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25 कलश में अपने खेत की मिट्टी लेकर गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे किसान, समर्थन का एलान
Mon, 18 Jan 2021 05:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/ साहिबाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/ साहिबाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 18 Jan 2021 05:12 AM IST
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गाजीपुर बॉर्डर पर माटी संकल्प मार्च निकालते किसान...
- फोटो : amar ujala
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केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में 53 दिनों से किसान आंदोलन कर रहे हैं। अन्नदाताओं को समर्थन देने के लिए शनिवार को बहुजन किसान मोर्चा के हजारों किसान तिरंगा यात्रा निकालकर गाजीपुर बॉर्डर पहुचे। यहां वह 25 कलश में अपने खेतों की मिट्टी भी साथ लेकर आए। मोर्चा के किसानों का कहना है कि कानूनों की वापसी तक वह यहां टिके रहेंगे।
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गाजीपुर बॉर्डर पर रविवार को जन सैलाव नजर आया। बहुजन किसान मोर्चा के करीब 3 हजार सदस्य हाथ में तिरंगा लेकर यहां पहुंचे। इस दौरान उन्होंने किसानों के समर्थन में लगातार नारे लगाए और सरकार से कानून वापस लेने की मांग कि। यह सभी लोग अपने साथ 25 कलश में दिल्ली,एनसीआर, और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की मिट्टी लेकर यहां आए थे। मंच के पास जब यह लोग पहुंचे तो वहां काफी भीड़ हो गई।
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वॉलंटियर्स ने आकर भीड़ को संभाला और मंच के पास सारी व्यवस्था का प्रबंधन किया। एक विशाल जन सभा में मोर्चा के सदस्यों ने किसानों को संबोधित किया और एक-एक करके सभी 25 कलश संयुक्त किसान कमेटी के सदस्य बलजिंदर सिंह मान को सौंपे। मान ने कहा कि बहुजन समाज के किसानों के यहां आने से उनके आंदोलन को काफी समर्थन मिला है। आंदोलन में अब सभी धर्म और संप्रदाय के लोग आ रहे हैं। इससे देश की एकता का पता चलता है।
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बहुजन किसान मोर्चा के सदस्य कवलजीत कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार के नए कानूनों से किसान और मजदूर दोनों को ही परेशानी होगी। वह भी एक किसान हैं और उनकी समस्याओं को समझते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कई साथी ऐसे भी हैं, जो मजदूर हैं। यह लड़ाई किसान और मजदूर दोनों की है। इसलिए जब तक कानून वापस नहीं हो जाते। उनके सभी साथी यहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वह कलश लेकर आएं है। आने वाले दिनों मे अपने क्षेत्र की अन्य चीजें भी यहां लाकर किसानों का समर्थन करेंगे।