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दिल्ली: सरकारी नर्सरी में खुला 'सेहत का खजाना', 14 जगहों से मुफ्त ले सकते हैं 25 औषधीय पौधे
Sun, 17 Oct 2021 04:33 AM IST
Kuldeep Singh
किशन कुमार, नई दिल्ली
किशन कुमार, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 17 Oct 2021 04:33 AM IST
सार
दिल्ली की सरकारी नर्सरी से सेहत के खजाने के रूप में 19 किस्म से अधिक औषधीय पौधे मिल जाएंगे, जो मधुमेह, दिल, लिवर समेत अन्य अंगों से जुड़ी बीमारियों से दूर रखने में मदद करेंगे। खास बात यह है कि इन पौधों को लेने के लिए कोई शुल्क भी नहीं देना होगा। सिर्फ कागजी प्रक्रिया को पूरा कर आप आसानी से इन पौधों को घर ले जा सकते हैं।
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दिल्ली में सरकार नर्सरी
- फोटो : twitter
विस्तार
यदि आप भागदौड़ भरी जिंदगी में प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रहना चाहते हैं तो दिल्ली की सरकारी नर्सरी आपकी बेहतर मंजिल हो सकती है। यहां सेहत के खजाने के रूप में 19 किस्म से अधिक औषधीय पौधे मिल जाएंगे, जो मधुमेह, दिल, लिवर समेत अन्य अंगों से जुड़ी बीमारियों से दूर रखने में मदद करेंगे। खास बात यह है कि इन पौधों को लेने के लिए कोई शुल्क भी नहीं देना होगा। सिर्फ कागजी प्रक्रिया को पूरा कर आप आसानी से इन पौधों को घर ले जा सकते हैं।
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दिल्ली की 14 नर्सरी से ले सकते हैं 25 मुफ्त पौधे, इससे ज्यादा की भी गुंजाइश
राजधानी में विभिन्न जगहों पर दिल्ली सरकार की 14 नर्सरी हैं, जहां पौधों की सैकड़ों प्रजातियां हैं। इनमें औषधीय पौधों को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक प्राकृतिक उपचार को पहुंचाना है। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से जोर दिए जाने के बाद विभाग ने अपनी 14 नर्सरी को उन्नत करना शुरू कर दिया है। औषधीय पौधे की अधिक उपज पर जोर दिया जा रहा है।
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बीमारियों से परेशान लोगों की बढ़ रही आवाजाही, प्राकृतिक रूप से सेहतमंद रखने की कोशिश
मध्य डिवीजन के उपवन संरक्षक आदित्य मदनपोत्रा के मुताबिक, आईटीओ नर्सरी में पॉली हाउस बनाने के साथ शेड का निर्माण किया जा रहा है। इससे पौधों को अनुकूल माहौल मिलेगा और उनका तेजी से विकास होगा, जिससे लोगों की मांग को भी पूरा किया सकेगा। आईटीओ नर्सरी के इंचार्ज सन्नी सेहरावत के मुताबिक, कोरोना महामारी के बाद से यहां लगातार लोग पौधों के लिए आते हैं। हालांकि, अभी भी कुछ लोगों को इस तरह की सुविधा के बारे में नहीं पता है। यहां आने वाले लोगों को हाथों हाथ 25 पौधे मुफ्त में दिए जाते हैं। इससे अधिक पौधे लेने पर जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाती है।
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कोरोना महामारी आने के बाद लोगों ने औषधीय पौधों के गुणों को स्वीकारा है। यही वजह है कि इसकी मांग अभी भी बनी हुई है। इनका सेवन करना विभिन्न अंगों के लिए लाभदायक है। कई लोग जेनेरिक दवाइयां खाने के आदि हैं। यदि वह औषधीय पौधे के सेवन करना शुरू करें तो दवाइयों से मुक्ति पा सकते हैं। - डॉ. आरपी पराशर, आयुर्वेदिक डॉक्टर
नर्सरी में मिलने वाले पौधे
- आंवला, अमरूद, अर्जुन, बेलपत्रा, बहेड़ा, कड़ी पत्ता, घृतकुमारी, गिलोय, जामुन, नीम, नींबू, सहजन और तुलसी, भृंगराज, भूमि आंवला, स्टीविया, लेमनग्रास, अश्वगंधा व ड्रम स्टीक।
पौधों के गुण
- आंवला : हृदय, सर्दी जुकाम, त्वचा व पाचन में लाभकारी। विटामिन-सी से भरपूर।
- अमरूद : विटामिन-सी, कैल्शियम और फास्फोरस का अच्छा स्रोत। मधुमेह, डायरिया, खांसी, कैंसर, हृदय और उच्च कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।
- अर्जुन कैंसर, त्वचा, हृदय व स्त्री रोग में लाभकारी।
- बेलपत्रा : खून को साफ करने में करता है मदद। डायरिया, कैंसर व पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर रखता है।
- बहेड़ा : आंखों के इलाज में प्रयोग होता है। कुष्ठ रोग में इस्तेमाल करने के साथ इसके बीजों से निकले वाले तेल को बालों में भी लगाया जाता है। इसके तेल का साबुन बनाने में इस्तेमाल होता है।
- कड़ी पत्ता : वजन कम करने में लाभकारी। तनाव कम करने, मधुमेह, आंखों की रोशनी बढ़ाने में करता है मदद।
- घृतकुमारी : त्वचा को निखारने के साथ पाचन तंत्र को मजबूत करता है। एंटी ऑक्सीडेंट व विटामिन से भरपूर।
- गिलोय : रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ बुखार में लाभकारी। चिड़चिड़ापन व तनाव को कम करता है।
- जामुन : वीटामिन-ए और विटामिन-सी भरपूर। मधुमेह को नियंत्रित करता है। अस्थमा, डायरिया, अल्सर व खून को शुद्ध करने में मदद करता है।
नीम : रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। दांतों के लिए इलाज में लाभकारी, मलेरिया, कुष्ठ रोग, पेट के छाले, भूख, लिवर और मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं में होता है प्रयोग।
- नींबू : वजन बढ़ने से रोकता है। पाचन तंत्र को ठीक रखता है। गले के दर्द में लाभकारी व त्वचा को निखारने में मदद करता है।
- तुलसी : अस्थमा, खांसी, गले का दर्द, निम्न रक्तचाप, मधुमेह व पाचन तंत्र में लाभकारी।
यहां मिलेंगे पौधे
- आनंद विहार नर्सरी (बस अड्डे के पीछे)
- आटीओ नर्सरी (भैरों मार्ग)
- कमला नेहरू नर्सरी (नॉर्थ कैंपस डीयू)
- कोंडली नर्सरी (हिंडन कट के पास)
- रेवला खानपुर नर्सरी (रेवला खानपुर)
- खरखरी जटमल (खरखरी गांव)
- बरार स्कॉयर (दिल्ली कैंट रिंग रोड)
- बिरला मंदिर नर्सरी (बिरला मंदिर के नजदीक)
- पूंठकला नर्सरी (सुल्तानपुर बस टर्मिनल)
- कुतुबगढ़ नर्सरी
- मामुरपुर नर्सरी
- तुगलकाबाद नर्सरी
- हौजरानी नर्सरी (एमबी रोड साकेत)
- अलीपुर नर्सरी (सरकारी सीड फार्म के पास)