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दिल्ली हाईकोर्ट: पाकिस्तान पर है भारत का एक लाख करोड़ का कर्ज, लौटाने की मांग के लिए निर्देश देने वाली याचिका खारिज

Mon, 21 Mar 2022 06:14 PM IST
अनुराग सक्सेना पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Mon, 21 Mar 2022 06:14 PM IST
सार

याचिकाकर्ता ने कहा कि बंटवारे के तुरंत बाद भारत द्वारा पाकिस्तान को 20 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया और उस धन से उन्होंने कश्मीर पर हमला किया। यह धन अब लगभग एक लाख करोड़ रुपये हो चुका है। पाकिस्तानी मुद्रा में इसका मूल्य लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये होगा।

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Delhi High Court: Pakistan has a debt of one lakh crores of India petition seeking directions to return it dismissed
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एक याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें पाकिस्तान पर बंटवारे के बाद भारत के एक लाख करोड़ रुपये के कर्ज को वापस करने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार इस राशि को लेने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है।

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चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की सदस्यता वाली पीठ ने कहा कि यह सरकार की नीति का मुद्दा है और इस संबंध में कोर्ट की ओर से कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता। पीठ ने कहा कि यह मुद्दा सरकार के प्रकाश में है और वह जो चाहेगी वैसा कदम उठाएगी और कोर्ट कोई निर्देश नहीं दे सकता।

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कोर्ट ने ओम सहगल की याचिका को खारिज कर दिया। ओम सहगल का कहना था कि पाकिस्तान बार-बार भारत में कश्मीर व अन्य स्थानों पर हमला करने के लिए भारत सरकार के पैसे का उपयोग करता रहा है और उसके द्वारा शुरू किए गए युद्धों में देश के अनगिनत सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं। केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सोलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने कहा कि भावनाओं को देखते हुए याचिकाकर्ता सही हो सकता है लेकिन यह मुद्दा नीतियों का है और इसे सरकार पर छोड़ देना चाहिए।

पाकिस्तान ले चुका है भारत से 300 करोड़ रुपये का कर्ज

याचिकाकर्ता ने यह दावा करते हुए कई दस्तावेज भी पेश किए कि पाकिस्तान भारत से आजादी से पहले और बाद में 300 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुका है और अब यह राशि ब्याज के साथ लगभग एक लाख करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए कोर्ट से वित्त मंत्रालय को यह मुद्दा पाकिस्तान सरकार के साथ तत्काल उठाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर भारत के एक लाख करोड़ रुपये के कर्ज के दस्तावेज लगभग 100 पन्नों में हैं। इसे हटाकर मैं जानता हूं कि वित्त मंत्रालय से बंटवारे से पहले के कर्ज की फाइलें कब गायब हो गईं। अपने बयान की पुष्टि के लिए मेरे पास लगभग 100 पत्र हैं।

पाकिस्तान मुद्रा में कीमत लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये

याचिकाकर्ता ने आगे कहा कि यह धन भारत की जनता का है। न्याय होना चाहिए। बंटवारे के तुरंत बाद भारत द्वारा पाकिस्तान को 20 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया और उस धन से उन्होंने कश्मीर पर हमला किया। हजारों लोग मारे गए लेकिन हमारा धन अभी भी पाकिस्तान पर है। यह धन अब लगभग एक लाख करोड़ रुपये हो चुका है। पाकिस्तानी मुद्रा में इसका मूल्य लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये होगा। हमारे सैनिक जिन गोलियों का सामना करते हैं, वह हर गोली हमारे पैसे से खरीदी गई है। मैं सत्ता में मौजूद राजनीतिक दलों के बारे में कुछ नहीं बोल सकता लेकिन कोर्ट से निर्देश देने का आग्रह करता हूं।

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