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दिल्ली : आईआईटी ने बनाया ग्रीन जेनरेटर, नहीं फैलाएगा प्रदूषण
Sun, 06 Jun 2021 05:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 06 Jun 2021 05:06 AM IST
सार
डीजल की बजाय हाइड्रोजन की मदद से चलेगा जेनरेटर
आईआईटी ने पेटेंट के लिए आवेदन किया
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यही है वो जेनरेटर...
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने ऐसा जेनरेटर बनाया है जो डीजल की बजाय हाइड्रोजन की मदद से चलेगा। आइआइटी के शोधकर्ताओं इसे ग्रीन जेनरेटर नाम दिया है। शोधकर्ताओं का दावा है कि स्पार्क-इग्निशन इंजन तकनीक वाला यह जेनरेटर वायु प्रदूषण न के बराबर फैलाएगा। जेनरेटर को विकसित करने के बाद आईआईटी ने पेटेंट के लिए आवेदन किया है।
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आईआईटी के मुताबिक, डीजल से चलने वाले जेनरेटर से काफी विषैले तत्व निकलते हैं, जिससे वातावरण में प्रदूषण फैलता है। यह न सिर्फ वातावरण को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं बल्कि मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी इनका बुरा प्रभाव पड़ता है।
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डीजल जेनरेटर से हाइड्रोकॉर्बन, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोआक्साइड, धुंआ, कार्बन डाइऑक्साइड व पार्टिकुलेट मैटर आदि का उत्सर्जन होता है। यह हवा में घुलकर हमारे शरीर के भीतर प्रवेश कर विभिन्न बीमारियों को जन्म देते हैं।
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इंडियन ऑयल व किर्लोस्कर के साथ मिलकर किया विकसित
आईआईटी ने जेनरेटर को इंडियन ऑयल अनुसंधान एवं विकास केंद्र और किर्लोस्कर आयल इंजन लिमिटेड के सहयोग से विकसित किया है। इसके लिए अलग से ल्यूब्रिकेंटर को भी बनाया गया है। आइआइटी ने दावा किया कि बिना कार्बन उत्सर्जन के बिजली को उत्पादित करने में जेनरेटर सफल रहेगा।
सेंटर फार एनर्जी स्टडीज के प्रो. डा के ए सुब्रमण्यम के मुताबिक, हाइड्रोजन में कार्बन नहीं होता है। यही वजह है कि हाइड्रोजन ईंधन से कार्बन का उत्सर्जन नहीं होता। उन्होंने कहा कि विभिन्न तकनीक के माध्यम से नाइट्रोजन के आक्साइड के उत्सर्जन को कम किया जा सकता है।
उन्होने बताया कि हाइड्रोजन विशेषतौर पर मूर्त उत्पाद के रूप में अमोनिया, रिफाइनरी जैसी फैक्ट्रियों में उपलब्ध है। इसके अलावा इलेक्ट्रोलाइजर का प्रयोग कर पानी का रासायनिक विभाजन कर हाइड्रोजन को निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिजली को इलेक्ट्रोलाइजर की मदद से हाइड्रोजन में परिवर्तित किया जा सकता है। यदि बिजली की मांग बढ़ती है तो आइआइटी के जेनरेटर से हाइड्रोजन का उपयोग कर बिजली उत्पादन किया जा सकेगा।
यह तकनीक विशेष रूप से औद्योगिक इकाइयों के लिए मददगार साबित हो सकती है। डा. ने कहा कि हाइड्रोजन ईंधन के लिए ढांचागत सुविधा मुहैया कराने पर भविष्य में बिजली उत्पादन के लिए डीजल जनरेटर को हाइड्रोजन जनरेटर में परिवर्तित किया जा सकेगा।