सिम एक्टिवेशन में बड़ा फर्जीवाड़ा: ग्राहकों के बायोमेट्रिक का दुरुपयोग, साइबर ठगों को बेचकर कमाई; ऐसे खुला राज
दिल्ली पुलिस ने फर्जी तरीके से केवाईसी और बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर साइबर ठगों को एक्टिवेटेड सिम कार्ड बेचने वाले एक लाइसेंसधारी टेलीकॉम पीओएस एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी के जरिए जारी 11 सिम कार्ड 18 साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल पाए गए। जानिए पूरा मामला...
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दिल्ली पुलिस ने अनिवार्य केवाईसी नियमों का उल्लंघन करने वाले एक लाइसेंसधारी टेलीकॉम प्वाइंट ऑफ सेल एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर सिम कार्ड एक्टिवेट कर उन्हें देशभर में सक्रिय साइबर ठगों तक पहुंचाने का आरोप है। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी शिवा को दो जुलाई को हिंदूराव अस्पताल के पास से पकड़ा गया।
18 ठगी के मामलों से जुड़ा कनेक्शन
जांच में तीन रिटेल आउटलेट संदेह के दायरे में आए। शिवम टेलीकॉम के जरिये एक्टिवेट किए गए 11 सिम कार्ड 18 साइबर धोखाधड़ी के मामलों में पाए गए। ये मामले देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज हुए थे। पूछताछ में शिवा ने स्वीकार किया कि वह एक्टिवेट किए गए सिम कार्ड बिचौलियों को बेचता था। वह प्रति सिम 500 से 600 रुपये लेता था।
जांचकर्ताओं के अनुसार, इन सिम कार्डों का उपयोग साइबर अपराधी लोगों से संपर्क करने के लिए करते थे। वे वित्तीय धोखाधड़ी करने और डिजिटल भुगतान खाते बनाने में भी इनका इस्तेमाल करते थे। अपराध करते समय अपनी पहचान छिपाने के लिए भी ये सिम काम आते थे। पुलिस ने अवैध रूप से एक्टिवेट किए गए सिम कार्डों से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और एक्टिवेशन दस्तावेज जब्त किए हैं।
आगे की जांच जारी
पुलिस के अनुसार, आरोपी शिवा के खिलाफ पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस अब उन बिचौलियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है। ये सभी फर्जी तरीके से एक्टिवेट किए गए सिम कार्डों की खरीद और आपूर्ति में शामिल थे। मामले की आगे की जांच अभी जारी है।