दिल्ली: कोरोना में लिखना हुआ सुस्त, दो-दो प्री-बोर्ड से होंगे दुरूस्त, स्कूल बंद रहने से पड़ा असर
मयूर विहार स्थित विद्या बाल भवन स्कूल के प्रिंसिपल डॉ सतवीर शर्मा के अनुसार लंबे समय तक स्कूल बंद रहने के कारण बच्चों की लिखने की क्षमता प्रभावित हुई है। बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से पहले यह जरूरी है कि उनकी लिखने की क्षमता को बढ़ाया जाए।
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कोरोना महामारी के कारण लंबे समय से बंद रहे स्कूलों के दरवाजे अब खुल चुके हैं। अब स्कूल 10वीं-12वीं बोर्ड की तैयारी में जुट गए हैं। स्कूलों ने कमजोर बच्चों की बेहतर तैयारी के लिए दो-दो बार ऑफलाइन प्री-बोर्ड को कराने का फैसला किया है। कुछ स्कूलों में प्री बोर्ड की शुरुआत हो चुकी है जबकि कुछ स्कूल इस सप्ताह से शुरु कर देंगे। दो बार प्री-बोर्ड कराने के पीछे स्कूलों का कहना है कि इससे बच्चे ना केवल समय प्रबंधन सीखेंगे बल्कि उनकी लिखने की प्रैक्टिस होगी।
मयूर विहार स्थित विद्या बाल भवन स्कूल के प्रिंसिपल डॉ सतवीर शर्मा के अनुसार लंबे समय तक स्कूल बंद रहने के कारण बच्चों की लिखने की क्षमता प्रभावित हुई है। बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से पहले यह जरूरी है कि उनकी लिखने की क्षमता को बढ़ाया जाए जिससे कि वह तय समय में प्रश्न पत्र को हल कर सकें। इसके लिए पहले ही लिखने का अभ्यास करा रहे हैं। अब 10वीं व 12वीं के लिए 21 फरवरी से प्री-बोर्ड शुरु कर दिए हैं। प्री बोर्ड पूरी तरह से बोर्ड पैटर्न पर ही लिए जा रहे हैं।
चूंकि 26 अप्रैल से सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होनी है, उससे पहले मार्च के अंत में एक और प्री-बोर्ड करा देंगे। पहले प्री-बोर्ड में बच्चों को अपनी कमियों का भी पता चल जाएगा, जिससे वह दूसरे प्री-बोर्ड के माध्यम से सुधार सकेंगे। डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल वंदना कपूर ने कहा कि बच्चों के लिए प्रैक्टिकल और ऑफलाइन प्री बोर्ड कराना जरूरी है। स्कूल में 26 फरवरी से प्री-बोर्ड परीक्षा शुरू हो रही है, जो 26 मार्च को समाप्त होगी। उसके बाद एक और प्री-बोर्ड कराएंगे।
व्यक्तिपरक प्रश्न ज्यादा होंगे, वस्तुनिष्ठ प्रश्न कम
उन्होंने बताया कि बोर्ड की परीक्षा में इस बार व्यक्तिरपरक प्रश्न ज्यादा आएंगे और वस्तुनिष्ठ प्रश्न कम होंगे। लिहाजा इसी के आधार पर प्री-बोर्ड का पैटर्न रहेगा। दो बार प्री-बोर्ड होने से पढ़ाई में कमजोर छात्रों की भी तैयारी बेहतर हो सकेगी।
राजकीय विद्यालय शिक्षक संगठन के जिला सचिव (पश्चिम) संत राम ने बताया कि बच्चों की बेहतर तैयारी के लिए यूनिट टेस्ट कराए जा चुके हैं। अभी शिक्षा निदेशालय की ओर से प्री-बोर्ड का शेड्यूल व दिशा-निर्देश नहीं आए हैं। दिशा-निर्देश व शेड्यूल के अनुसार ही बच्चों को बोर्ड परीक्षाओं का और अभ्यास कराया जाएगा।