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Hindi News ›   Delhi ›   Demand to postpone UPSC Civil Services Mains Exam 2021

यूपीएससी सिविल सेवा मेन्स परीक्षा 2021 स्थगित करने की मांग

Thu, 06 Jan 2022 01:57 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jan 2022 01:57 AM IST
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Demand to postpone UPSC Civil Services Mains Exam 2021
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर सात से 16 जनवरी, 2022 तक होने वाली यूपीएससी सिविल सेवा मेन्स परीक्षा, 2021 को स्थगित करने की मांग की गई है। याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ के समक्ष याची रजत जैन व अन्य की ओर से पेश अधिवक्ता अनुश्री कपाड़िया ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों का हवाला देते हुए जल्द सुनवाई का आग्रह किया। पीठ ने सुनवाई बृहस्पतिवार को करना स्वीकार कर लिया।
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याचिका उन उम्मीदवारों द्वारा दायर की गई है जिन्होंने अपनी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 (प्रारंभिक परीक्षा) पास कर ली है और अब उन्हें मुख्य परीक्षा में शामिल होना है। याची ने कहा कि उनके संक्रमित होने का जोखिम है और उनके मूल्यवान प्रयास को खोने का जोखिम भी है जो कुछ उम्मीदवारों के लिए परीक्षाओं में शामिल होने का अंतिम प्रयास भी है।
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याची ने कहा वे इस सब से गुजर चुके हैं और परीक्षाओं में शामिल होने के लिए तैयार थे लेकिन अचानक कोविड-19 संक्रमण एक बार फिर अपने नए संस्करण ओमिक्रॉन के साथ सामने आया और बहुत ही कम समय में तेजी से फैल गया। एक तीसरी कोविड-19 लहर को आने की संभावना है।
इसके अलावा याचिका में तर्क रखा गया है कि मेन्स परीक्षा के लिए आवंटित केंद्र ज्यादातर मेट्रो शहरों या राज्यों की राजधानियों में हैं, जो घनी आबादी वाले हैं, जो अभूतपूर्व तरीके से कोविड-19 संक्रमणों की संख्या में वृद्धि का सामना कर रहे हैं।
इसके अलावा कोई उचित पूर्व-परीक्षा परीक्षण नहीं है। पेरासिटामोल लेकर तापमान जांच को धोखा दिया जा सकता है। यदि कुछ उम्मीदवार कोविड के साथ परीक्षा में बैठते हैं तो ये सभी उम्मीदवारों को संक्रमित कर सकता है क्योंकि उन्हें एक ही कमरे में छह घंटे पेपर लिखना है।
एक बार संक्रमित होने पर उम्मीदवारों को यूपीएससी नीति के अनुसार बाद के प्रश्न पत्र लिखने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। वे अपने परिवारों सहित अन्य लोगों के लिए भी संक्रमण फैलने का जोखिम उठाते हैं।

याचिका में कहा गया है कि वर्तमान कार्यक्रम में यूपीएससी सीएसई 2021 (मेन्स) परीक्षा का आयोजन मनमाना और उम्मीदवारों के मौलिक और कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है। यह भी कहा गया है कि परीक्षा देने के समय उम्मीदवारों के बीच कोविड संक्रमण के जोखिम को रोकने के लिए प्रतिवादी अधिकारियों ने कोई उपाय नहीं किया है।
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