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टूरिस्ट वीजा पर आकर करने लगा कबूतरबाजी, बांग्लादेशी समेत 3 धरे

Tue, 28 Jul 2020 01:24 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2020 01:24 AM IST
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Dove started on tourist visa, Bangladeshi including three
नई दिल्ली। राजधानी में दो साल से अपनी पहचान छिपाकर रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशी युवक को राजौरी गार्डन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। युवक बांग्लादेश के ही रहने वाले अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर कबूतरबाजी में लिप्त था और फर्जी कागजात के जरिये बांग्लादेशी औैर नेपाली युवकों को यूरोपीय देशों व कनाडा भेजता था। पुलिस युवक की मदद करने वाले कैथल के एक कबूतरबाज व आरोपियों की मदद से विदेश जाने की कोशिश कर रहे युवक को भी गिरफ्तार किया है।
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जिला पुलिस उपायुक्त दीपक पुरोहित ने बताया कि आरोपियों की पहचान ढाका (बांग्लादेश) निवासी मोहम्मद रकीबुल हसन, कैथल (हरियाणा) निवासी राजेश और अंकित के रूप में हुई है। इनके कब्जे से तीन देशों के 8 पासपोर्ट, रुपये गिननेे वाली मशीन, पेपर लैमिनेटर, नकली आधार कार्ड, इटालियन हाई कमीशन के फर्जी स्टांप, मोबाइल, और फर्जी रेंट एग्रीमेंट बरामद हुए हैं। मोहम्मद रकीबुल हसन 2018 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। नवंबर 2018 में वीजा की अवधि खत्म होने के बाद से वह दिल्ली में ही रहने लगा।
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स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा को लेकर संदिग्ध लोगों पर खुफिया नजर रखी जा रही है। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय के अधिकारियों से पुलिस को सूचना मिली थी कि सुभाष नगर के एक मकान में कुछ बांग्लादेशी रहते हैं और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। आतंकी गतिविधियों को देखते हुए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय व दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने उक्त मकान पर छापा मारा। थाना प्रभारी अनिल शर्मा के नेतृत्व में टीम ने बांग्लादेशी नागरिक रकीबुल हसन को गिरफ्तार कर लिया।
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हालांकि, आरोपी ने खुद को पश्चिम बंगाल का रहने वाला बताया और एक आधार कार्ड दिखाया, लेकिन तलाशी के दौरान उसके घर से उसका बांग्लादेशी पासपोर्ट मिल गया। उसने बताया कि वह अपने एक सहयोगी अरिफुल रहमान के साथ इस मकान में रहता है और कबूतरबाजी में शामिल है। पुलिस ने छानबीन करने के बाद उसके एक भारतीय सहयोगी कबूतरबाज कैथल निवासी राजेश और आरोपियों की मदद से विदेश जाने की कोशिश कर रहे अंकित को गिरफ्तार कर लिया। मोहम्मद रकीबुल हसन के कमरे से पुलिस को बांग्लादेशी, नेपाली और एक भारतीय पासपोर्ट मिला। पुलिस कबूतरबाजी में शामिल उसके अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है।
बांग्लादेश बॉर्डर से जाता था अपने देश
मोहम्मद रकीबुल हसन ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के पते पर रोनी साहा के नाम से अपना आधार कार्ड बनवा रखा था। नवंबर 2018 में वीजा की अवधि खत्म होने के बाद वह कबूतरबाजी से जुड़ गया। इस दौरान वह बांग्लादेश बॉर्डर के रास्ते अपने देश जाता था।
नेपाल और दिल्ली के रास्ते भेजता था विदेश
मोहम्मद रकीबुल हसन नेपाल और दिल्ली के रास्ते लोगों को कनाडा और यूरोप भेजता था। आरोपी के मुताबिक, नेपाल के रास्ते लोगों को कनाडा भेजने में कोई दिक्कत नहीं होती थी। वहीं, यूरोपीय देश जाने वालों को दिल्ली से भेजता था। वह लोगों को विदेश भेजने की एवज में 16 से 25 लाख रुपये लेता था। शुरुआती जांच में आरोपियों ने कई लोगों को विदेश भेजने की बात कबूल की है।

कोलकाता में तैयार करवाता था फर्जी वीजा
रकीबुल हसन ने खुलासा किया कि उनके सहयोगी थाइलैंड और मलयेशिया से सिक्योरिटी प्रेस ग्रेड पेपर का आयात करते थे और फिर कोलकाता में नकली वीजा तैयार करते थे। वह बांग्लादेश और नेपाल से कबूतरबाजी करने वाले सिंडिकेट का हिस्सा हैं। इस सिंडिकेट में काफी लोग शामिल हैं और सभी के अलग-अलग काम हैं।
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