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डॉक्टरों ने किया आगाह: शरीर में हो रहे किसी भी बदलाव को न करें नजरअंदाज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 18 May 2021 01:59 AM IST

सार

आरएमएल अस्पताल के डॉक्टर देश दीपक ने बताया कि पोस्ट कोविड केयर भी उतना ही जरूरी है, जितना कोविड केयर। उन्होंने कहा कि मरीज जितना ख्याल कोरोना के दौरान रखता है। बीमारी से ठीक होने के बाद भी कुछ हफ्तों या महीनों तक अपना उतनी ही सतर्कता से ख्याल रखना चाहिए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

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विस्तार

दिल्ली में कोरोना से रोजाना करीब 10 हजार से ज्यादा लोग स्वस्थ हो रहे हैं। इन सभी लोगों को लोगों को अपना खास ख्याल रखने की जरूरत है। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में कोई भी बदलाव नजर आ रहा है या स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो रही है तो उस पर ध्यान देना की जरूरत है। ऐसा न करना घातक साबित हो सकता है। दिल्ली में बीते एक माह मे स्वस्थ होने वाले लोगों को अभी भी सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द और थकावट कि शिकायत हो रही है। कई मरीज ऐसे भी हैं, जिन्हें कोरोना से स्वस्थ होने के कुछ समय बाद इस प्रकार की समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है।
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जीटीबी अस्पताल के डॉक्टर अजय कुमार ने बताया कि अस्पताल से स्वस्थ होकर लौटे कुछ मरीजों को दो सप्ताह बाद भी सांस लेने में तकलीफ और छाती में दर्द की शिकायत हो रही है। वह टेली मेडिसन के माध्यम से ऐसे मरीजों का इलाज कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ मरीजों को ह्रदय संबंधी समस्याएं भी हुई हैं। इनमें एक मरीज को जीबी पंत अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था। राजीव गांधी अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि स्वस्थ हुए कई लोगों को अलग-अलग प्रकार की समस्याएं हो रही हैं। इन लोगों को पोस्ट कोविड केयर के विषय में सभी जानकारी दी जा ही है। 


आरएमएल अस्पताल के डॉक्टर देश दीपक ने बताया कि पोस्ट कोविड केयर भी उतना ही जरूरी है, जितना कोविड केयर। उन्होंने कहा कि मरीज जितना ख्याल कोरोना के दौरान रखता है। बीमारी से ठीक होने के बाद भी कुछ हफ्तों या महीनों तक अपना उतनी ही सतर्कता से ख्याल रखना चाहिए। ऐसा कभी नहीं समझना चाहिए कि अब उन्हें कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने बताया कि संक्रमण से स्वस्थ हो चुके मरीज को अगर कोई समस्या हो रही है। या शरीर में कोई बदलाव नजर आ रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

डॉक्टर दीपक के मुताबिक, गंभीर लक्षण वाले मरीज को पूरी तरह से ठीक होने में दो से तीन महीने तक का वक्त लग सकता है, जो ज्यादा दिन अस्पताल में रह कर लौटे हैं, उनकी रिकवरी औरों के मुकाबले थोड़ी धीमी हो सकती है। ऐसे लोगों को ठीक होने के बाद प्राणायाम से दिन की शुरुआत करनी चाहिए। साथ ही ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे काफी थकान होने लगे। 

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