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बजट आज, हर वर्ग को सौगात की चाह, 'संक्रमण काल' के बाद बढ़ गई सरकार से आस 

Mon, 01 Feb 2021 03:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा नवनीत शरण, नई दिल्ली
नवनीत शरण, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 01 Feb 2021 03:27 AM IST
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Budget 2021: Expectations, live updates and news
बजट - फोटो : pixabay

आम बजट आज पेश होगा। हर साल बजट से सभी वर्ग के लोगों को उम्मीद रहती है। मध्य वर्ग आयकर छूट बढ़ने की उम्मीद करता है तो आम लोग बेहतर परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा के इंतजाम पर नजर रखते हैं। उद्योग के साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर भी सस्ते वित्त आदि राहतों की उम्मीद रखता है। किसान सस्ते ऋण और सिंचाई आदि के लिए किए गए इंतजाम पर नजर रखते हैं। पिछला पूरा साल कोरोना से जूझते हुए गुजरा है। इसलिए सभी वर्गों को सरकार से अपने लिए राहत की उम्मीद लगी र्हुई है। वैसे यह जरूरी भी है, क्योंकि पिछले साल की निगेटिव विकास दर को कम करने के लिए सरकार उम्मीद से भी आगे के कदम उठा सकती है।

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दिल्लीवालों की मांग बेहतर यातायात
दिल्ली के हर वर्ग की मांग बेहतर यातायात व्यवस्था है। कामकाजी लोग मेट्रो, ट्रेन, सड़क मार्ग व सार्वजनिक परिवहन से कम समय में कार्यालय पहुंचने के लिए कई योजनाओं के पूरे होने और नई योजनाएं शुरू होने की बाट जोह रहे है। उद्यमियों-व्यापारियों की नजर भी इन योजनाओं पर है। मेट्रो फेज-4 को लेकर तो खासा उत्साह है। इसमें नरेला तक मेट्रो से जाने, लाइट मेट्रो कनेक्टिविटी, बुराड़ी, मुकुंदपुर, कीर्ति नगर से द्वारका, तुगलकाबाद-एरोसिटी, आरके आश्रम-जनकपुरी वेस्ट, मौजपुर-मजलिस पार्क समेत कई इलाकों की कनेक्टिविटी का इंतजार है। साथ ही, लोकल ट्रेन को फास्ट ट्रैक बनाने और रिंग रेल बेहतर होने की भी उम्मीद है। दिल्ली के स्टेशनों पर विश्वस्तरीय सुविधा, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कोविड महामारी के बाद अस्पतालों में सुविधा बेहतर होने की भी उम्मीद है। किफायती इलाज, स्वास्थ्य बीमा योजना की भी जरूरत है। लोग दिल्ली की आबोहवा बेहतर होने की भी उम्मीद लगाए हुए हैं।
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हर किसी को आशियाने की चाहत
दिल्ली में आज भी ज्यादातर लोग किराए के मकानों में रहते हैं। ऐसे में हर वर्ग को अपने लिए एक अदद आशियाने की चाहत है। आम से लेकर खास वर्ग तक के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ दिल्ली विकास प्राधिकरण के फ्लैटों और निजी डेवलपर की अफोर्डेबल स्कीम की उम्मीद है। रियल एस्टेट से जुड़े लोग आम बजट से राहत की उम्मीद लगाए हैं। रोलर-कोस्टर की सवारी की तरह इस सेक्टर में काफी उथल-पुथल रही। यह सेक्टर सरिया, सीमेंट, कंक्रीट समेत अन्य निर्माण सामग्री की कीमतें कम होने के प्रावधान का इंतजार कर रहा है। गृह निर्माण सामग्री पर जीएसटी 18 से घटाकर 5 प्रतिशत करने की उम्मीद है। 
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उद्योग और व्यापार जगत
कोविड काल में धराशायी उद्योग व व्यापार जगत को बजट से खासी आस है। पिछले साल एनसीआर के हजारों उद्योग प्रभावित हुए और कई बंद भी हुए। बजट से एक बार फिर उद्योग जगत आशा लगा रहा है। स्टील, कॉपर के भाव में भी कमी, लघु उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सेक्टर की मांग अपने लिए बजट प्रावधान दोगुना करने की है। लघु और मध्यम उद्योग की उम्मीदें अलग हैं। उद्योग में नकदी का प्रवाह बढ़ाने की नीति का इंतजार है। बाजार में तरलता से ही आर्थिक गतिशीलता संभव है।
 

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यह बोले विशेषज्ञ...

