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दिल्ली दंगा: शाहरूख पठान ने कहा- उसने पुलिस पर गोलियां नहीं चलाईं, केवल डराना चाहता था

Thu, 18 Nov 2021 08:10 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Thu, 18 Nov 2021 08:10 PM IST
सार

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पठान के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि साक्ष्यों से स्पष्ट है कि उनके मुवक्किल ने कांस्टेबल की हत्या का कोई प्रयास नहीं किया था। वरिष्ठ अधिवक्ता मेनाका गुरुस्वामी ने अदालत में घटना का 26 सेकंड का वीडियो पेश करते हुए कहा उनके मुवक्किल ने दो गोलियां चलाईं-एक हवा में और दूसरा अपनी रक्षा के लिए।

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Delhi riots: Shahrukh Pathan said – he did not fire at the police, only wanted to scare
शाहरुख पठान - फोटो : amar ujala

विस्तार

दिल्ली दंगो के मामले में आरोपी शाहरूख पठान ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि उसने पुलिस पर गोलियां नहीं चलाईं और वह उन्हें केवल डराना चाहता था और मारना नहीं चाहता था।

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पठान पर दंगो के दौरान दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल पर कथित तौर पर बंदूक तानने का आरोप है। दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल दीपक दहिया पर बंदूक तानते हुए पठान की एक तस्वीर पिछले साल सांप्रदायिक दंगों के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। उसे तीन मार्च 20 को गिरफ्तार किया गया था और वह वर्तमान में जेल में है।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पठान के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि साक्ष्यों से स्पष्ट है कि उनके मुवक्किल ने कांस्टेबल की हत्या का कोई प्रयास नहीं किया था। वरिष्ठ अधिवक्ता मेनाका गुरुस्वामी ने अदालत में घटना का 26 सेकंड का वीडियो पेश करते हुए कहा उनके मुवक्किल ने दो गोलियां चलाईं-एक हवा में और दूसरा अपनी रक्षा के लिए।

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अदालत ने वकील से वीडियो को रीप्ले करने को कहा और हवा में फायर करने से ठीक पहले पठान की बंदूक की स्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा उसकी बंदूक की स्थिति को देखें। यह सीधे दहिया पर है। अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि दोनों फायर में से किसी की भी आवाज हेड कांस्टेबल की और नहीं है जबकि अभियोजन का मामला फायर दहिया पर आधारित है। उन्होंने कहा अगर उनका मुवक्किल उसे गोली मारना चाहता था तो मार सकता था लेकिन इरादा ऐसा नहीं था। उनका मुवक्किल घूमा और भाग गया। क्या इसमें से कोई भी उसे मारने या गोली मारने का इरादा प्रदर्शित करता है? यह मात्र डराने का इरादा है। पठान ने दहिया को गोली नहीं मारी बल्कि इसके बदले उन्हें कदम पीछे हटने को कहा। इसे एक गर्म वार्तालाप के रूप में देखा जा सकता है क्योंकि वह पीछे हट गया था।

उन्होंने कहा 26 सेकेंड में दहिया को मारने या उसे घायल करने के लिए पर्याप्त अवसर मिला लेकिन ऐसा नहीं किया गया, मात्र डराया गया। ऐसे में हत्या के प्रयास का मामला नहीं बनता। क्योंकि पठान का हत्या करने का कोई इरादा नहीं था। सरकारी वकील ने उनके तर्क पर आपत्ति जताते हुए कहा कि फोटो से स्पष्ट है कि आरोपी ने कांस्टेबल के सिर पर बंदूख तानी थी। उन्होंने कहा कि सवाल है कि वीडियो के पहले भाग के दौरान वह भीड़ पर विभिन्न दिशाओं में गोली मारता है, जो अलग समुदाय से संबंधित हो सकते है। मान लीजिए कि कोई व्यक्ति घायल होकर दम तोड़ देता तो क्या अपराध नहीं है।

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