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स्कूल पर कसा शिकंजा: वित्तीय गड़बड़ी, अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप, हो सकता है टेकओवर
Tue, 04 Aug 2026 04:04 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 04 Aug 2026 04:04 AM IST
सार
दिल्ली सरकार ने वैधानिक उल्लंघनों, वित्तीय गड़बड़ी, अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप में एक निजी स्कूल पर शिकंजा कसा है। शिक्षा निदेशालय ने स्कूल पर सख्त कार्रवाई करते हुए दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम एवं नियम 1973 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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निजी स्कूल पर गिर सकती है गाज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली सरकार ने वैधानिक उल्लंघनों, वित्तीय गड़बड़ी, अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप में एक निजी स्कूल पर शिकंजा कसा है। शिक्षा निदेशालय ने स्कूल पर सख्त कार्रवाई करते हुए दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम एवं नियम 1973 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। स्कूल प्रबंधन से पूछा है कि क्यों ना स्कूल को अपने अधीन ले लिया जाए। यदि स्कूल से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो सरकार स्कूल का प्रबंधन अपने अधीन (टेकओवर) लेने, मान्यता समाप्त करने जैसी कार्रवाई कर सकती है।
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स्कूल को कारण बताओ नोटिस
शिक्षा निदेशालय, राजस्व विभाग और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त औचक जांच के बाद दिया गया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि स्कूल शिक्षा के मंदिर हैं, उन्हें व्यावसायिक केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा।
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इस वजह से नजर में
वित्तीय रिकॉर्ड की जांच में 15.60 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा दिखाने के बावजूद संदिग्ध कंपनियों को भुगतान, विकास निधि से 22.23 लाख रुपये के लग्जरी मोबाइल फोन खरीदने और 3.25 करोड़ रुपये के अप्रमाणित ऋणों के भुगतान जैसी वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। परिसर में बिना अनुमति बाहरी लोगों के लिए व्यावसायिक स्विमिंग पूल चलाने और छत पर अवैध व्यावसायिक रसोई संचालित करने का भी मामला सामने आया। बिना अनुमति 15 प्रतिशत फीस बढ़ाने और मार्च 2025 तक करीब 1.98 करोड़ रुपये की अवैध अग्रिम एवं कैपिटेशन फीस लेने का आरोप।
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