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दिल्ली पुलिस ने की इशरत की याचिका खारिज करने की मांग
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में गिरफ्तार पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां की याचिका पर जवाब दाखिल कर उसे खारिज करने की मांग की है। इशरत जहां ने उसके खिलाफ दर्ज मामले में जांच पूरी करने के लिए दिल्ली पुलिस को अतिरिक्त समय दिए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। निचली अदालत ने पुलिस को मामले में आरोप पत्र दायर करने के लिए 60 का अतिरिक्त समय दिया है।
न्यायमूर्ति सुरेश कैत की एकल पीठ के समक्ष पुलिस ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल कर इशरत जहां की याचिका हर्जाने के साथ खारिज करने की मांग की। पीठ इस मामले में अगली सुनवाई मंगलवार को करेगी। इस रिपोर्ट में पुलिस ने कहा कि मामले की जांच के लिए मौजूद कारणों पर विचार करने के बाद निचली अदालत ने आरोप पत्र दाखिल करने के लिए 60 दिनों का अतिरिक्त समय दिया।
हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि इशरत जहां निचली अदालत में ऐसा कोई कारण नहीं दे पाई थीं कि जांच के लिए पुलिस को अतिरिक्त क्यों न दिया जाए। निचली अदालत द्वारा 15 जून को पुलिस को दिए गए अतिरिक्त 60 दिनों का समय दिया था। इसे चुनौती देते हुए इशरत जहां ने दावा किया है कि निचली अदालत का आदेश गलत है और उनके मानवाधिकारों के खिलाफ है। लिहाजा इसे रद्द किया जाए।
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पुलिस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी में सीएए और एनआरसी के विरोध में हुए दंगा मामले में इशरत जहां को कथित रूप से लोगों को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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न्यायमूर्ति सुरेश कैत की एकल पीठ के समक्ष पुलिस ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल कर इशरत जहां की याचिका हर्जाने के साथ खारिज करने की मांग की। पीठ इस मामले में अगली सुनवाई मंगलवार को करेगी। इस रिपोर्ट में पुलिस ने कहा कि मामले की जांच के लिए मौजूद कारणों पर विचार करने के बाद निचली अदालत ने आरोप पत्र दाखिल करने के लिए 60 दिनों का अतिरिक्त समय दिया।
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हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि इशरत जहां निचली अदालत में ऐसा कोई कारण नहीं दे पाई थीं कि जांच के लिए पुलिस को अतिरिक्त क्यों न दिया जाए। निचली अदालत द्वारा 15 जून को पुलिस को दिए गए अतिरिक्त 60 दिनों का समय दिया था। इसे चुनौती देते हुए इशरत जहां ने दावा किया है कि निचली अदालत का आदेश गलत है और उनके मानवाधिकारों के खिलाफ है। लिहाजा इसे रद्द किया जाए।
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पुलिस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी में सीएए और एनआरसी के विरोध में हुए दंगा मामले में इशरत जहां को कथित रूप से लोगों को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया था।