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Delhi: दिल्ली के लोगों को दिवाली का उपहार, 314 प्रतिष्ठान अब चौबीसों घंटे रहेंगे खुले, एलजी ने दी अनुमति
Mon, 10 Oct 2022 04:05 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 10 Oct 2022 04:05 AM IST
सार
अगले सप्ताह से 300 से अधिक प्रतिष्ठान राष्ट्रीय राजधानी में चौबीसों घंटे काम कर सकेंगे। दिल्ली एलजी ने 300 से अधिक प्रतिष्ठानों को चौबीसों घंटे संचालित करने की मंजूरी दे दी है।
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विनय कुमार सक्सेना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली के होटल, रेस्तरां, दवाईयों की डिलीवरी, बीपीओ और केपीओ, अब 24 घंटे खुलेंगी। उपराज्यपाल ने दिवाली से पहले दिल्ली के ऐसे 314 संस्थाओं और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों के आवेदनों को छूट देने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इनमें से कुछ आवेदन 2016 से लंबित हैं।
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दिल्ली में चौबीसों घंटे सेवाएं शुरू होने से दिल्ली के विकास को नई रफ्तार मिलेगी और नाइट लाइफ को भी बढ़ावा मिलेगा। एलजी ने इस आशय की अधिसूचना सात दिनों के अंदर जारी करने का निर्देश दिया है। इसे दिवाली से पहले का दिल्लीवासियों को तोहफा माना जा रहा है।
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दिल्ली दुकान और स्थापना अधिनियम, 1954 की धारा 14, 15 और 16 के तहत यह छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इससे रोजगार सृजन के साथ साथ कारोबारी माहौल को भी बढ़ावा मिलेगा। श्रमिकों की सुरक्षा और हितों से जुड़े पहुलओं पर मंथन के बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
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24 घंटे जरूरी प्रतिष्ठानों और संस्थाओं को खोलने की अनुमति मिलने से दिल्ली के विकास को नई दिशा मिलेगी। अब तक श्रम विभाग के पास कुल 346 लंबित आवेदनों में 18 वर्ष 2016 के हैं। 26 आवेदन 2017 के जबकि 83 आवेदन 2018 और 2019 के 25 आवेदन लंबित है। 2020 के चार जबकि श्रम विभाग की ओर से 2021 के 74 आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अलग अलग वजहों से इन आवेदनों को लंबित रखा गया।
सूत्रों के मुताबिक, सिर्फ 02 आवेदनों के कारण 2017 और 2021 के एक-एक आवेदन पर विचार कर उन्हें मंजूरी के लिए भेजा गया था। श्रम विभाग के इस रवैये को देखकर भ्रष्ट आचरण के संकेत मिलते हैं। आवेदनों को चुनने में गैर पेशेवर और चुनिंदा पर ही विचार किया जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। इस तरह की व्यवस्था से भ्रष्टाचार को बढ़ावा भी मिल सकता है। इन आवेदनों का निपटारा करने में अत्यधिक देरी से कारोबार और कारोबारियों का विश्वास भी धीरे धीरे कम होने लगता है।
एलजी ने दोहराया कि श्रम विभाग से एलजी सचिवालय को अवलोकन और मंजूरी के लिए भेजे जाने वाले प्रस्तावों के लिए एक डिजिटल तंत्र स्थापित किया जाएगा। एलजी ने कहा कि श्रम विभाग की तरफ से सरल तकनीक को जल्द अपनाने के लिए पहल करनी होगी। इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए नियामक ढांचे में सुधार होगा।
एलजी ने सख्ती से सलाह दी है कि ऐसे आवेदनों का निपटारा तयशुदा समय में करें ताकि निवेशकों के अनुकूल माहौल तैयार हो सके। इससे कारोबारी माहौल में सकारात्मक विश्वास पैदा होगा और बड़े पैमाने पर दिल्ली के उद्यमी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। एलजी ने श्रम विभाग को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि भविष्य में इस तरह की देरी ना हो इसके लिए एक तंत्र विकसित करें जो पारदर्शी और प्रभावी हो। इससे लम्बित मामलों की वजह का पता लगेगा और देरी के लिए जिम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सकेगी।