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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi: There will be no shortage of funds for the development work of the councilors.

Delhi : पार्षदों को विकास कार्य कराने में नहीं खलेगी धन की कमी, कई मदों में बढ़ाई गई राशि

Fri, 31 Mar 2023 05:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा विनोद डबास, नई दिल्ली
विनोद डबास, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 31 Mar 2023 05:06 AM IST
सार

पार्षदों को अपने मद के साथ-साथ, महापौर, स्थायी समिति के अध्यक्ष व अपने दल के नेता के मद के साथ-साथ आयुक्त, जोन के उपायुक्त, वार्ड समिति के अध्यक्ष आदि मदों से फंड मिलेगा। एमसीडी ने इन सभी मदों में राशि का प्रावधान ही नहीं किया, बल्कि कई मदों में राशि भी बढ़ाई है।

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Delhi: There will be no shortage of funds for the development work of the councilors.
demo pic - फोटो : amar ujala

विस्तार

निगम पार्षदों को अपने इलाके में विकास व समस्याओं का समाधान कराने में फंड की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। पार्षदों को अपने मद के साथ-साथ, महापौर, स्थायी समिति के अध्यक्ष व अपने दल के नेता के मद के साथ-साथ आयुक्त, जोन के उपायुक्त, वार्ड समिति के अध्यक्ष आदि मदों से फंड मिलेगा। एमसीडी ने इन सभी मदों में राशि का प्रावधान ही नहीं किया, बल्कि कई मदों में राशि भी बढ़ाई है।

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एमसीडी ने 250 पार्षदों के लिए उनके मद में 188 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस तरह एक पार्षद को अपने मद के माध्यम से 75 लाख रुपये की लागत के विकास कार्य करा सकेंगे। पहले इस मद में करीब 50 लाख रुपये मिलते थे। वहीं महापौर के मद में सवा 10 करोड़ रुपये, स्थायी समिति के अध्यक्ष के मद में पौने 10 करोड़ रुपये, नेता सदन के मद में ढाई करोड़ रुपये, नेता विपक्ष के मद में 70 लाख रुपये आवंटित किए है। इसके अलावा आयुक्त के मद में दो करोड़ रुपये, जोन के उपायुक्त और वार्ड समिति के अध्यक्ष के मदों में 50-50 लाख रुपये प्रावधान किया है। पार्षद आवश्यकता होने पर इन सभी मदों से भी आग्रह करके फंड ले सकेंगे है। दरअसल इन मदों में पार्षदों की सहायता करनेे के लिए फंड की व्यवस्था की जाती है।
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एमसीडी के अनुसार अनेक पार्षदों का वार्ड काफी बड़ा होता है और उनके समक्ष अपने वार्ड में विकास कार्य कराने में फंड की कमी की दिक्कत आती है। इस कारण उनकी सहायता अन्य मदों से करने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पार्षदों को सफाई सेवाओं में सुधार, पथ प्रकाश व्यवस्था, सड़कों के सुधार, स्वच्छ भारत मिशन मद आदि से भी लाखों रुपये फंड मिल सकेगा। इन मदों में करीब दो सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एमसीडी ने शिक्षा, उद्यान, निमार्ण, स्वास्थ्य, सफाई व ग्रमाीण समिति के अध्यक्षों के मदों में भी ढाई करोड़ रुपये फंंड दिया है। पार्षद उनके मद सेे भी फंड ले सकेंगे। वहीं एमसीडी ने आरडब्ल्यूए के माध्यम से भी विकास कार्य करने का निर्णय लिया है। इस मद में उसने प्रत्येक वार्ड के लिए एक लाख रुपये की व्यवस्था की है।
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06 लाख रुपये मिलेंगे मेहमानों की खातिरदारी के लिए महापौर व स्थाई समिति अध्यक्ष को
एमसीडी ने महापौर से लेकर सभी समितियों के अध्यक्षों और नेता सदन व नेता प्रतिपक्ष के कार्यालयों में आने वाले मेहमानों की खातिरदारी के लिए राशि का प्रावधान किया है। महापौर और स्थायी समिति के अध्यक्ष के कार्यालय के लिए एक वर्ष के खर्च के लिए छह-छह लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा प्रतिमाह नेता सदन 15 हजार रुपये, उपमहापौर व नेता विपक्ष अपने कार्यालय में चाय-पानी के लिए 10-10 हजार रुपये खर्च कर सकेंगे। वहीं एमसीडी स्थायी समिति के उपाध्यक्ष व अन्य समस्त समितियों के अध्यक्ष के कार्यालय में खर्च के लिए पांच-पांच हजार रुपये देगी।


भ्रमण पर भी जा सकेंगे पार्षद
एमसीडी ने बजट में पार्षदों को भ्रमण पर भेजने की व्यवस्था की है। उनको भ्रमण पर भेजने वाले मद में उसने 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। एमसीडी विभिन्न राज्यों के स्थानीय निकायों की अच्छी योजनाओं का अवलोकन करने के लिए पार्षदों को भेजती है, लेकिन पिछले कई वर्षों से आर्थिक संकट के कारण तीनों नगर निगम ने पार्षदों को भ्रमण पर भेजना बंद कर दिया था। इसके अलावा इस मद राशि का प्रावधान भी नहीं किया जाता था।

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