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दिल्ली: डीटीसी के बेड़े में शामिल होंगी 1245 बसें, 1015 इलेक्ट्रिक और 230 लो फ्लोर सीएनजी बसों को मंजूरी
Thu, 07 Oct 2021 10:13 PM IST
अनुराग सक्सेना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Thu, 07 Oct 2021 10:13 PM IST
सार
डीटीसी बोर्ड की गुरुवार को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। पिछले सप्ताह परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की अध्यक्षता में हुई बैठक में बोर्ड ने दिल्ली सरकार को एक प्रस्ताव भेजा था।
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डीटीसी बस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बेड़े में जल्द ही 1015 इलेक्ट्रिक बसों सहित कुल 1245 बसें शामिल की जाएंगी। गुरुवार को डीटीसी बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। पिछले सप्ताह परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की अध्यक्षता में हुई बैठक में बोर्ड ने दिल्ली सरकार को एक प्रस्ताव भेजा था।
अधिकारियों ने बताया कि बैठक में 1,015 इलेक्ट्रिक बसें जबकि 230 सीएनजी बसों को फेम-2 के परिचालन व्यय (ओपेक्स) मॉडल के तहत शामिल करने का निर्णय लिया गया। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए फेम-2 योजना के दूसरे चरण में 7,090 ई-बसों की खरीद के लिए प्रति बस 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। एक बस की कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। डीटीसी बोर्ड ने बसों को शामिल करने के लिए दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल सिस्टम (डीआईएमटीएस) अपनाने का भी निर्णय लिया।
डीटीसी को बुनियादी ढांचे बेहतर करने के लिए प्रस्ताव देने का निर्देश
परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक जल्द ही बेड़े में इन बसों को शामिल करने की विस्तृत योजना का प्रस्ताव दिल्ली कैबिनेट में रखेंगे। बोर्ड ने डीटीसी को निर्देश दिए हैं कि इन बसों के लिए बिजली सहित बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखे। पहले ही डीटीसी ने 300 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने की तैयारी में है और नवंबर में इसके लिए प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
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डीटीसी में फिलहाल 3,700 लो फ्लोर बसें
अधिकारियों के मुताबिक अगले साल फरवरी तक बेड़े में सभी बसों को शामिल कर लिया जाएगा। डीटीसी में फिलहाल 3,700 से अधिक लो फ्लोर बसें हैं, लेकिन इनमें से अधिकतर बसों का परिचालन काल पूरा हो चुका है। पुरानी बसों के बेड़े को देखते हुए दिल्ली सरकार ने पिछले महीने 2,600 से अधिक बसों के परिचालन जीवन को 15 साल तक बढ़ाने का फैसला किया।सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के प्रयास में दिल्ली सरकार ने डीआईएमटीएस की क्लस्टर योजना के तहत 450 सीएनजी संचालित और 190 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने के लिए भी निविदाएं भी जारी की गई हैं। क्लस्टर योजना के तहत 3,000 से अधिक बसों का परिचालन किया जा रहा है।
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अधिकारियों ने बताया कि बैठक में 1,015 इलेक्ट्रिक बसें जबकि 230 सीएनजी बसों को फेम-2 के परिचालन व्यय (ओपेक्स) मॉडल के तहत शामिल करने का निर्णय लिया गया। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए फेम-2 योजना के दूसरे चरण में 7,090 ई-बसों की खरीद के लिए प्रति बस 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। एक बस की कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। डीटीसी बोर्ड ने बसों को शामिल करने के लिए दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल सिस्टम (डीआईएमटीएस) अपनाने का भी निर्णय लिया।
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डीटीसी को बुनियादी ढांचे बेहतर करने के लिए प्रस्ताव देने का निर्देश
परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक जल्द ही बेड़े में इन बसों को शामिल करने की विस्तृत योजना का प्रस्ताव दिल्ली कैबिनेट में रखेंगे। बोर्ड ने डीटीसी को निर्देश दिए हैं कि इन बसों के लिए बिजली सहित बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखे। पहले ही डीटीसी ने 300 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने की तैयारी में है और नवंबर में इसके लिए प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
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डीटीसी में फिलहाल 3,700 लो फ्लोर बसें
अधिकारियों के मुताबिक अगले साल फरवरी तक बेड़े में सभी बसों को शामिल कर लिया जाएगा। डीटीसी में फिलहाल 3,700 से अधिक लो फ्लोर बसें हैं, लेकिन इनमें से अधिकतर बसों का परिचालन काल पूरा हो चुका है। पुरानी बसों के बेड़े को देखते हुए दिल्ली सरकार ने पिछले महीने 2,600 से अधिक बसों के परिचालन जीवन को 15 साल तक बढ़ाने का फैसला किया।सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के प्रयास में दिल्ली सरकार ने डीआईएमटीएस की क्लस्टर योजना के तहत 450 सीएनजी संचालित और 190 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने के लिए भी निविदाएं भी जारी की गई हैं। क्लस्टर योजना के तहत 3,000 से अधिक बसों का परिचालन किया जा रहा है।