दिल्ली: अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की पत्नी को टैरर फंडिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत मिली
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला आतंकवाद के वित्त पोषण को लेकर शब्बीर और कथित हवाला डीलर मोहम्मद असलम वानी से जुड़ा है। ईडी ने अपने पूरक आरोप पत्र में बिलकिस को आरोपी बनाया था।
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आतंकवाद के वित्त पोषण से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग मामला
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला आतंकवाद के वित्त पोषण को लेकर शब्बीर और कथित हवाला डीलर मोहम्मद असलम वानी से जुड़ा है। ईडी ने अपने पूरक आरोप पत्र में बिलकिस को आरोपी बनाया था। ईडी के विशेष लोक अभियोजक एनके मट्टा और राजीव अवस्थी के जरिये दायर इस आरोप पत्र में ईडी ने कहा था कि बिलकिस के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।
आरोप पत्र मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 3 और 4 के तहत दायर किया गया था। ईडी ने पहले शब्बीर और वानी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। आरोप था कि शब्बीर ने दिल्ली से हवाला का पैसा लेकर श्रीनगर में उसे देने के लिए वानी को कमीशन के आधार पर काम करने को कहा था।
हवाला के जरिये पाकिस्तान से दिल्ली भेजे जाते थे रुपये
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने वानी को अगस्त 2004 में गिरफ्तार किया था। उसके पास करीब 70 लाख रुपये नकदी, पांच किलो विस्फोटक, एक पिस्तौल और 15 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। पूछताछ में वानी ने दिल्ली पुलिस को बताया था कि उसने शब्बीर को 2.25 करोड़ रुपये दिए हैं, जो उसे हवाला के जरिये पाकिस्तान से मिले थे। इसके बाद ईडी ने 2007 में शब्बीर और बिलकिस के खिलाफ पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था। ईडी के मुताबिक, शब्बीर पाकिस्तान में जमात-उद-दावा के सरगना और वैश्विक आतंकी हाफिज सईद के लगातार संपर्क में था।