परिवहन के लिए ज्यादा प्रावधान जरूरी
यातायात व्यवस्था विकास की प्राण वायु है। इसके लिए ज्यादा धन चाहिए। रेल ट्रैक के दोहरीकरण, समय पालन, संरक्षा और सुरक्षा वाली योजनाओं पर विशेष खर्च होना चाहिए। ट्रैक के दोहरीकरण से लोकल ट्रेनें भी फास्ट होंगी। समर्पित मालगाड़ी गलियारे से उद्यमियों व व्यापारियों को भी सहूलियत मिलेगी। आम जनता के लिए फाटकों के स्थान पर आरओबी और आरयूबी बनाए जाने पर बल दिया जाना चाहिए। 
- अजय पूठिया, उत्तर रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक 

डेवलपर्स के साथ ही खरीदारों की भी आस
यह साल भारत में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सुनहरा साबित होगा। डेवलपर्स के साथ ही खरीदारों को भी बजट से ऊंची आशाएं हैं। मध्य आय समूह के लिए क्रेडिट लिंक सब्सिडी योजना के विस्तार, अनुबंध बचत योजनाओं या रियल एस्टेट निवेश ट्रस्टों के उपयोग के प्रावधानों पर नजर होगी। यह नए निवेश के अवसरों को अनलॉक करेगा। उद्योग जगत को निर्माण सामग्री पर जीएसटी घटने की भी उम्मीद है। 
- सुनील कुमार सिसोदिया, रियल स्टेट उद्यमी

प्राइमरी से शुरू हो कौशल विकास
शिक्षा के क्षेत्र में कौशल विकास माध्यमिक नहीं, प्राइमरी स्तर से शुरू होना चाहिए। पिछले साल इंटरनेट ने अपनी उपयोगिता को पढ़ाई में बखूबी साबित किया है। ऐसे में सभी क्लास को स्मार्ट बनाने के प्रावधान जरूरी हैं।
- सुनील, विशेषज्ञ

लघु उद्योग को बढ़ावा दिया जाए
व्यापार जगत को अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ने से ही राहत मिलेगी। इसलिए बजट में सरल ऋण व्यवस्था, ब्याज में कमी और सरकारी योजनाओं के क्रियान्यवयन को असान बनाने की उम्मीद है। आत्मनिर्भर अभियान के तहत लघु उद्योग को बढ़ावा दिया जाए। करों का भार कम होना चाहिए। लोकल ब्रांड पर फोकस रहना चाहिए।
- देवराज बावेजा, उद्यमी-व्यापारी

स्टार्ट-अप को मिले बढ़ावा 
बजट में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने वाली नीति की आस है। कोविड काल में नए उद्यमियों ने जिस तरह खुद को ढाला वह मिसाल है। युवा देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। बड़ी-बड़ी कंपनियां भी कोविड के दौर में धराशायी हो गईं। लॉकडाउन का अंधेरा छंटने के बाद युवा मिसाल बनकर लोगों को रोजगार देंगे।
- वसुधा श्रीवास्तव, आंत्रप्रिन्योर

इन्होंने भी लगा रखी हैं बड़ी उम्मीदें
प्रोफेशनल
कोरोना काल में बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हुए। काफी को वेतन आधा ही मिल रहा है। ऐसे में बजट से रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रावधान की उम्मीद है। सरकार से ऐसे लोगों के लिए विशेष पैकेज की भी उम्मीद है।
- करण कटेवड़िया (हार्डवेयर इंजीनियर)
छात्र
आजकल पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से हो रही है। भविष्य में भी गैजेट्स का उपयोग बढ़ने की संभावना है। इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को गैजेट्स पर सब्सिडी दी जानी चाहिए। सरकार पढ़ाई में कौशल विकास पर ध्यान दे, जिससे छात्र आत्मनिर्भर बन सकें।
- शैलेंद्र सिंह (लॉ स्टूडेंट दिल्ली विश्वविद्यालय)
बुजुर्ग
सम्मानपूर्ण जीवन-यापन के लिए रियायतें शुरू होना जरूरी है। उम्मीद है कि रेल में बंद की गई रियायत फिर शुरू होगी। बजट में बुजुर्गों को भी आत्मनिर्भर बनाने के लिए कोई प्रावधान होगा। खासकर अपना व्यापार करने वाले बुजुर्गों को टैक्स मेें राहत और सहायता पैकेज मिलना चाहिए।
- मदन लाल (बुजुर्ग)
महिला  
उम्मीद है कि बजट में महिला सुरक्षा, महंगाई रोकने, गैस के दाम कम करने के बारे में सोचा गया होगा। रसोई में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर महंगाई की मार न पड़े। बजट ऐसा हो, जिससे रसोई का बजट न बिगड़े। 
- नमिता वर्मा

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