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दिल्ली : एफसीआई के दावों की खुली पोल, गेहूं खरीद के लिए नरेला मंडी में नहीं लगे काउंटर
Sat, 10 Apr 2021 02:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 10 Apr 2021 02:15 AM IST
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एक बैठक में गोपाल राय...
- फोटो : ani
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दिल्ली की मंडियों में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की ओर से गेहूं की खरीद के लिए काउंटर लगाने के दावों की उस वक्त खुल गई जब दिल्ली के कृषि मंत्री गोपाल राय ने नरेला मंडी का दौरा किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि मंडी में एक भी काउंटर नहीं लगाए गए हैं जबकि देश भर की मंडियों में गेहूं की खरीद हो रही है। सवाल उठाया कि आखिरकार दिल्ली की मंडियों में गेहूं की खरीद क्यों नहीं हो रही है।
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कृषि मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले कई दिनों से लगातार किसानों की तरफ से शिकायत मिल रही थी कि नरेला मंडी में न तो एमएसपी पर खरीद की जा रही है और न ही इसके लिए एफसीआई ने काउंटर लगाए हैं। एफसीआई ने एक अप्रैल से खरीद शुरू कर देने का दावा किया, लेकिन एमएसपी पर गेहूं की खरीद नहीं हो रही है। इसके लिए किसानों को दर दर भटकना पड़ रहा है।
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कृषि मंत्री गोपाल राय ने कहा कि किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखकर शुक्रवार को नरेला मंडी का जायजा लिया। इस दौरान मंडी के अध्यक्ष और सचिव ने भी माना कि मंडी में एफसीआई की ओर से काउंटर नहीं लगाए गए हैं। एफसीआई के अधिकारी ने बताया कि उन्होंने गोदाम में काउंटर लगाया हैं, लेकिन वहां खरीदारी नहीं हो रही है। वजह पूछने पर बताया कि किसानों को गिरदावरी देनी है। दिल्ली के गांव शहरी हो गए, इसलिए उनकी गिरदावरी रिपोर्ट तैयार नहीं हुई।
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अब अधिकारी किसानों से कह रहे हैं कि हस्ताक्षर करवाकर लाओ, समस्या है कि हस्ताक्षर के लिए किसान पहले मंडी आए फिर गोदाम। इसमें किसानों का वक्त बर्बाद होगा और परेशनी भी बढ़ जाएगी। नरेला की मंडी काफी बड़ी है यहां हर साल किसान पहुंचते हैं, अगर अनाज को प्रमाणित करने के बाद खरीदारी होगी तो किसानों की मुश्किलें कैसे कम होंगी।
किसानों के हित में सरकार करे कार्रवाई
गोपाल राय ने कहा कि किसानों को एमएसपी के लिए दर दर भटकाया जा रहा है। तीनों कृषि कानूनों के लागू होने पर किसानों को और परेशान किया जाएगा। मंडी की बजाय खरीद के लिए गोदाम में किसानों को बुलाया जा रहा है। वहां भी खरीदारी नहीं हो रही है। कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि किसानों को गेहूं की खरीद के नाम पर अलग अलग तरीके से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि लुकाछिपी से खेलने की बजाय किसानों के हित में कार्रवाई करें।