-ऑटो पंजीकरण के लिए महिलाएं transport.delhi. gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती है। किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉलें की जा सकती हैं।
मेले में कई ई ऑटो ने किया चालकों को आकर्षित
ई-ऑटो के प्रति चालकों को जागरूक और प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से सराय काले खां स्थित ड्राइविंग, प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान (आईडीटीआर)और लोनी में 7 दिवसीय ई-ऑटो मेला आयोजित किया था। 31 अक्टूबर को समाप्त हुए इस मेले में
महिंद्रा, पियाजियो, ईटीओ मोटर्स और सारथी जैसे ई-ऑटो निर्माताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान आकर्षक मॉडलों के ई ऑटो के साथ साथ चालकों को ऋण सुविधाओं की जानकारी दी गई।
ऑटो, कैब और बसों की ड्राइविंग सीट पर दिखेंगी महिलाएं
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने एक बयान में कहा कि पहले हमने शेष स्लॉट को सामान्य श्रेणी से भरने के बारे में सोचा। लेकिन पिछले एक महीने में महिलाएं की संख्या मं बढ़ोतरी को देखते हुए उन्हें विशेष मौका दिया जा रहा है। महिलाएं अभी भी आवेदन कर सकती हैं और महिलाओं को प्रशिक्षित करने के लिए गैर सरकारी संगठनों के साथ बातचीत चल रही है। भविष्य में सुनीता जैसी महिलाएं दिल्ली की सड़कों पर ऑटो, कैब और बसों की ड्राइविंग सीट पर दिखेंगी।