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दिल्ली वन विभाग : देश के पहले वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर का सर्वे पूरा
Fri, 16 Jul 2021 03:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 16 Jul 2021 03:36 AM IST
सार
- दिल्ली और हरियाणा मिलकर कर रहे हैं इस योजना पर काम
- सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं वन्यजीव, उन्हें सुरक्षित माहौल देने की कवायद
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
असोला भाटी सेंक्चुअरी के नजदीक सूरजकुंड-पाली रोड पर वन्यजीवों के लिए देश का पहला कॉरिडोर बनाने के लिए दिल्ली वन विभाग ने सर्वे पूरा कर लिया है। इससे सड़क पार करने के दौरान वन्यजीवों के साथ होने वाले हादसों में कमी लाने में विभाग को मदद मिलेगी।
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बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के दिल्ली प्रमुख सोहेल मदन के मुताबिक, पिछले पांच साल में करीब पांच तेंदुए मर चुके हैं। वन्यजीव अभ्यारण्य से गुजरने वाली या उससे सटी सड़कों पर यह घटनाएं हुई हैं। गत 28 जून को सड़क पार करने के दौरान दो वर्षीय मादा तेंदुआ मर गई थी, जिसके बाद वन विभाग ने वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर की जरूरत बताई थी। दिल्ली वन विभाग के अधिकारियों ने हरियाणा वन विभाग के अधिकारियों के साथ इस मामले को प्राथमिकता दी।
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वन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, 28 जून की घटना के बाद विभाग ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) से सूरजकुंड-पाली मार्ग पर एक सुरक्षित मार्ग के निर्माण के लिए सर्वेक्षण करने के लिए कहा था। इस पर डीएमआरसी ने अंडरपास निर्माण करने का सुझाव दिया। इस सप्ताह की शुरुआत में इस संबंध में मुख्य चीफ वॉर्डन को एक सिफारिश भी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने कहा कि 28 जून की घटना वाले स्थान पर अंडरपास का निर्माण दिल्ली सरकार करेगी और इसमें हरियाणा की कोई भागीदारी नहीं होगी।
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सोहेल मदन के मुताबिक, वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर के लिए एलिवेटेड सड़क जंगली जानवरों के लिए बेहतर विकल्प होगा। इससे जंगली जानवरों को जमीनी स्तर पर रास्ता मिलेगा।
दक्षिणी दिल्ली में 32.71 वर्ग किमी क्षेत्र को कवर करने वाली वाइल्ड लाइफ सेंचुरी दिल्ली-हरियाणा सीमा पर अरावली पर्वत श्रृंखला का हिस्सा है। यह राजस्थान के सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान से दिल्ली रिज तक फैला हुआ है।
सेंक्चुअरी के पास इन तीन जगहों पर रहता है अधिक यातायात
सेंक्चुअरी के पास भारी यातायात वाली तीन प्रमुख सड़कें हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सूरजकुंड-फरीदाबाद रोड, गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड और महरौली-बदरपुर रोड पर अधिक यातायात का दबाव रहता है। दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर को फरीदाबाद के मंगर गांव को जोड़ने वाली एक और सड़क सेंचुरी से होकर गुजरती है। जब भी कोई तेंदुआ फरीदाबाद की ओर जाता है तो सेंचुरी के दक्षिण में स्थित गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड और पाली रोड से होकर गुजरता है। दिल्ली और हरियाणा के वन विभाग की योजना है कि क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए कई गलियारों का निर्माण कराया जाए।
दुर्घटना वाले तीन स्थानों की पहचान
बांबे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी ने गुरुग्राम-फरीदाबाद और पाली रोड पर ऐसी तीन जगहों की पहचान की है, जहां रास्ता पार करने के दौरान जानवर हादसे में मर जाते हैं। यह तीन जगह सेंचुरी की दीवार से लगी हुई हैं। सोसायटी की ओर से मदन ने कहा कि सेंचुरी से पानी पीने के लिए जानवर फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड को पार करते हैं। इस बीच अक्सर वे सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।