{"_id":"61e09b376b03a74bc5746ba4","slug":"delhi-high-court-said-vaccination-of-elderly-and-sick-citizens-should-be-done-soon","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना पर वार : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- बुजुर्गों और बीमार नागरिकों का जल्द हो टीकाकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना पर वार : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- बुजुर्गों और बीमार नागरिकों का जल्द हो टीकाकरण
Fri, 14 Jan 2022 03:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 14 Jan 2022 03:05 AM IST
सार
डोर टू डोर कोविड-19 टीकाकरण के लिए तत्काल नीति बनाने संबंधी याचिका पर हुई सुनवाई।
विज्ञापन
दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोविड-19 महामारी के बढ़ते प्रकोप पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द बुजुुर्गों और बीमार व्यक्तियों का टीकाकरण करना चाहिए। अदालत ने यह आदेश वरिष्ठ नागरिकों के लिए डोर-टू-डोर टीकाकरण पर तत्काल नीति बनाने मांग संबंधी याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान दिया।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ को 84 वर्षीय याचिकाकर्ता के वकील ने सूचित किया कि वह बिस्तर पर हैं। हेल्पलाइन पर कॉल करने के बाद भी उन्हें टीका नहीं लगा। याचिकाकर्ता के वकील मनन अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार का दावा है कि डोर-टू-डोर टीकाकरण अभियान चल रहा था। अगर डोर-टू-डोर अभियान चल रहा होता तो याचिकाकर्ता को अब तक टीका लग जाना चाहिए।
विज्ञापन
पीठ ने दिल्ली सरकार की वकील आयुषी बंसल से कहा कि इस अभियान के तहत अब तक कितने लोगों को टीके लगाए गए हैं, इसकी जांच करें। दिल्ली सरकार के वकील से पूछा कि क्या इस बीच वृद्ध महिला को टीका लगाया जा सकता है। केंद्र सरकार के स्थायी वकील अनुराग अहलूवालिया ने कहा कि दिव्यांग और बिस्तर पर पड़े लोगों को टीका लगाने का अभियान 22 सितंबर, 2021 को शुरू हुआ। ‘
विज्ञापन
हर घर दस्तक’ अभियान के तहत एक नवंबर 2021 से टीकाकरण की शुरुआत हुई। बावजूद याचिकाकर्ता की ओर से हेल्पलाइन पर कॉल करने के बाद भी टीका क्यों नहीं लगा, इस बारे में दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। दिल्ली सरकार के वकील की ओर से वक्त मांगे जाने पर अदालत ने इस मामले की सुनवाई को 20 जनवरी के लिए सूचीबद्ध किया।