कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने बरामद की 350 किलोग्राम हेरोइन, अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2500 करोड़ से ज्यादा है कीमत
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 350 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हेरोइन की कीमत 2500 करोड़ से ज्यादा की बताई जा रही है, पुलिस जांच में जुटी।
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स्पेशल सेल का दावा है कि यह आज तक बरामद की गई नशीली दवाओं की सबसे बड़ी खेप है। पुलिस को आरोपियों से दो कार, एक स्कूटी व बहुत सारा अन्य सामान भी मिला है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग निवासी रिजवान कश्मीरी, अफगानिस्तान के कंधार निवासी हजरत अली और पंजाब के जालंधर निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी व गुरजोत सिंह उर्फ गोलू के रूप में हुई है। स्पेशल सेल की टीम पकड़े गए चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि वर्ष 2019 में स्पेशल सेल की टीम ने करीब 330 किलोग्राम हेरोइन जब्त कर अफगान मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। उसी मामले की जांच के दौरान पुलिस को हाल ही में रिजवान अहमद उर्फ रिजवान कश्मीरी के बारे में जानकारी मिली, जो घिटोरनी इलाके में रहकर दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश और हरियाणा समेत अन्य राज्यों में हेरोइन का धंधा चला रहा है।
पांच जुलाई को रिजवान के हेरोइन लेकर घिटोरनी पहुंचने की सूचना मिली। पुलिस ने छापा मारकर रिजवान को एक किलो हेरोइन के साथ दबोच लिया। पूछताछ में रिजवान ने बताया कि ईशा के आदेश पर से फरीदाबाद सेक्टर-65 में रहने वाले गुरप्रीत सिंह और गुरजोत सिंह हेरोइन देते हैं। पुलिस टीम ने तुरंत फरीदाबाद के सेक्टर-65 स्थित एक सोसायटी में छापेमारी की और गुरजोत व गुरप्रीत को दबोच लिया।
पार्किंग में खड़ी कार में छिपा रखी थी हेरोइन
गुरजोत और गुरप्रीत ने पुलिस को सोसाइटी की पार्किंग में खड़ी दो अलग-अलग कारों से 166 किलो और 115 किलोग्राम हेरोइन बरामद कराई। पुलिस के और सख्ती दिखाने पर दोनों ने अपने घर के एक बेड में गुप्त स्थान बनाकर छिपाकर रखी गई 70 किलो हेरोइन भी बरामद कराई।
गुरप्रीत, गुरजोत और रिजवान से पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर दिल्ली पुलिस की टीम ने हरियाणा के गुरुग्राम में भी छापा मारा। यहां पुलिस ने एक अफगान नागरिक हजरत अली को गिरफ्तार किया। उसके पास से दो किलो हेरोइन और हेरोइन बनाने में काम आने वाला 100 किलोग्राम रसायन बरामद किया।
पुर्तगाल और अफगानिस्तान में बैठे हैं आका
स्पेशल सेल के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट के आका अफगानिस्तान और पुर्तगाल में बैठे हुए हैं। रिजवान ने अफगानिस्तान में बैठे हैंडलर ईशा खान के इशारे पर हेरोइन का धंधा चलाने की जानकारी दी। ईशा के कहने पर ही उसे गुरजोत व गुरप्रीत से हेरोइन मिलती है। उधर, गुरजोत और गुरप्रीत ने पुर्तगाल में मौजूद नवप्रीत सिंह उर्फ नव को अपना हैंडलर बताया।
गुरप्रीत और नवप्रीत की मुलाकात पंजाब की कपूरथला जेल में अन्य मामलों में बंद रहने के दौरान हुई थी। गुरप्रीत का कहना है कि वे नवप्रीत का आदेश मिलने के बाद ही देश के अलग-अलग राज्यों में हेरोइन की सप्लाई करते हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ड्रग्स को बेचकर हुई कमाई के आतंकी घटनाओं में इस्तेमाल किए जाने की आशंका है और इस नजरिये से भी जांच की जा रही है।
अफगानिस्तान से आता है कच्चा माल, मध्य प्रदेश में बनती है हेरोइन...
पुलिस जांच में पता चला है कि अफगानिस्तान के कई हिस्सों से अफीम व अन्य आवश्यक कच्चा माल भारत भेजा जाता है। तस्कर अफगानिस्तान से वैध तरीके से आने वाले मेवे, खड़िया, जिप्सम पाउडर आदि सामानों के बीच में इसके कार्टन छिपा देते हैं। बाकी सामान के साथ कंटेनर में छिपाकर रखी गई अफीम आदि ईरान से समुद्री मार्ग से मुंबई पहुंच जाती है।
मुंबई से अफीम व अन्य कच्चे माल को मध्य प्रदेश के शिवपुरी लाया जाता है। वहां बनी अस्थायी फैक्टरी में मध्य प्रदेश व दिल्ली की अलग-अलग दुकानों से खरीदे गए विभिन्न रसायनों की मदद से अफीम व बाकी मादक पदार्थों से हेरोइन तैयार की जाती है। हेरोइन तैयार करने की प्रक्रिया में अफगान नागरिक स्थानीय लोगों की मदद करते हैं।
इसके बाद कोरियर (तस्करी का सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाले) की मदद से हेरोइन को देश के अलग-अलग राज्यों में भेज दिया जाता है। पकड़े गए लोग इस रैकेट के इसी नेटवर्क के सदस्य हैं। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क के अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।