दिल्ली: डीयू नॉर्थ कैंपस में सड़क पर लगी सांकेतिक कक्षा, एसएफआई ने सड़क पे कक्षा का आयोजन किया
डीडीएमए के निर्देश के बावजूद डीयू बंद रखने के डीयू प्रशासन के फैसले के खिलाफ बुधवार को शिक्षिका आभा देव हबीब ने सड़क पर क्लास लगाई। इस दौरान छात्र संगठन एसएफआई के सदस्य छात्रों ने हाथ में तख्तियां लेकर क्लास ली।
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दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) नहीं खुलने के विरोध में बुधवार को छात्र संगठन एसएफआई की तरफ से 'सड़क पे कक्षा' लगाई गई। आर्ट फैकेल्टी के बाहर दोपहर साढ़े 12.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक सांकेतिक कक्षा लगी। इसमें मिरांडा हाउस की प्रोफेसर आभा देव हबीब ने छात्रों को ऑनलाइन टीचिंग के प्रभाव व डीयू से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। इस सांकेतिक कक्षा में 30-35 छात्र शामिल हुए। यह कक्षा कैंपस खोलने की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन का हिस्सा रही।
सड़क पे कक्षा के आयोजन का उद्देश्य डीयू वीसी को यह दिखाना रहा कि ऑफलाइन कक्षाएं शुरु नहीं होने के कारण छात्र व शिक्षक सड़क पर कक्षा लेने को मजबूर हो गए हैं। सड़क पर कक्षा लेने वाली प्रोफसर आभा देव हबीब ने कहा कि यह एक सांकेतिक आउटडोर लेक्चर था। यह कक्षा पाठ्यक्रम आधारित नहीं थी। इसमें एकेडेमिक काउंसिल, डीयू में पॉलिसी बदलाव, ऑनलाइन टीचिंग जैसे पहलुओं पर छात्रों को बताया गया।
इस दौरान कैंपस में भारी पुलिस बल की तैनाती रही। डीयू के कॉलेज खोलने की मांग कर रहे छात्रों की ओर से सड़क पे कक्षा की घोषणा पहले ही कर दी गई थी। कैंपस नहीं खुलने के विरोध में सड़क पे कक्षा आयोजित की गई। दरअसल डीडीएमए केदिशा-निर्देशों के बाद भी डीयू ने कैंपस को छात्रों के लिए नहीं खोला है।
मंगलवार को छात्र ने पेट्रोल डालकर लगा ली थी आग
इससे पहले मंगलवार को कुलपति कार्यालय के नजदीक एक छात्र ने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगाने की कोशिश की थी। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने आनन-फानन में छात्र को रोक लिया था। जांच में पता चला कि छात्र ने पेट्रोल में पानी मिला रखा था। फिर भी, उसे हिंदूराव अस्पताल ले जाया गया और उसकी काउंसलिंग करवाई। विश्वविद्यालय बंद रखने के डीयू के फैसले के खिलाफ छात्र संगठन स्टूडेंड फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने तभी बुधवार को 'सड़क पे कक्षा' लगाने का फैसला किया था।